Breaking News : 90.81 करोड़ की बड़ी सौगात!, भंगेल एलिवेटेड पर बनेगा क्लोवर लीफ लूप और लगेगा नॉइज़ बैरियर, लाखों लोगों का सफर होगा आसान, ट्रैफिक जाम से मिलेगी बड़ी राहत, 67.81 करोड़ से बनेगा क्लोवर लीफ लूप, बीच में चढ़ने-उतरने की मिलेगी सुविधा, 2020 में शुरू हुआ था निर्माण, अब मिलेगी बड़ी सुविधा

नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लाखों लोगों के लिए बहुप्रतीक्षित राहत की खबर सामने आई है। वर्षों से भंगेल एलिवेटेड रोड पर बीच में चढ़ने-उतरने की सुविधा और ट्रैफिक जाम से जूझ रहे लोगों को अब बड़ी राहत मिलने जा रही है। करीब 90.81 करोड़ रुपये की लागत से भंगेल एलिवेटेड रोड पर क्लोवर लीफ लूप का निर्माण किया जाएगा, वहीं पूरे एलिवेटेड कॉरिडोर पर नॉइज़ बैरियर भी लगाए जाएंगे। इस परियोजना के पूरा होने के बाद न केवल यातायात व्यवस्था पहले से अधिक सुगम होगी, बल्कि आसपास की आवासीय सोसाइटियों में रहने वाले लाखों लोगों को शोर प्रदूषण से भी राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास किए जाने के बाद अब निर्माण कार्य जल्द शुरू होने जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा कार्य लगभग दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना पूरी होने के बाद भंगेल एलिवेटेड रोड का उपयोग करने वाले लाखों वाहन चालकों को सीधे लाभ मिलेगा।
67.81 करोड़ से बनेगा क्लोवर लीफ लूप, बीच में चढ़ने-उतरने की मिलेगी सुविधा
भंगेल एलिवेटेड रोड के पिलर नंबर-59 (बरौला टी-प्वाइंट) पर लगभग 67.81 करोड़ रुपये की लागत से क्लोवर लीफ लूप बनाया जाएगा। इस लूप के निर्माण के बाद वाहन चालक एलिवेटेड रोड पर बीच से ही आसानी से चढ़ और उतर सकेंगे।
अब तक एलिवेटेड रोड पर बीच में कोई एंट्री या एग्जिट पॉइंट नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों को कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी। इस वजह से दादरी रोड, बरौला, सेक्टर-49, सेक्टर-50 और आसपास के मार्गों पर लगातार ट्रैफिक का दबाव बना रहता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
25 करोड़ की लागत से लगेंगे नॉइज़ बैरियर, शोर प्रदूषण होगा कम
परियोजना के दूसरे चरण में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से पूरे 4.5 किलोमीटर लंबे भंगेल एलिवेटेड रोड के दोनों ओर आधुनिक नॉइज़ बैरियर लगाए जाएंगे।
इन बैरियरों का उद्देश्य एलिवेटेड रोड से गुजरने वाले वाहनों की आवाज को आसपास की आवासीय कॉलोनियों और सोसाइटियों तक पहुंचने से रोकना है। इससे हजारों परिवारों को शोर प्रदूषण से राहत मिलेगी और रहने का वातावरण अधिक शांत एवं बेहतर बनेगा।
चार लाख से अधिक लोगों को मिलेगा सीधा फायदा
भंगेल एलिवेटेड परियोजना पूरी होने के बाद सबसे अधिक लाभ नोएडा के घनी आबादी वाले क्षेत्रों को मिलेगा।
इससे सेक्टर-74, 75, 76, 77, 78 और 79 की लगभग 49 आवासीय सोसाइटियों में रहने वाले करीब तीन लाख लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। वहीं सेक्टर-101, 104, 107, 119, 120 और 121 की लगभग 29 सोसाइटियों में रहने वाले करीब एक लाख लोग भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
इसके अलावा सेक्टर-42, 47, 48, 49, हाजीपुर, बरौला और सलारपुर जैसे क्षेत्रों के लोगों को भी एलिवेटेड रोड से सीधे जुड़ने की सुविधा मिलेगी।
जाम से मिलेगी राहत, समय और ईंधन दोनों की होगी बचत
वर्तमान में एलिवेटेड रोड पर बीच में चढ़ने और उतरने की सुविधा नहीं होने के कारण वाहन चालकों को लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। इससे समय के साथ-साथ ईंधन की भी बर्बादी होती है। क्लोवर लीफ लूप बनने के बाद दादरी रोड, बरौला टी-प्वाइंट और विश्वकर्मा रोड पर लगने वाला ट्रैफिक जाम काफी हद तक कम हो जाएगा। स्थानीय लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबा रूट नहीं अपनाना पड़ेगा, जिससे सफर अधिक तेज और सुविधाजनक होगा।
2020 में शुरू हुआ था निर्माण, अब मिलेगी बड़ी सुविधा
भंगेल एलिवेटेड रोड का निर्माण वर्ष 2020 में शुरू हुआ था और बाद में इसे यातायात के लिए खोल दिया गया। हालांकि एलिवेटेड रोड बनने के बाद से ही स्थानीय लोग बीच में प्रवेश और निकास के लिए क्लोवर लीफ लूप की मांग कर रहे थे।
लगातार उठ रही जन मांग और बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए अब इस परियोजना को मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही नॉइज़ बैरियर लगाने का निर्णय भी लिया गया है, जिससे यह परियोजना और अधिक उपयोगी साबित होगी।
शहर की यातायात व्यवस्था को मिलेगी नई दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल एक सड़क निर्माण योजना नहीं बल्कि नोएडा की भविष्य की यातायात व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एलिवेटेड रोड पर बेहतर एंट्री-एग्जिट व्यवस्था और शोर नियंत्रण प्रणाली लागू होने से आने वाले वर्षों में ट्रैफिक प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा तथा लोगों को सुरक्षित, तेज और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा।



