Authority Breaking News : अब नहीं लगेगा जाम, नहीं करना पड़ेगा लंबा इंतजार!, तिलपता का बहुप्रतीक्षित रेलवे ओवरब्रिज खुला, 130 मीटर रोड को मिली नई उड़ान, ग्रेटर नोएडा से ग्रेनो वेस्ट तक सफर हुआ सुपरफास्ट, चार लेन और 1600 मीटर लंबे आरओबी ने बदली तस्वीर, नोएडा एयरपोर्ट जाने वालों को भी बड़ी राहत, तिलपता गोलचक्कर पर जल्द बनेगा यू-टर्न
सीईओ एनजी रवि कुमार के प्रयासों से मिली गति, तिलपता गोलचक्कर पर भी मिलेगी राहत, दोनों तरफ बनेगा यू-टर्न

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली के लाखों यात्रियों के लिए लंबे समय से जिस पल का इंतजार था, वह आखिरकार खत्म हो गया। कई वर्षों की प्रतीक्षा और लगातार प्रयासों के बाद तिलपता गोलचक्कर से मकौड़ा गोलचक्कर के बीच पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट के पास निर्मित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) को मंगलवार से वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया। इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के शुरू होते ही 130 मीटर रोड पर सफर करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है और अब ग्रेटर नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच कनेक्टिविटी पहले से कहीं अधिक बेहतर और तेज हो गई है।
यह रेलवे ओवरब्रिज लगभग 1600 मीटर लंबा और चार लेन का है, जिसके नीचे से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की रेलवे लाइन गुजर रही है। इस महत्वपूर्ण परियोजना का निर्माण डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) द्वारा कराया गया है। लंबे समय से इसका निर्माण कार्य चल रहा था और स्थानीय लोग इसके शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
बरसात और जाम से मिलेगी स्थायी राहत, अब सफर होगा आसान
130 मीटर रोड ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच सबसे व्यस्त मार्गों में से एक माना जाता है। प्रतिदिन हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। अब तक इस रास्ते पर अंडरपास के कारण कई बार लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता था। बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या के कारण लोगों को घंटों तक परेशान होना पड़ता था।
रेलवे ओवरब्रिज शुरू होने के बाद अब वाहनों की आवाजाही सुचारू हो सकेगी। इससे न केवल ट्रैफिक का दबाव कम होगा बल्कि यात्रियों का समय भी बचेगा। विशेष रूप से ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और व्यापारियों के लिए यह सुविधा किसी बड़ी सौगात से कम नहीं मानी जा रही है।
नोएडा एयरपोर्ट तक पहुंचना होगा और आसान
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से पहले ही ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण शहर की कनेक्टिविटी को मजबूत करने में जुटा हुआ है। 130 मीटर रोड को एयरपोर्ट तक पहुंचने के प्रमुख मार्गों में शामिल माना जा रहा है। इस रेलवे ओवरब्रिज के खुलने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, ग्रेनो वेस्ट, दिल्ली और गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट की ओर जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। माना जा रहा है कि आने वाले समय में एयरपोर्ट संचालन शुरू होने के बाद इस मार्ग का महत्व और अधिक बढ़ जाएगा।
सीईओ एनजी रवि कुमार के प्रयासों से मिली गति
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एनजी रवि कुमार लगातार इस परियोजना की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। प्राधिकरण की ओर से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन पर समयबद्ध तरीके से निर्माण पूरा करने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
अधिकारियों के अनुसार, सीईओ की प्राथमिकता थी कि 130 मीटर रोड को ट्रैफिक जाम से मुक्त किया जाए और यात्रियों को बेहतर सड़क सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसी दिशा में यह रेलवे ओवरब्रिज एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
तिलपता गोलचक्कर पर भी मिलेगी राहत, दोनों तरफ बनेगा यू-टर्न
रेलवे ओवरब्रिज के शुरू होने के साथ ही अब तिलपता गोलचक्कर के पास ट्रैफिक को और सुगम बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर तिलपता गोलचक्कर के दोनों ओर 130 मीटर रोड पर यू-टर्न बनाने के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। इस कार्य की जिम्मेदारी वर्क सर्किल-7 को सौंपी गई है।
अधिकारियों के अनुसार, अगले एक महीने में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा और लगभग तीन से चार महीने में यह परियोजना पूरी कर ली जाएगी।
130 मीटर रोड को बनाया जा रहा है जाम मुक्त कॉरिडोर
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण 130 मीटर रोड को पूरी तरह ट्रैफिक जाम मुक्त बनाने के लिए कई स्तरों पर काम कर रहा है। सड़क चौड़ीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है और विभिन्न चौराहों पर ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए नई व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं। यूटर्न निर्माण के बाद तिलपता चौराहे पर वाहनों की आवाजाही और अधिक सुगम हो जाएगी। इससे यात्रियों को अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और यात्रा का समय कम होगा।
ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट के बीच मजबूत होगी कनेक्टिविटी
विशेषज्ञों का मानना है कि यह रेलवे ओवरब्रिज केवल एक पुल नहीं बल्कि ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को गति देने वाला महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर है।
इससे रियल एस्टेट, व्यापार, औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न शहरों के बीच आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।
लाखों लोगों के लिए राहत का नया अध्याय
स्थानीय लोगों का कहना है कि तिलपता आरओबी के शुरू होने से वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हुआ है। अब उन्हें जाम, अंडरपास और बरसात के दौरान होने वाली परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। रेलवे ओवरब्रिज का खुलना ग्रेटर नोएडा की बदलती तस्वीर और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में एक और मजबूत कदम माना जा रहा है।



