ग्रेटर नोएडाधार्मिक

Ram Katha News : “राम कथा के 9वे दिन बरसी ‘अमृत वाणी, अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक की भावपूर्ण व्याख्यासे भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, रामायण के आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान

ग्रेटर नोएडारफ़्तार टूडे।  

ग्रेटर नोएडा के ऐछरबिरोड़ासेक्टर पाई-1 स्थित रामलीला मैदान में श्री धार्मिक रामलीला कमेटी के तत्वाधान मेंआयोजित श्रीराम कथा का नवां दिन भक्तिज्ञान और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। इस पावन अवसर परअंतर्राष्ट्रीय कथावाचक अतुल कृष्ण भारद्वाज जी महाराज ने अपनी अमृतमयी वाणी से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करदिया। कथा के दौरान उन्होंने धर्मसत्य और मर्यादा के गूढ़ संदेशों को सरल भाषा में प्रस्तुत करते हुए जीवन जीनेकी सही दिशा बताई।

 “रामायण सिखाती है जीवन जीने की कलामहाराज जी का संदेश

कथा व्यास अतुल कृष्ण भारद्वाज जी ने श्रीराम कथा के अंतिम दिवस का वर्णन करते हुए कहा कि रामायणकेवल एक धार्मिक ग्रंथ नहींबल्कि जीवन जीने की एक संपूर्ण मार्गदर्शिका है। उन्होंने बताया कि यह हमें आदरसेवात्याग और मर्यादा का महत्व सिखाती है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दूसरों की संपत्ति पर कभीअधिकार नहीं जताना चाहिएचाहे वह कितनी ही मूल्यवान क्यों  हो।

सीताहरण से लेकर रावण वध तकमार्मिक प्रसंगों ने किया भावुक

कथा के दौरान महाराज जी ने सीताहरणलंका दहनरामरावण युद्ध और विभीषण के राज्याभिषेक जैसेमहत्वपूर्ण प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। इन प्रसंगों के माध्यम से उन्होंने यह संदेश दिया कि बुराई औरअसत्य कभी स्थायी नहीं होतेअंततः सत्य और धर्म की ही विजय होती है।

सेवा ही सच्ची भक्तिदीनदुखियों की मदद का दिया संदेश

कथा में यह भी बताया गया कि भगवान कणकण में विराजमान हैं और उनकी सच्ची भक्ति दीनदुखियों औरजरूरतमंदों की सेवा में निहित है।

महाराज जी ने कहा कि जिस प्रकार भगवान श्रीराम ने वनवास के दौरान वनवासियों और आदिवासियों के कष्ट दूरकिएउसी प्रकार हमें भी समाज के कमजोर वर्गों की सहायता करनी चाहिए।

संगठन में शक्तिसमाज की बुराइयों को खत्म करने का आह्वान

कथा व्यास ने अपने प्रवचन में संगठन की शक्ति पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जब अच्छे लोग एकजुट होते हैंतो समाज की बुराइयों का अंत निश्चित होता है।

उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे श्रीराम के आदर्शों को अपनाते हुए समाज में सकारात्मक बदलावलाने के लिए संगठित हों।

हनुमान भक्ति और राम नाम का महत्वजीवन में शामिल करने की सीख

कथा के समापन पर महाराज जी ने हनुमान जी का उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान के नाम का सुमिरन औरकीर्तन जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यही भक्ति हमें मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति की ओर ले जाती है।

यजमानों और गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति

आज की कथा के मुख्य यजमान श्री हरवीर मावी रहेजबकि सहयजमान के रूप में शेर सिंह भाटी और धीरजशर्मा उपस्थित रहे। दैनिक यजमान के रूप में पीपी शर्मा जी ने भी सहभागिता निभाई। कार्यक्रम में वरिष्ठ प्रचारकईश्वर दयाल जीस्वामी सुशील जी महाराजप्रांत प्रचारक वेदपाल जीजिला प्रचारक नेम पाल जीअध्यक्ष आनंदभाटी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

भक्तिज्ञान और प्रेरणा का संगमराम कथा बनी आत्मिक ऊर्जा का स्रोत

रामलीला मैदान में आयोजित यह श्रीराम कथा  केवल एक धार्मिक आयोजन रहीबल्कि यह श्रद्धालुओं के लिएआत्मिक शांतिप्रेरणा और जीवन के मूल्यों को समझने का एक सशक्त माध्यम भी बनी। इस आयोजन ने यहसिद्ध कर दिया कि आज भी श्रीराम के आदर्श और रामायण के संदेश समाज को दिशा देने में उतने ही प्रासंगिक हैंजितने पहले थे।

Raftar Today
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