धार्मिकगौतमबुद्ध नगरग्रेटर नोएडा

Vijay Mahotsav Ramlila : सीता के वियोग में व्याकुल हुए श्रीराम ग्रेटर नोएडा की रामलीला में दर्शकों ने देखा भावुक कर देने वाला दृश्य, पंचवटी की ओर यात्रा और सूपर्णखा प्रकरण, मुख्य अतिथियों में भाजपा सांसद पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा, दादरी विधायक तेजपाल नागर, भाजपा नेता सतेंद्र नागर रहे

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। श्री रामलीला कमेटी, साइट-4, ग्रेटर नोएडा द्वारा आयोजित भव्य रामलीला मंचन में रविवार की रात भक्तिभाव और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंचन की शुरुआत गणेश वंदना से हुई और धीरे-धीरे लीला का प्रवाह उस भावुक क्षण तक पहुंचा जब माता सीता के वियोग में प्रभु श्रीराम व्याकुल होकर वन-वन भटकते दिखाई दिए। ग्रेटर नोएडा की रामलीला सिर्फ धार्मिक आस्था का मंच नहीं बल्कि भक्ति, भावुकता और सामाजिक समरसता का संगम है। “सीता वियोग” का यह प्रसंग हर किसी के हृदय को छू गया। दर्शकों ने इसे न केवल एक नाटक के रूप में देखा बल्कि अपने जीवन की भावनाओं से जोड़कर अनुभव किया।

दीप प्रज्ज्वलन से हुई कार्यक्रम की शुरुआत

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों में माननीय सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा, दादरी विधायक तेजपाल नागर, लखावटी ब्लॉक प्रमुख ईश्वर पहलवान, दैनिक जागरण के ब्यूरो चीफ धर्मेंद्र चंदेल, भाजपा नेता सतेन्द्र नागर, ईलम सिंह नागर और रामशरण नागर शामिल रहे।

कार्यक्रम के प्रायोजकों में कामख्या ग्रुप के चेयरमैन मूलचन्द वशिष्ठ, केबी ग्रुप के निदेशक राकेश अग्रवाल, नवीन जिंदल, आशीष गुप्ता, नरेन्द्र यादव और दीपक राय मौजूद रहे। सभी गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर प्रभु श्रीराम के चित्र पर माल्यार्पण किया और इस दिव्य आयोजन की शुरुआत की।

IMG 20250929 WA0058 converted
पंचवटी की ओर यात्रा और सूपर्णखा प्रकरण, मुख्य अतिथियों में भाजपा सांसद पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा, दादरी विधायक तेजपाल नागर, भाजपा नेता सतेंद्र नागर, और वरिष्ठ पत्रकार धमेंद्र चंदेल रहे

पंचवटी की ओर यात्रा और सूपर्णखा प्रकरण

कमेटी के संयुक्त महासचिव सौरभ बंसल ने जानकारी दी कि लीला का मंचन उस प्रसंग से शुरू हुआ जब श्रीराम, सीता और लक्ष्मण चित्रकूट से आगे बढ़कर ऋषि अगस्त्य से मिलते हैं। ऋषि अगस्त्य उन्हें पंचवटी में निवास करने की सलाह देते हैं।

पंचवटी में प्रवेश करते ही कथा का रुख सूपर्णखा संवाद की ओर बढ़ता है। सूपर्णखा प्रभु श्रीराम को देखकर उनसे विवाह का प्रस्ताव रखती है। इस प्रसंग का मंचन जहां दर्शकों को रोमांचित करता है, वहीं लक्ष्मण द्वारा सूपर्णखा की नाक काटे जाने पर दर्शकों की भावनाएं चरम पर पहुंच गईं।

खर-दूषण वध और रावण का छल

कोषाध्यक्ष मनोज गर्ग ने बताया कि नाक कटने के अपमान से व्यथित सूपर्णखा अपने भाइयों खर और दूषण के पास जाती है। दोनों श्रीराम और लक्ष्मण से युद्ध करते हैं, लेकिन प्रभु की दिव्य शक्ति के आगे वे असफल होकर मारे जाते हैं।

