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Noida News : दिल्ली-एनसीआर में इलाहाबादियों का भव्य मिलन समारोह, अपनापन, संस्कृति और कला से सजा एक अविस्मरणीय आयोजन, आयोजन की मेज़बानी और उद्देश्य

नोएडा, रफ़्तार टुडे।
दिल्ली-एनसीआर की चमक-दमक के बीच जब भी इलाहाबाद (अब प्रयागराज) की बात होती है, तो लोगों के दिलों में एक अलग ही आत्मीयता और गर्व का भाव जाग उठता है। इसी भावना को और मज़बूत करने के लिए नोएडा के ट्रिप्पी टकीला, गार्डन गैलेरिया मॉल में एक बेहद खास और अनोखा मिलन समारोह आयोजित किया गया। यह आयोजन सिर्फ़ एक गेट-टुगेदर नहीं था, बल्कि इलाहाबाद की आत्मा, संस्कृति और अपनत्व को दिल्ली-एनसीआर की धरती पर पुनर्जीवित करने का एक प्रयास था।

आयोजन की मेज़बानी और उद्देश्य

इस विशेष कार्यक्रम की मेज़बानी निशांत भार्गव, संस्थापक Allahabadi’s in Delhi NCR समूह, तथा सौरभ अवस्थाना और अमिताभ, संस्थापक AGC Delhi Chapter व्हाट्सऐप समूह ने की।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य था कि दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में रह रहे इलाहाबाद मूल के लोग एक मंच पर आएं, एक-दूसरे से जुड़ें और अपने शहर की महक को साझा करें।

बड़ी संख्या में जुटे इलाहाबादी

इस समारोह की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसमें लगभग 70 से अधिक इलाहाबाद मूल के लोग शामिल हुए। इन सभी का एक ही मकसद था—अपनेपन की डोर को मज़बूत करना और अपने शहर की पहचान को जीवित रखना।

कार्यक्रम में आए हर शख़्स ने जब अपना परिचय दिया तो वहाँ मौजूद माहौल आत्मीयता और गर्व से भर गया।

शानदार प्रस्तुतियाँ और सांस्कृतिक रंग

कार्यक्रम की शुरुआत आत्म-परिचय से हुई, इसके बाद माहौल में उत्साह और ऊर्जा भरने के लिए सोलो परफॉर्मेंस और गायन प्रस्तुतियाँ दी गईं।

सबसे खास और चर्चित रही नीति शुक्ला की वॉइस ओवर प्रस्तुति, जिसने सभी का दिल जीत लिया।
इसके अलावा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कलाकारों ने भी मंच को अपने प्रदर्शन से रोशन किया।

यह मंच केवल गीत-संगीत का ही नहीं था, बल्कि यहाँ कला, संस्कृति और अपनत्व का मिलन देखने को मिला।

प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी

इस आयोजन को और भी यादगार बनाने वाले रहे वहाँ उपस्थित इलाहाबाद के जाने-माने चेहरे और गणमान्य व्यक्ति।
इनमें शामिल रहे डॉ. आलोक मिश्रा, पंकज चतुर्वेदी, उज्ज्वल कुमार, अजय कुमार शर्मा, अंकित अरोड़ा, शशि मिश्रा, अरविंद भाटी, गौरव सिंह, सौरभ सिंह, कमल चोपड़ा, नीति शुक्ला, प्रीति, सीमा सिंह, निधि

इन सबकी मौजूदगी ने समारोह को और भी गरिमामयी बना दिया।

इलाहाबाद का अपनापन दिल्ली में

दिल्ली-एनसीआर में बसे इलाहाबादियों के लिए यह कार्यक्रम किसी उत्सव से कम नहीं था। यहाँ सभी को अपने शहर की यादें, भाषा, बोली और संस्कृति का एहसास हुआ।

इस अवसर पर कई लोगों ने कहा कि भले ही वे दिल्ली में रहते हों, लेकिन उनका दिल और आत्मा आज भी इलाहाबाद में ही रचे-बसे हैं। इस मिलन समारोह ने उस खोए हुए अपनत्व को फिर से जीवित कर दिया।

भविष्य की योजनाएँ

कार्यक्रम का समापन हंसी-खुशी, अपनत्व और एक वादे के साथ हुआ—कि आगे भी इस तरह के मिलन समारोह आयोजित किए जाएंगे।
आयोजकों का कहना था कि इस तरह के आयोजन न सिर्फ़ सामाजिक जुड़ाव बढ़ाते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का अवसर भी प्रदान करते हैं।

नोएडा में आयोजित यह अनोखा मिलन समारोह इस बात का सबूत है कि चाहे लोग कितनी भी दूर क्यों न चले जाएं, अपने शहर, अपनी मिट्टी और अपनी संस्कृति से जुड़ाव कभी खत्म नहीं होता।
यह आयोजन न सिर्फ़ एक स्मृति बनकर रहेगा, बल्कि भविष्य के लिए एक प्रेरणा भी बनेगा—कि अपनों को जोड़ने और अपनत्व की डोर मज़बूत करने के लिए ऐसे मंच समय-समय पर बनते रहने चाहिए।

रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
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