Greater Noida Authority News : हिंडन के डूब क्षेत्र में सपनों की कॉलोनी पर चला बुल्डोज़र, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सख्ती से उड़े अवैध कालोनाइजरों के होश!, रोहिल्लापुर में 18 हजार वर्ग मीटर अतिक्रमण ध्वस्त, 15 दिन में 5 बड़ी कार्रवाइयों से मचा हड़कंप, दो घंटे चला बुल्डोज़र, अवैध निर्माण जमींदोज

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि अधिसूचित क्षेत्र और डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों के लिए अब कोई नरमी नहीं है। बृहस्पतिवार को प्राधिकरण का बुल्डोज़र रोहिल्लापुर गांव के हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में गरजा और करीब 18,000 वर्ग मीटर जमीन को अवैध अतिक्रमण से मुक्त करा लिया गया। यह कार्रवाई उन कालोनाइजरों के मंसूबों पर करारा प्रहार है, जो डूब क्षेत्र में प्लॉटिंग कर अवैध कॉलोनी बसाने की फिराक में थे।
प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के स्पष्ट निर्देशों पर परियोजना और भूलेख विभाग की संयुक्त टीम ने यह बड़ी कार्रवाई की। मौके पर पुलिस बल और प्राधिकरण के सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में करीब दो घंटे तक बुल्डोज़र चला, जिससे अवैध निर्माण पूरी तरह ध्वस्त कर दिए गए।
डूब क्षेत्र में प्लॉटिंग का खेल, प्राधिकरण ने समय रहते तोड़ा जाल
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार रोहिल्लापुर के खसरा संख्या 22 और 33 की यह जमीन हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में आती है और पूरी तरह से प्राधिकरण के अधिसूचित एरिया में है। इसके बावजूद कुछ कालोनाइजर यहां अवैध रूप से सड़कें, प्लॉटिंग और कॉलोनी विकसित करने की कोशिश कर रहे थे।
जैसे ही इसकी सूचना ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को मिली, तुरंत जांच कराई गई और बिना देरी किए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस कार्रवाई से साफ संदेश चला गया कि डूब क्षेत्र से कोई समझौता नहीं होगा, क्योंकि यह न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि आम जनता की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है।
दो घंटे चला बुल्डोज़र, अवैध निर्माण जमींदोज
परियोजना विभाग के वर्क सर्किल-3 की टीम ने पुलिस सहयोग के साथ मौके पर मोर्चा संभाला।
वर्क सर्किल-3 के प्रभारी राजेश कुमार निम के नेतृत्व में प्रबंधक लव शंकर भारती और उनकी टीम ने पूरी मुस्तैदी से कार्रवाई को अंजाम दिया। बुल्डोज़र की गड़गड़ाहट के साथ अवैध दीवारें, सड़कें और प्लॉटिंग के निशान कुछ ही समय में मिट्टी में मिल गए।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक ए.के. सिंह ने बताया कि डूब क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग की शिकायत मिली थी, जिस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई की गई है।
अवैध निर्माण पर जीरो टॉलरेंस, एसीईओ सुमित यादव की दो टूक चेतावनी
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति या बिना नक्शा पास कराए किया गया कोई भी निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि ग्रेटर नोएडा में कहीं भी जमीन या प्लॉट खरीदने से पहले प्राधिकरण के भूलेख विभाग से पूरी जानकारी जरूर लें, ताकि अवैध कॉलोनियों में अपनी गाढ़ी कमाई फंसने से बच सकें।
एसीईओ ने कहा,
“अवैध कॉलोनी काटने वालों के खिलाफ प्राधिकरण की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। नियम तोड़ने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।”
15 दिन में 5 बड़ी कार्रवाई, 45 हजार वर्ग मीटर जमीन कराई अतिक्रमण मुक्त
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 15 दिनों में अतिक्रमण के खिलाफ 5 बड़ी कार्रवाइयां की जा चुकी हैं।
इन कार्रवाइयों में न सिर्फ हजारों वर्ग मीटर जमीन को कब्जे से मुक्त कराया गया, बल्कि अवैध रूप से बने रिहायशी टॉवरों को भी सील किया गया है।
पिछली 15 दिनों की प्रमुख कार्रवाइयां:
20 जनवरी: भनौता में 11,340 वर्ग मीटर जमीन अतिक्रमण मुक्त
28 जनवरी: हैबतपुर में 6,000 वर्ग मीटर जमीन खाली कराई
4 फरवरी: भनौता में 10,000 वर्ग मीटर जमीन से अवैध कब्जा हटाया
29 जनवरी: खेड़ा चौगानपुर में 8 टॉवरों के 100 से अधिक फ्लैट सील
बृहस्पतिवार: रोहिल्लापुर में 18,000 वर्ग मीटर डूब क्षेत्र मुक्त
इन ताबड़तोड़ कार्रवाइयों से अवैध कालोनाइजरों में हड़कंप मचा हुआ है और कई जगह निर्माण कार्य खुद ही रुक गए हैं।
डूब क्षेत्र में निर्माण से खतरा, प्रशासन अलर्ट
विशेषज्ञों के अनुसार डूब क्षेत्र में निर्माण न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे बाढ़ और जलभराव जैसी गंभीर समस्याएं भी पैदा होती हैं। ऐसे क्षेत्रों में बसाई गई कॉलोनियां भविष्य में जान-माल के बड़े नुकसान का कारण बन सकती हैं। यही वजह है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण डूब क्षेत्रों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है।
प्राधिकरण का साफ संदेश: नियम मानिए, सुरक्षित रहिए
लगातार हो रही ध्वस्तीकरण की कार्रवाइयों के जरिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि शहर का नियोजित विकास ही उसकी प्राथमिकता है। अवैध निर्माण, अवैध प्लॉटिंग और डूब क्षेत्र में कब्जे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
प्राधिकरण की यह सख्ती आने वाले दिनों में भी जारी रहने वाली है, जिससे ग्रेटर नोएडा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुनियोजित शहर के रूप में विकसित किया जा सके।