इसके बाद कथा का अगला चरण आता है जब सूपर्णखा रावण के पास पहुंचती है और उसे सीता के सौंदर्य का वर्णन करती है। रावण छलपूर्वक मारीच को स्वर्ण मृग का रूप धारण करने के लिए तैयार करता है। इसी बहाने वह साधु वेश में सीता जी का अपहरण करता है। यह दृश्य मंचन का सबसे मार्मिक पल था।

IMG 20250929 WA0063 converted
पंचवटी की ओर यात्रा और सूपर्णखा प्रकरण, मुख्य अतिथियों में भाजपा सांसद पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा, दादरी विधायक तेजपाल नागर, भाजपा नेता सतेंद्र नाग रहे

जटायु की वीरगाथा

सीता हरण के समय वृद्ध पक्षीराज जटायु का साहसिक प्रयास मंच पर जीवंत हो उठा। रावण से भिड़कर जटायु ने माता सीता की रक्षा का भरपूर प्रयास किया, लेकिन रावण के हाथों घायल होकर भूमि पर गिर पड़े।

दर्शकों की आंखें उस समय नम हो उठीं जब घायल जटायु को मंच पर तड़पते दिखाया गया।

सीता वियोग में व्याकुल श्रीराम

महासचिव विजेंद्र सिंह आर्य ने बताया कि रामलीला का सबसे भावुक दृश्य तब मंचित हुआ जब प्रभु श्रीराम सीता हरण की खबर पाकर वन-वन सीता की खोज में भटकते हैं।

श्रीराम कभी खग-मृगों से पूछते, कभी पेड़-पौधों से संवाद करते और व्याकुल होकर सीता का पता लगाने की कोशिश करते। इसी बीच उनकी मुलाकात अंतिम सांसें ले रहे जटायु से होती है। जटायु उन्हें बताता है कि रावण सीता को लेकर दक्षिण दिशा में गया है और वहीं अपने प्राण त्याग देता है।यह दृश्य देखकर पूरा पंडाल भावुकता और श्रद्धा से भर उठा।

आरती और समापन

जटायु उद्धार के बाद लीला का मंचन आरती के साथ समाप्त हुआ। भक्तों ने जोरदार जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा वातावरण गुंजायमान कर दिया।

अगले दिन का मंचन

मीडिया प्रभारी विनोद कसाना ने बताया कि 30 सितम्बर को होने वाले मंचन में कई महत्वपूर्ण प्रसंग प्रस्तुत किए जाएंगे। इनमें शबरी उद्धार, राम-सुग्रीव मित्रता, बाली वध, सीता की खोज, हनुमान-रावण संवाद और लंका दहन शामिल हैं। इन प्रसंगों के मंचन को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह है।

IMG 20250929 WA0067 converted
सीता के वियोग में व्याकुल हुए श्रीराम ग्रेटर नोएडा की रामलीला में दर्शकों ने देखा

आयोजन समिति और गणमान्य लोगों की मौजूदगी

इस अवसर पर अध्यक्ष मनजीत सिंह, धर्मपाल भाटी, विजेंद्र सिंह आर्य, मनोज गर्ग, सौरभ बंसल, विनोद कसाना, ओमप्रकाश अग्रवाल, कुलदीप शर्मा, कमल सिंह आर्य, मुकेश शर्मा, केके शर्मा, हरेन्द्र भाटी, मुकुल गोयल, अमित गोयल, अतुल जिंदल, गिरीश जिंदल, श्यामवीर भाटी, अनुज उपाध्याय, मनोज यादव, सुभाष चंदेल, गजेंद्र चौधरी, सुनील प्रधान, अरुण गुप्ता, अंकुर गर्ग, विशाल जैन, उमंग सिंगला, मोनू गर्ग, दीपक भाटी, राहुल नम्बरदार, प्रभाकर देशमुख, विकास आर्य, रिंकू आर्य, प्रमोश मास्टर, टी.पी. सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
Raftar Today

Related Articles

Back to top button