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YEIDA Authority News : यमुना एक्सप्रेसवे पर जापानी निवेश की बड़ी तैयारी!, YEIDA–JETRO की हाई-लेवल मीटिंग, विशेष जापानी MSME पार्क का प्रस्ताव, जापानी कंपनियों के लिए रेड कार्पेट इंफ्रास्ट्रक्चर और इंसेंटिव, JETRO ने जताई मजबूत रुचि, बताया “सबसे उपयुक्त स्थान”

जेवर, रफ़्तार टुडे । उत्तर प्रदेश को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने एक और अहम कदम बढ़ाया है। इसी क्रम में YEIDA के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री आर. के. सिंह और जापान बाहरी व्यापार संगठन (JETRO) भारत के मुख्य महानिदेशक श्री सुजुकी ताकाशी के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में प्रस्तावित जापानी औद्योगिक पार्क में निवेश को बढ़ावा देना और भारत-जापान औद्योगिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाना रहा।


यमुना एक्सप्रेसवे बना जापानी निवेशकों की पहली पसंद
बैठक के दौरान YEIDA क्षेत्र की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। सीईओ आर. के. सिंह ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र न केवल उत्तर भारत का सबसे तेजी से विकसित हो रहा औद्योगिक क्लस्टर है, बल्कि यहां विश्वस्तरीय मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी भी उपलब्ध है।


उन्होंने विशेष रूप से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) का उल्लेख किया, जिसे एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनने की दिशा में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DMIC) से निकटता इस क्षेत्र को लॉजिस्टिक्स और निर्यात के लिहाज से बेहद आकर्षक बनाती है।


जापानी कंपनियों के लिए रेड कार्पेट: इंफ्रास्ट्रक्चर और इंसेंटिव
YEIDA सीईओ ने JETRO प्रतिनिधिमंडल को जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश सरकार जापानी निवेशकों के लिए उत्कृष्ट औद्योगिक बुनियादी ढांचा, सब्सिडी युक्त भूमि दरें और सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम प्रदान कर रही है, जिससे निवेश प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो सके।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा केवल निवेश लाना नहीं, बल्कि लंबी अवधि की रणनीतिक साझेदारी विकसित करना है, जिसमें तकनीक, रोजगार और निर्यात तीनों को बढ़ावा मिले।

केवल इंडस्ट्रियल पार्क नहीं, सेक्टर-विशिष्ट अवसरों की भरमार
बैठक में यह भी बताया गया कि यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में प्रस्तावित जापानी औद्योगिक पार्क के अलावा कई अन्य सेक्टर-विशिष्ट पार्क भी विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें—
मेडिकल डिवाइसेज पार्क
फिल्म सिटी
टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पार्क
शामिल हैं। इन परियोजनाओं में जापानी तकनीक और निवेश के लिए व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।


विशेष जापानी MSME पार्क का प्रस्ताव बना बैठक का केंद्र
बैठक की सबसे अहम उपलब्धि रही विशेष जापानी MSME पार्क का प्रस्ताव। YEIDA सीईओ आर. के. सिंह ने बताया कि वर्तमान में JETRO के साथ लगभग 1,400 जापानी MSME पंजीकृत हैं, जो भारत में विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने की संभावनाएं तलाश रहे हैं।
इस जरूरत को देखते हुए YEIDA क्षेत्र में एक डेडिकेटेड जापानी MSME पार्क विकसित करने का सुझाव दिया गया, जहां छोटे और मध्यम जापानी उद्योगों को अनुकूल इकोसिस्टम, साझा सुविधाएं और लॉजिस्टिक सपोर्ट उपलब्ध कराया जा सके।

JETRO ने जताई मजबूत रुचि, बताया “सबसे उपयुक्त स्थान”
JETRO के महानिदेशक श्री सुजुकी ताकाशी और उनके प्रतिनिधिमंडल ने YEIDA क्षेत्र में निवेश को लेकर गहरी रुचि जताई। उन्होंने कहा कि यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र अपनी बेहतर कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और भविष्य की संभावनाओं के चलते जापानी कंपनियों के विस्तार के लिए “सबसे उपयुक्त स्थान” प्रतीत होता है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भारत में पहले से कार्यरत कई जापानी कंपनियां अब अपने अगले विस्तार चरण के लिए नए औद्योगिक ठिकानों की तलाश में हैं और YEIDA उनके लिए एक मजबूत विकल्प बनकर उभर रहा है।
औद्योगिक स्थलों और जेवर एयरपोर्ट का दौरा करेगा JETRO प्रतिनिधिमंडल
बैठक का समापन सकारात्मक माहौल में हुआ। YEIDA की ओर से JETRO अधिकारियों को औद्योगिक स्थलों और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का औपचारिक दौरा करने का निमंत्रण दिया गया। दोनों पक्षों ने इस रणनीतिक जुड़ाव को औपचारिक रूप देने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी सहमति जताई।
यह MoU भविष्य में उत्तर प्रदेश सरकार और जापानी निवेशकों के बीच दीर्घकालिक औद्योगिक सहयोग की नींव बनेगा।


वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण बैठक में YEIDA और निवेश से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें—
श्री शैलेन्द्र कुमार भाटिया, IAS (अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, YEIDA)
श्री प्रवीण कुमार मित्तल (कार्यकारी निदेशक, निर्यात संवर्धन परिषद)
EY (अर्न्स्ट एंड यंग) के अधिकारी
प्रमुख रूप से शामिल रहे।

यमुना एक्सप्रेसवे बनता जा रहा है वैश्विक निवेश का नया हब
यह बैठक इस बात का संकेत है कि यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र अब केवल एक औद्योगिक कॉरिडोर नहीं, बल्कि वैश्विक निवेश का उभरता केंद्र बनता जा रहा है। जापान जैसे तकनीकी रूप से उन्नत देश के साथ बढ़ती साझेदारी आने वाले वर्षों में रोजगार, निर्यात और औद्योगिक विकास के नए द्वार खोल सकती है।

रफ़्तार टूडे की न्यूज
Raftar Today
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