Father's Angel School : “तालियों की गूंज, ट्रॉफियों की चमक और मंच पर इतिहास की जीवंत झलक!”, फादर एग्नेल स्कूल का वार्षिक पुरस्कार समारोह बना प्रतिभा, अनुशासन और संस्कारों का भव्य उत्सव, कक्षा I से XII तक—हर प्रतिभा को मिला मंच और सम्मान, प्रधानाचार्या Sister Joanita ने जताया आभार, टीमवर्क की सराहना

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा के शैक्षणिक परिदृश्य में एक बार फिर उत्साह, ऊर्जा और उत्कृष्टता का अनूठा संगम देखने को मिला, जब Father Agnel School में वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सिर्फ एक औपचारिक समारोह नहीं था, बल्कि छात्रों की मेहनत, अनुशासन, रचनात्मकता और नैतिक मूल्यों को सम्मान देने वाला प्रेरणादायक उत्सव बन गया, जहां हर तालियों की गूंज के साथ बच्चों के सपनों को नई उड़ान मिली।
प्रार्थना से शुरुआत, सम्मान तक का सफर—भावनाओं और उपलब्धियों से भरा आयोजन
कार्यक्रम की शुरुआत मधुर प्रार्थना गीत से हुई, जिसने पूरे वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिकता से भर दिया। इसके बाद स्कूल के प्रबंधक Father Bento Rodrigues ने मंच संभालते हुए सभी अतिथियों, अभिभावकों और छात्रों का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि छात्रों के अंदर छिपी प्रतिभा को पहचानकर उसे सही दिशा देना है।
कक्षा I से XII तक—हर प्रतिभा को मिला मंच और सम्मान
इस समारोह में कक्षा I से लेकर XII तक के उन छात्रों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने वर्षभर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। शिक्षा, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों, 100% उपस्थिति, साहित्यिक उपलब्धियों और “गुड सेमेरिटन” जैसे विशेष पुरस्कारों के तहत छात्रों को ट्रॉफी और प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। हर पुरस्कार के साथ मंच पर आने वाले छात्र के चेहरे पर खुशी और गर्व साफ झलक रहा था, वहीं अभिभावकों की तालियों ने इस गौरव को और भी खास बना दिया।
मुख्य अतिथि की मौजूदगी ने बढ़ाया समारोह का गौरव
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ML Mehta, जो दिल्ली उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं, विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों की प्रस्तुतियों और उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि—
“आज के बच्चे ही कल का भारत हैं, और इस तरह के आयोजन उनके आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।”
जब मंच पर जीवंत हुआ इतिहास—‘अशोक’ नाटक ने बांधा समां
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक और भावनात्मक हिस्सा छात्रों द्वारा प्रस्तुत ऐतिहासिक नाटक “अशोक” रहा। इस नाटक में सम्राट अशोक के जीवन के उस महत्वपूर्ण मोड़ को दर्शाया गया, जब कलिंग युद्ध के बाद उनका हृदय परिवर्तन हुआ। Kalinga War के बाद लाखों लोगों की मृत्यु ने अशोक को अंदर तक झकझोर दिया और उन्होंने हिंसा का मार्ग छोड़कर शांति, करुणा और धम्म का रास्ता अपनाया। छात्रों ने इस परिवर्तन को इतनी प्रभावशाली ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया कि पूरा सभागार भावुक हो उठा। यह प्रस्तुति केवल एक नाटक नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों और इतिहास के संदेश का सशक्त उदाहरण बन गई।
“शांति ही सबसे बड़ी शक्ति है”—मुख्य अतिथि का संदेश
न्यायमूर्ति एम.एल. मेहता ने अपने संबोधन में कहा कि आज के दौर में जब दुनिया कई चुनौतियों का सामना कर रही है, तब सम्राट अशोक का शांति और सहिष्णुता का संदेश पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गया है। उन्होंने छात्रों को न केवल पढ़ाई में बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में मानवता, नैतिकता और संवेदनशीलता को अपनाने की प्रेरणा दी।
प्रधानाचार्या Sister Joanita ने जताया आभार, टीमवर्क की सराहना
कार्यक्रम के अंत में स्कूल की प्रधानाचार्या Sister Joanita ने इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि— “यह सफलता केवल स्कूल की नहीं, बल्कि पूरे स्कूल परिवार की सामूहिक मेहनत का परिणाम है।”
प्रतिभा, संस्कार और अनुशासन—तीनों का संगम बना यह समारोह
यह समारोह इस बात का प्रमाण था कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी को भी आकार देती है। फादर एग्नेल स्कूल ने इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया कि जब प्रतिभा को मंच, मेहनत को सम्मान और मूल्यों को दिशा मिलती है, तब एक सशक्त और संवेदनशील समाज का निर्माण संभव होता है।



