NPCL News : “AC बंद, लिफ्ट बंद, नींद बंद… और गर्मी चालू!” — गौर सिटी-1 में आधी रात 4 घंटे गायब रही बिजली, हजारों लोग तड़पते रहे, कैंपस में टहलकर काटी रात, भीषण गर्मी में ‘पावर कट’ ने बढ़ाई लोगों की परेशानी, फ्लैट छोड़ खुले मैदान में पहुंचे निवासी, एनपीसीएल और मेंटेनेंस टीम पर फूटा गुस्सा

ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हाईराइज सोसाइटियों में रहने वाले लोग एक बार फिर बिजली संकट से बेहाल नजर आए। भीषण गर्मी और उमस के बीच रविवार रात गौर सिटी-1 के निवासियों की रात उस समय मुश्किलों में बदल गई, जब अचानक पूरी सोसाइटी की बिजली गुल हो गई। देखते ही देखते पूरा टॉवर अंधेरे में डूब गया और लोगों के घरों में लगे एसी, कूलर, पंखे, लिफ्ट और पानी की सप्लाई तक प्रभावित हो गई। हालात ऐसे हो गए कि रात के समय लोगों को अपने फ्लैट छोड़कर नीचे सोसाइटी कैंपस में घूम-घूमकर समय बिताना पड़ा।
करीब चार घंटे तक चली इस बिजली कटौती ने हजारों लोगों की नींद, आराम और दिनभर की थकान को पूरी तरह छीन लिया। गर्मी से परेशान बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित दिखाई दिए। लोगों का कहना है कि हाईराइज सोसायटी में कुछ मिनट की बिजली कटौती भी मुश्किल पैदा कर देती है, लेकिन यहां घंटों तक बिजली गायब रहने से हालात बेहद खराब हो गए।
रात होते ही अंधेरे में डूबी हाईराइज सोसायटी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रविवार रात लोग अपने-अपने घरों में आराम करने की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक बिजली चली गई। शुरुआती कुछ मिनट तक लोगों को लगा कि यह सामान्य ट्रिपिंग होगी और थोड़ी देर में सप्लाई बहाल हो जाएगी, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, लोगों की परेशानी बढ़ती चली गई। ऊंची इमारतों में रहने वाले लोग खासतौर पर अधिक परेशान रहे क्योंकि बिजली जाने के साथ ही लिफ्ट सेवा भी ठप हो गई। कई बुजुर्गों और छोटे बच्चों वाले परिवारों को सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ा। वहीं कई फ्लैट्स में पानी की सप्लाई भी प्रभावित हो गई, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया।
“घर भट्ठी बन गया था…” — लोगों ने सुनाई परेशानी
सोसायटी के निवासियों ने बताया कि बिजली कटौती के कारण फ्लैट्स के अंदर इतनी गर्मी हो गई थी कि बैठना तक मुश्किल हो गया। कई लोग अपने बच्चों और परिवार के साथ नीचे पार्क और ओपन एरिया में घूमते नजर आए। कुछ लोगों ने कहा कि— “ऐसा लग रहा था जैसे फ्लैट नहीं, कोई भट्ठी हो। एसी बंद, पंखे बंद और ऊपर से उमस… पूरी रात खराब हो गई।”
मेंटेनेंस टीम और एनपीसीएल पर फूटा गुस्सा
बिजली कटौती के दौरान लोगों ने सोसायटी की मेंटेनेंस टीम से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई। इससे नाराज निवासियों ने मेंटेनेंस व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। सोसायटी के लोगों का आरोप है कि जब भी कोई बड़ा फॉल्ट होता है, उसे ठीक करने में कई घंटे लग जाते हैं। लोगों ने कहा कि इतनी बड़ी आबादी वाली सोसायटी में बैकअप सिस्टम और इमरजेंसी रिस्पॉन्स मजबूत होना चाहिए। निवासियों ने एनपीसीएल (नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड) के खिलाफ भी नाराजगी जताई और कहा कि बार-बार बिजली कटौती से आम लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। लोगों ने मांग की कि—
बिजली व्यवस्था को मजबूत किया जाए
बार-बार होने वाले फॉल्ट को स्थायी रूप से ठीक किया जाए
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बढ़ती आबादी, लेकिन बिजली ढांचा कमजोर
गौरतलब है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बीते कुछ वर्षों में तेजी से आबादी बढ़ी है। हजारों फ्लैट्स में लाखों लोग रह रहे हैं, लेकिन उसी अनुपात में बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार नहीं हो पाया है। गर्मियों में लोड बढ़ते ही फॉल्ट और ट्रिपिंग की समस्या आम हो जाती है।
चार घंटे बाद आई बिजली, तब जाकर मिली राहत
करीब चार घंटे की लंबी परेशानी के बाद जब बिजली सप्लाई बहाल हुई, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि तब तक बच्चों और बुजुर्गों की हालत खराब हो चुकी थी और अधिकांश लोगों की पूरी रात खराब हो गई।
निवासियों का कहना है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी समाधान की जरूरत है। यदि समय रहते बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में लोगों का गुस्सा और बढ़ सकता है।



