RWA Villege News : “अब गांव खुद संभालेगा विकास की कमान”, हबीबपुर गांव में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन का गठन, रणवीर सिंह चौधरी बने अध्यक्ष, अमित चंदेल को मिली सचिव की जिम्मेदारी, आरडब्ल्यूए का लक्ष्य विकास, स्वच्छता और अधिकार

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। ग्रामीण विकास की रफ्तार को फिर से पटरी पर लाने और वर्षों से लंबित पड़ी बुनियादी समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से हबीबपुर गांव में रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) का औपचारिक गठन कर दिया गया है। पंचायत चुनावों के बाद गांवों में विकास कार्यों के ठप पड़ जाने से परेशान ग्रामीणों ने अब स्वयं संगठित होकर विकास की कमान अपने हाथों में लेने का संकल्प लिया है। इसी कड़ी में हबीबपुर गांव के जागरूक नागरिकों ने सर्वसम्मति से आरडब्ल्यूए का गठन किया और नई कार्यकारिणी की घोषणा की।
इस नवगठित आरडब्ल्यूए में रणवीर सिंह चौधरी को अध्यक्ष, अमित चंदेल को सचिव, विनोद को कोषाध्यक्ष, कृष्ण को सहसचिव, तेजवीर को उपाध्यक्ष तथा सुनीता को सदस्य नियुक्त किया गया है। आरडब्ल्यूए के सभी पदाधिकारियों ने गांव के समग्र विकास, स्वच्छता, आधारभूत सुविधाओं और प्रशासनिक समन्वय को लेकर एकजुट होकर काम करने का भरोसा दिलाया है।
प्रेस क्लब में हुआ ऐलान, गांव की समस्याओं को रखा गया खुलकर
आरडब्ल्यूए गठन की जानकारी ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान दी गई। इस दौरान आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने न केवल संगठन के उद्देश्य बताए, बल्कि गांव में व्याप्त समस्याओं को भी मीडिया और प्रशासन के सामने विस्तार से रखा। प्रेसवार्ता में मौजूद ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यदि पंचायत स्तर पर विकास कार्य बाधित हैं, तो अब गांववाले मिलकर वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में आरडब्ल्यूए के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
“गांव में विकास ठप, समस्याएं चरम पर”
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष बने रणवीर सिंह चौधरी ने कहा कि हबीबपुर गांव की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने बताया कि—गांव में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं
नालियां जाम पड़ी हैं, जिससे गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है
सीवर ओवरफ्लो के कारण बदबू और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है
कई स्थानों पर पुलिया और सड़कें क्षतिग्रस्त हैं
बरसात के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं
रणवीर सिंह चौधरी ने दो टूक कहा कि “जब तक गांव में चुनी हुई पंचायत सक्रिय नहीं होती, तब तक गांव को समस्याओं के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। आरडब्ल्यूए का गठन इसी मजबूरी और जिम्मेदारी से किया गया है।”
आरडब्ल्यूए का लक्ष्य: विकास, स्वच्छता और अधिकार
नवगठित आरडब्ल्यूए का मुख्य उद्देश्य केवल समस्याएं गिनाना नहीं, बल्कि समाधान की दिशा में ठोस पहल करना है। आरडब्ल्यूए की प्राथमिकताओं में शामिल हैं— गांव में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त कराना
नालियों और सीवर की स्थायी सफाई और मरम्मत
टूटी सड़कों और पुलियों का पुनर्निर्माण
स्ट्रीट लाइट, पेयजल और जल निकासी की बेहतर व्यवस्था
प्रशासन और प्राधिकरण के साथ निरंतर संवाद
गांववासियों को एकजुट कर सामूहिक निर्णय प्रक्रिया विकसित करना
सचिव अमित चंदेल बोले: “अब गांव की आवाज दबेगी नहीं”
आरडब्ल्यूए के सचिव अमित चंदेल ने कहा कि गांवों में विकास तभी संभव है जब लोग संगठित होकर अपनी मांगें मजबूती से रखें। उन्होंने कहा “आरडब्ल्यूए गांव की सामूहिक आवाज बनेगा। प्रशासन से संवाद, शिकायत और समाधान—तीनों स्तर पर हम सक्रिय भूमिका निभाएंगे।”
फेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए का समर्थन, 7 से अधिक गांवों में हो चुका गठन
इस अवसर पर फेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष देवेंद्र टाइगर भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा और आसपास के गांवों में पंचायत चुनावों के बाद जो विकास का शून्य पैदा हुआ है, उसे भरने के लिए आरडब्ल्यूए एक सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है।
देवेंद्र टाइगर ने बताया कि—अब तक 7 से अधिक गांवों में आरडब्ल्यूए का गठन किया जा चुका है। साकीपुर, तिलपता, मलकपुर जैसे गांवों में आरडब्ल्यूए सक्रिय रूप से काम कर रही हैं इन गांवों में प्रशासन पर दबाव बनाकर बंद पड़े विकास कार्यों को दोबारा शुरू कराया गया है
उन्होंने कहा “ग्रामीण क्षेत्रों में आरडब्ल्यूए एक समानांतर जनसरोकार मंच बन रहा है, जो विकास को गति देने में अहम भूमिका निभाएगा।”
गांवों में नई जागरूकता की लहर
हबीबपुर में आरडब्ल्यूए का गठन केवल एक संगठनात्मक कदम नहीं, बल्कि ग्रामीण समाज में बढ़ती जागरूकता का प्रतीक है। जहां पहले गांववासी पंचायत या प्रशासन के भरोसे रहते थे, अब वे स्वयं नेतृत्व संभालने के लिए आगे आ रहे हैं। इससे न केवल प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि गांवों में विकास कार्यों की निगरानी भी बेहतर होगी।
ग्रामीणों का भरोसा: “अब हालात बदलेंगे”
प्रेसवार्ता में मौजूद ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि आरडब्ल्यूए के गठन से— गांव की समस्याएं फाइलों में दबेंगी नहीं
अधिकारियों तक सीधी और संगठित शिकायत पहुंचेगी
विकास कार्यों में पारदर्शिता और गति आएगी
ग्रामीणों का कहना है कि आरडब्ल्यूए के माध्यम से अब गांव की आवाज एकजुट होकर उठेगी और हबीबपुर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।
हबीबपुर गांव में रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन का गठन ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक पहल है। यह संगठन न केवल गांव की समस्याओं को उजागर करेगा, बल्कि प्रशासन और प्राधिकरण के साथ समन्वय बनाकर जमीनी स्तर पर बदलाव लाने का कार्य करेगा। जिस तरह से आसपास के गांवों में आरडब्ल्यूए प्रभावी साबित हुई हैं, उसी तरह हबीबपुर के लोग भी अब विकास की नई इबारत लिखने को तैयार नजर आ रहे हैं।



