GL Bajaj College News : GL बाजाज के सीईओ कार्तिकेय अग्रवाल को शिक्षा क्षेत्र में “ट्रिपल एक्सीलेंस ऑनर” — इंजीनियरिंग, एमबीए और बीबीए श्रेणियों में मिला राष्ट्रीय गौरव सम्मान, ग्रेटर नोएडा का गौरव — शिक्षा जगत में नई ऊंचाइयों को छूते कार्तिकेय अग्रवाल, वाइस चेयरमैन पंकज अग्रवाल का गर्व भरा बयान

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। शिक्षा जगत में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है — GL Bajaj Educational Institutions के सीईओ श्री कार्तिकेय अग्रवाल को उच्च शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए तीन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। ये सम्मान उन्हें अभिनेता शरमन जोशी द्वारा एक भव्य समारोह में प्रदान किए गए।
यह उपलब्धि न केवल कार्तिकेय अग्रवाल की व्यक्तिगत सफलता का प्रतीक है, बल्कि GL बाजाज संस्थान की शिक्षा के क्षेत्र में स्थापित गुणवत्ता, नवाचार और नेतृत्व क्षमता की पुष्टि भी करती है।
तीनों श्रेणियों में उत्कृष्टता का ताज — इंजीनियरिंग, एमबीए और बीबीए
कार्तिकेय अग्रवाल को निम्नलिखित श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए
इंजीनियरिंग में उत्कृष्टता (Excellence in Engineering Education)
एमबीए में उत्कृष्टता (Excellence in MBA Education)
बीबीए में उत्कृष्टता (Excellence in BBA Education)
इन तीनों श्रेणियों में एक साथ सम्मान मिलना इस बात का प्रमाण है कि GL बाजाज संस्थान न केवल तकनीकी शिक्षा में अग्रणी है, बल्कि प्रबंधन और उद्यमिता शिक्षा के क्षेत्र में भी अग्रसर है।
दूरदर्शी नेतृत्व और शिक्षा में नवाचार की मिसाल
कार्तिकेय अग्रवाल ने GL बाजाज में अपने कार्यकाल के दौरान “क्वालिटी विद पर्पज़” के सिद्धांत पर काम करते हुए संस्थान को देश के शीर्ष निजी शिक्षण संस्थानों की सूची में शामिल किया।
उनके नेतृत्व में संस्थान ने –
इंडस्ट्री पार्टनरशिप्स को मजबूत किया,
इनोवेशन और रिसर्च कल्चर को बढ़ावा दिया,
विद्यार्थियों को ग्लोबल एक्सपोज़र दिलाने के लिए विदेशी यूनिवर्सिटीज़ से समझौते किए,
और स्किल-आधारित शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा दिया।
यह विजन GL बाजाज को सिर्फ एक कॉलेज नहीं, बल्कि एक “Complete Learning Ecosystem” बनाता है।
वाइस चेयरमैन पंकज अग्रवाल का गर्व भरा बयान
GL Bajaj Educational Institutions के वाइस चेयरमैन श्री पंकज अग्रवाल ने इस गौरवपूर्ण अवसर पर कहा “कार्तिकेय अग्रवाल की लगन, उनकी प्रगतिशील सोच और विद्यार्थियों के समग्र विकास के प्रति समर्पण ने GL बाजाज में नई ऊर्जा भरी है। ये पुरस्कार केवल उनकी उपलब्धि नहीं, बल्कि हमारे पूरे संस्थान की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक हैं — एक ऐसी शिक्षा प्रदान करने की जो न केवल करियर बनाती है बल्कि चरित्र भी गढ़ती है।”
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि ग्रेटर नोएडा ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए गर्व का विषय है, क्योंकि यह क्षेत्र अब राष्ट्रीय स्तर पर उच्च शिक्षा के मानचित्र पर मजबूती से उभर रहा है।
GL बाजाज: भारत के अग्रणी शिक्षा संस्थानों में एक सशक्त नाम
कार्तिकेय अग्रवाल के नेतृत्व में GL Bajaj Educational Institutions ने बीते वर्षों में अनेक मील के पत्थर पार किए हैं
राष्ट्रीय स्तर पर प्लेसमेंट रिकॉर्ड में निरंतर सुधार,
उद्योग से जुड़े प्रशिक्षण और प्रोजेक्ट्स,
अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल लर्निंग सुविधाएं,
और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक साझेदारी जैसे कार्यक्रमों ने GL बाजाज को शिक्षा की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।
संस्थान का लक्ष्य न केवल छात्रों को जॉब के लिए तैयार करना है, बल्कि उन्हें “लीडरशिप एंड इनोवेशन के लिए तैयार” करना है।
पुरस्कारों के मायने — शिक्षा का भविष्य और जिम्मेदारी
इन तीनों पुरस्कारों के साथ कार्तिकेय अग्रवाल अब शिक्षा के नए विचारों और मूल्यों के प्रतीक के रूप में उभर कर सामने आए हैं। उन्होंने कहा “यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि हर उस शिक्षक, छात्र और सहयोगी का है जिसने GL बाजाज को आज इस मुकाम तक पहुंचाया। हमारा मिशन है — शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रखना, बल्कि उसे जीवन बदलने का माध्यम बनाना।”
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा को तकनीकी प्रगति, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ जोड़ना ही भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
उत्कृष्टता की यह त्रयी — GL बाजाज की पहचान
इंजीनियरिंग, एमबीए और बीबीए में उत्कृष्टता का यह “त्रि-सम्मान” GL Bajaj की गुणवत्ता शिक्षा और समर्पित शैक्षणिक दृष्टिकोण का जीवंत उदाहरण है। यह पुरस्कार संस्थान की उस परंपरा को भी मजबूत करता है जिसमें हर छात्र को न केवल एक बेहतर पेशेवर बनाया जाता है, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक भी।
शिक्षा के क्षेत्र में ग्रेटर नोएडा की नई पहचान
कार्तिकेय अग्रवाल की यह उपलब्धि एक संदेश देती है कि ग्रेटर नोएडा अब भारत की शिक्षा राजधानी बनने की दिशा में अग्रसर है। GL बाजाज जैसे संस्थान यह साबित कर रहे हैं कि यदि दृष्टि, समर्पण और नवाचार का संगम हो, तो विश्व स्तरीय शिक्षा देना अब किसी बड़े शहर का विशेषाधिकार नहीं, बल्कि हर छात्र का अधिकार है।



