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Galgotia University News : आईआईटी रुड़की में गूंजा ग्रेटर नोएडा का परचम, गलगोटिया की बेटियों ने नेशनल डिबेट में मारी बाज़ी, कॉग्निजेंस 2026 में ‘वर्डिक्ट’ पर कब्जा, देशभर के प्रतिभागियों को छोड़ा पीछे

Galgotia University Students win the verdict 2026 in in depart competition in IIT Roorkee

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे ।  शिक्षा और प्रतिभा के संगम से एक बार फिर ग्रेटर नोएडा का नाम राष्ट्रीय स्तर पर चमक उठा है। Galgotias University की दो होनहार छात्राओं ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान Indian Institute of Technology Roorkee में आयोजित नेशनल डिबेट प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया है।

यह उपलब्धि केवल एक प्रतियोगिता जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आधुनिक शिक्षा के उस बदलते स्वरूप को भी दर्शाती है, जहां ज्ञान के साथ-साथ संवाद कौशल, विश्लेषण क्षमता और आत्मविश्वास को भी बराबर महत्व दिया जा रहा है।

“कॉग्निजेंस 2026 में ‘वर्डिक्ट’ पर कब्जा—देशभर के प्रतिभागियों को छोड़ा पीछे”

आईआईटी रुड़की के बहुचर्चित टेक्नो-कल्चरल फेस्ट Cognizance 2026 के दौरान आयोजित ‘वर्डिक्ट’ नेशनल डिबेट प्रतियोगिता में देशभर के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और संस्थानों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था।

इसी कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच गलगोटिया विश्वविद्यालय की छात्राएं राहत शुजा और खुशी कुमारी ने अपने प्रभावशाली तर्क, स्पष्ट सोच और बेहतरीन प्रस्तुति के दम पर प्रथम स्थान हासिल किया।

“राहत और खुशी—दो नाम, एक बड़ी जीत”

इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (AI एवं मशीन लर्निंग स्पेशलाइजेशन) की तृतीय वर्ष की छात्रा राहत शुजा और एमसीए (AI एवं मशीन लर्निंग) की प्रथम वर्ष की छात्रा खुशी कुमारी ने इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया।

राहत शुजा ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आईआईटी रुड़की जैसे प्रतिष्ठित मंच पर भाग लेना ही उनके लिए एक बड़ा अवसर था। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा दिया गया एक्सपोजर और शिक्षकों का सहयोग इस जीत की सबसे बड़ी ताकत बना।

“रणनीति, आत्मविश्वास और तर्क—जीत का फॉर्मूला”

खुशी कुमारी ने इस जीत को अपने लिए अविस्मरणीय अनुभव बताया। उनका कहना है कि डिबेट केवल बोलने का मंच नहीं होता, बल्कि यह मानसिक मजबूती, रणनीतिक सोच और सटीक तर्कों का खेल है।

आईआईटी रुड़की के सीनेट हॉल में प्रतिस्पर्धा के दौरान दोनों छात्राओं ने पूरे समय फोकस और आत्मविश्वास बनाए रखा, जिसने उन्हें जीत तक पहुंचाया।

“आज के दौर में क्यों जरूरी है डिबेट और क्रिटिकल थिंकिंग?”

तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में अब केवल डिग्री ही पर्याप्त नहीं है। उद्योगों में ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव के कारण कंपनियां ऐसे युवाओं की तलाश में हैं, जो जटिल समस्याओं को समझ सकें, तार्किक निर्णय ले सकें और टीम के साथ प्रभावी संवाद कर सकें। इस लिहाज से डिबेट जैसी प्रतियोगिताएं छात्रों के भीतर क्रिटिकल थिंकिंग, मल्टी-डिसिप्लिनरी एप्रोच और प्रेशर में निर्णय लेने की क्षमता को विकसित करती हैं।

“गलगोटिया यूनिवर्सिटी का समग्र शिक्षा मॉडल”

Galgotias University में शिक्षा को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखा गया है। यहां छात्रों के समग्र विकास पर जोर दिया जाता है, जिसमें वाद-विवाद, रिसर्च प्लेटफॉर्म, इनोवेशन चैलेंज, उद्यमिता गतिविधियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं।

यही कारण है कि यहां के छात्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार अपनी पहचान बना रहे हैं।

“एक जीत, कई संदेश”

राहत शुजा और खुशी कुमारी की यह उपलब्धि यह स्पष्ट करती है कि आज के दौर में सफलता केवल अकादमिक प्रदर्शन से नहीं, बल्कि व्यक्तित्व के समग्र विकास से तय होती है।

उनकी जीत उन हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो बड़े मंचों पर अपनी पहचान बनाने का सपना देखते हैं।

“ग्रेटर नोएडा की प्रतिभा का राष्ट्रीय मंच पर दबदबा”

आईआईटी रुड़की में मिली यह जीत न केवल गलगोटिया विश्वविद्यालय, बल्कि पूरे ग्रेटर नोएडा के लिए गर्व का विषय है।

यह सफलता बताती है कि अगर सही मार्गदर्शन, अवसर और मेहनत का संगम हो, तो कोई भी मंच दूर नहीं। आने वाले समय में ऐसी और उपलब्धियां इस क्षेत्र को शिक्षा के हब के रूप में और मजबूत करेंगी।

Gaurav sharma
Abhishek Sharma

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