Authority Breaking News : खोदना खुर्द में चला बुलडोजर, भू-माफियाओं के मंसूबों पर फिरा पानी! 12 करोड़ की जमीन पर कब्जे का खेल खत्म, ग्रेनो प्राधिकरण ने दो घंटे में बदल दी तस्वीर, बुलडोजर की गर्जना से भागे अवैध कब्जाधारी, सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर हुई कार्रवाई
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) सुमित यादव ने स्पष्ट किया है कि अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति या बिना नक्शा पास कराए किसी भी प्रकार का निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा में अवैध कॉलोनियों और भू-माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बार फिर प्राधिकरण का बुलडोजर गरजा और देखते ही देखते करोड़ों रुपये की जमीन को अतिक्रमण के चंगुल से मुक्त करा लिया गया। ग्राम खोदना खुर्द में लंबे समय से प्लॉटिंग की तैयारी कर रहे कॉलोनाइजरों के मंसूबों पर पानी फेरते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने करीब छह हजार वर्ग मीटर भूमि को कब्जे से मुक्त कराया। इस जमीन की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला और दो घंटे तक चले अभियान में अवैध निर्माण और प्लॉटिंग की तैयारियों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
करोड़ों की जमीन पर चल रहा था प्लॉटिंग का खेल
ग्रेटर नोएडा के तेजी से विकसित होते क्षेत्रों में जमीनों की बढ़ती कीमतों के बीच भू-माफिया और अवैध कॉलोनाइजर लगातार सक्रिय हैं। इसी कड़ी में ग्राम खोदना खुर्द के खसरा संख्या-502 की भूमि पर भी अवैध तरीके से प्लॉटिंग करने की कोशिश की जा रही थी। यह भूमि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अर्जित और कब्जा प्राप्त जमीन है, जिस पर किसी प्रकार का निजी निर्माण या प्लॉटिंग पूरी तरह प्रतिबंधित है। सूचना मिलने के बाद प्राधिकरण के अधिकारियों ने पूरे मामले का परीक्षण किया और फिर कार्रवाई की रणनीति तैयार की। इसके बाद सोमवार दोपहर बाद भारी संख्या में अधिकारी और सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।
बुलडोजर की गर्जना से भागे अवैध कब्जाधारी
जैसे ही प्राधिकरण की टीम बुलडोजर और अन्य मशीनरी के साथ मौके पर पहुंची, वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। अवैध प्लॉटिंग की तैयारी कर रहे लोगों में अफरा-तफरी फैल गई। अधिकारियों ने बिना किसी देरी के अवैध निर्माणों और कब्जों को हटाने का अभियान शुरू कर दिया।
करीब दो घंटे तक लगातार चली इस कार्रवाई के दौरान जमीन को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त करा लिया गया। अधिकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि दोबारा इस भूमि पर किसी प्रकार का निर्माण या कब्जा करने की कोशिश की गई तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर हुई कार्रवाई
यह अभियान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एनजी रवि कुमार के निर्देश पर चलाया गया। प्राधिकरण की भूलेख और परियोजना विभाग की संयुक्त टीम ने अभियान को अंजाम दिया।
वर्क सर्किल-2 के वरिष्ठ प्रबंधक प्रदीप कुमार के नेतृत्व में प्रबंधक रोहित गुप्ता, सुपरवाइजर और प्राधिकरण के सुरक्षाकर्मियों ने मौके पर कार्रवाई की। अधिकारियों ने पूरे अभियान के दौरान स्थिति पर नजर बनाए रखी और किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होने दी।
एसीईओ सुमित यादव ने दी सख्त चेतावनी
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) सुमित यादव ने स्पष्ट किया है कि अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति या बिना नक्शा पास कराए किसी भी प्रकार का निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ प्राधिकरण का अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा को सुनियोजित और व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करने के लिए नियमों का पालन बेहद आवश्यक है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति को अवैध निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जनता को किया सतर्क, गाढ़ी कमाई बचाने की अपील
प्राधिकरण ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी स्थान पर जमीन खरीदने से पहले पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें। एसीईओ सुमित यादव ने कहा कि जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण के भूलेख विभाग से संपर्क कर उसकी स्थिति और वैधता की जानकारी लेना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि कई बार लोग कम कीमत और बड़े मुनाफे के लालच में अवैध कॉलोनियों में निवेश कर देते हैं, जिसके बाद उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने के लिए अधिकृत जानकारी प्राप्त करना आवश्यक है।
भू-माफियाओं के खिलाफ लगातार जारी है अभियान
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पिछले कुछ समय से अवैध निर्माण और भू-माफियाओं के खिलाफ लगातार अभियान चला रहा है। कई स्थानों पर करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान और तेज किए जाएंगे ताकि प्राधिकरण की जमीनों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह से नोएडा और ग्रेटर नोएडा में जमीनों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, उसे देखते हुए अवैध कॉलोनियों का खतरा भी बढ़ा है। ऐसे में प्राधिकरण की सक्रियता और सख्ती ही सुनियोजित विकास को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अवैध कॉलोनाइजरों के लिए साफ संदेश
खोदना खुर्द में हुई यह कार्रवाई भू-माफियाओं और अवैध कॉलोनाइजरों के लिए एक बड़ा संदेश मानी जा रही है। प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि सरकारी और अधिसूचित जमीनों पर कब्जा करने या अवैध प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।



