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Galgotia University News : “संघर्ष में झुकना सीखो, तभी ऊंचाई छुओगे”, गलगोटिया यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में गूंजा प्रेरणा का संदेश, इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. ए. एस. किरण कुमार का संदेश—“सीखना कभी बंद मत करो”, चांसलर सुनील गलगोटिया का प्रेरक मंत्र—“आंधी में झुकना ही असली ताकत”

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। गल्गोटिया विश्वविद्यालय में 10वां दीक्षांत समारोह भव्य और गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत का उत्सव बना, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य की नई शुरुआत का प्रतीक भी रहा। समारोह में गणमान्य अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों की बड़ी उपस्थिति ने इसे एक यादगार अवसर बना दिया।


ज्ञान, गौरव और उपलब्धियों का संगम
इस वर्ष कुल 6,656 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जिनमें
73 पीएचडी शोधार्थी
3,953 स्नातक छात्र
2,250 स्नातकोत्तर विद्यार्थी
199 डिप्लोमा धारक
181 इंटीग्रेटेड प्रोग्राम के छात्र शामिल रहे
यह उपलब्धि विद्यार्थियों के समर्पण, अनुशासन और अकादमिक उत्कृष्टता का प्रमाण बनी।

इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. ए. एस. किरण कुमार का संदेश—“सीखना कभी बंद मत करो”
समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. ए. एस. किरण कुमार (पूर्व अध्यक्ष, ISRO) ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि डिग्री प्राप्त करना केवल एक पड़ाव है, मंजिल नहीं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि तेजी से बदलती तकनीक के इस युग में निरंतर सीखते रहना, जिज्ञासु बने रहना और खुद को परिस्थितियों के अनुसार ढालना ही सफलता की कुंजी है।


चांसलर सुनील गलगोटिया का प्रेरक मंत्र—“आंधी में झुकना ही असली ताकत”
विश्वविद्यालय के चांसलर सुनील गलगोटिया ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को जीवन का गहरा संदेश दिया।
उन्होंने कहा— “जैसे आंधी में मजबूत पेड़ झुक जाता है, लेकिन टूटता नहीं और बाद में और अधिक ताकतवर होकर खड़ा होता है, वैसे ही जीवन में आने वाली चुनौतियों के सामने धैर्य और लचीलापन बनाए रखना जरूरी है।”
उन्होंने छात्रों को हर कठिनाई को अवसर में बदलने की सोच विकसित करने की सलाह दी।

जल संरक्षण का संदेश—युवाओं की जिम्मेदारी
प्रख्यात समाजसेवी उमा शंकर पांडेय ने अपने संबोधन में जल संरक्षण की अहमियत पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि आज जल संरक्षण की जानकारी सीमित है, जबकि पानी का व्यावसायिक उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में युवाओं को जागरूक होकर इस दिशा में जिम्मेदारी निभानी होगी।


अनुशासन और सोच—सफलता की असली कुंजी
आर. जी. अग्रवाल (चेयरमैन एमेरिटस, धनुका एग्रीटेक) ने विद्यार्थियों को अनुशासन, निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच को अपनाने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि आत्म-नियंत्रण और नियमितता के बिना कोई भी व्यक्ति दीर्घकालिक सफलता हासिल नहीं कर सकता।

प्लेसमेंट में शानदार प्रदर्शन—1,200+ कंपनियों की भागीदारी
विश्वविद्यालय ने इस वर्ष अपने मजबूत प्लेसमेंट रिकॉर्ड को भी साझा किया। टेक्नोलॉजी और बिजनेस सेक्टर में अवसर प्रदान करने के लिए 1,200 से अधिक कंपनियों ने कैंपस में भाग लिया, जिनमें प्रमुख नाम शामिल हैं:
Infosys
Cognizant
Accenture
EY
Capgemini इससे विद्यार्थियों को करियर की मजबूत शुरुआत के अवसर मिले।

वैश्विक रैंकिंग में मजबूत पहचान
QS World University Rankings 2026 में विश्वविद्यालय को 1201-1400 की वैश्विक श्रेणी में स्थान मिला है। भारत में यह शीर्ष निजी विश्वविद्यालयों में 15वें स्थान पर और कुल मिलाकर 43वें स्थान पर है।
वहीं, Times Higher Education 2025 रैंकिंग में यह भारत में 45वें स्थान और वैश्विक स्तर पर 1001-1200 श्रेणी में शामिल रहा।
केवल 14 वर्षों में ही NAAC के पहले चक्र में A+ मान्यता प्राप्त करना विश्वविद्यालय की गुणवत्ता शिक्षा का प्रमाण है।


“डिग्री नहीं, जिम्मेदारी की शुरुआत”
गलगोटिया विश्वविद्यालय का यह दीक्षांत समारोह केवल डिग्रियां बांटने का कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह जीवन के नए अध्याय की शुरुआत का संदेश देने वाला मंच बना।
यहां दिए गए प्रेरक विचार, मार्गदर्शन और उपलब्धियां विद्यार्थियों को न केवल करियर में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने की दिशा में भी मार्गदर्शन देंगी।

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