Greater Noida Authority News : ग्रेटर नोएडा में विकास की डबल स्पीड!, 130 मीटर रोड पर बनेगा नया यू-टर्न, तिलपता जाम से मिलेगी राहत — 43 करोड़ के 39 विकास कार्यों से शहर की तस्वीर बदलने की तैयारी, सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर विकास कार्यों में तेजी

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा में ट्रैफिक जाम, टूटी सड़कें, अधूरी सुविधाएं और धीमे विकास कार्यों से परेशान लोगों के लिए अब बड़ी राहत की खबर सामने आई है। शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली 130 मीटर रोड पर लंबे समय से लोगों की परेशानी का कारण बने तिलपता गोलचक्कर के पास अब नया यू-टर्न बनाया जाएगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का टेंडर जारी कर दिया है। माना जा रहा है कि यह नया यू-टर्न बनने के बाद ग्रेटर नोएडा वेस्ट और शहर के मुख्य हिस्सों के बीच लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
लेकिन कहानी सिर्फ एक यू-टर्न तक सीमित नहीं है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को नई रफ्तार देने के लिए एक साथ 39 बड़े विकास कार्यों के टेंडर जारी किए हैं, जिन पर करीब 43 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन परियोजनाओं में सड़क, सीवर, जलापूर्ति, बिजली, उद्यान, स्ट्रीट लाइट, श्मशान घाट, विज्ञान प्रयोगशाला और पार्कों के सौंदर्यीकरण जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
तिलपता जाम से मिलेगी राहत, तीन महीने में तैयार होगा यू-टर्न
ग्रेटर नोएडा से ग्रेटर नोएडा वेस्ट की तरफ जाने वाले हजारों वाहन रोजाना तिलपता गोलचक्कर पर जाम में फंसते हैं। खासकर ऑफिस टाइम और शाम के समय यहां लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं। लोगों की इसी परेशानी को देखते हुए अब 130 मीटर रोड पर तिलपता गोलचक्कर से पहले नया यू-टर्न बनाने का फैसला लिया गया है।
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार इस निर्माण कार्य को पूरा होने में लगभग तीन महीने का समय लगेगा। इसके बनने के बाद ट्रैफिक का दबाव सीधे गोलचक्कर पर नहीं पड़ेगा और वाहनों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित हो सकेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह योजना समय पर पूरी हो जाती है, तो रोजाना लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिल सकती है।
सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर विकास कार्यों में तेजी
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने शहर की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए विभिन्न विभागों को तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में सिविल, बिजली, उद्यान, जल और सीवर विभाग से जुड़े दर्जनों विकास कार्यों के टेंडर जारी किए गए हैं।
प्राधिकरण का उद्देश्य केवल नई परियोजनाएं शुरू करना नहीं, बल्कि पुराने और अधूरे कार्यों को भी तेजी से पूरा करना है, ताकि शहर की बुनियादी व्यवस्था मजबूत हो सके।
इन बड़े विकास कार्यों पर खर्च होंगे करोड़ों रुपये
श्मशान घाटों का होगा आधुनिकीकरण
हल्दौनी और रोजा जलालपुर के श्मशान घाटों में पहुंच मार्ग, चबूतरा, कमरे, बाउंड्री वॉल, शेड और प्रतीक्षा कक्ष बनाए जाएंगे। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
नॉलेज पार्क और बिल्डर एरिया में सड़कें होंगी मजबूत
नॉलेज पार्क-1 की आंतरिक सड़कों की रिसर्फेसिंग की जाएगी। वहीं सेक्टर पी-3 बिल्डर्स एरिया में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का नवीनीकरण और 24 मीटर चौड़ी सड़क के दोनों ओर ग्रास पेवर ब्लॉक लगाए जाएंगे।
गांवों में होगा इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार
ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई बड़े कार्यों को मंजूरी मिली है। बादलपुर में नाली कवर करने और सीसी रोड की मरम्मत होगी। सूरजपुर, थपाखेड़ा, चिपियाना बुजुर्ग, हैबतपुर अच्छेजा, मिल्क लच्छी, वैदपुरा, सुनपुरा, तालड़ा और कई अन्य गांवों में सड़क, नाली और इंटरलॉकिंग टाइल्स का निर्माण किया जाएगा।
स्कूलों में बनेंगी विज्ञान प्रयोगशालाएं
ग्रेटर नोएडा और आसपास के गांवों के कई स्कूलों में आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिलेंगी और विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
पार्क और हरियाली पर भी फोकस
सेक्टर ज्यू-2 के पार्कों में घास, पौधे और सौंदर्यीकरण कार्य किए जाएंगे। इसके अलावा दो वर्षों तक इनके रखरखाव की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। इससे सेक्टरवासियों को साफ-सुथरा और हराभरा वातावरण मिलेगा।
LED स्ट्रीट लाइट और बिजली व्यवस्था होगी बेहतर
ईकोटेक-10 और एसके रोड सहित कई प्रमुख मार्गों पर नई एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाई जाएंगी। कासना से सिरसा रोटरी तक पुरानी लाइट हटाकर नई ऊर्जा दक्ष लाइटें लगाई जाएंगी, जिससे रात में सड़क सुरक्षा भी बेहतर होगी।
जलापूर्ति और सीवर व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
जैतपुर-वैशपुर को आदर्श ग्राम बनाने के तहत जलापूर्ति पाइपलाइन जोड़ने और पंप हाउस के मरम्मतीकरण का कार्य किया जाएगा। इसके अलावा कई क्षेत्रों में सीवर और ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
एक महीने में पूरी होगी टेंडर प्रक्रिया
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक एके सिंह ने बताया कि सभी टेंडर प्रक्रियाओं को अगले एक महीने में पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्यों को तय समयसीमा में पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है।
शहर की बदलती तस्वीर, विकास की नई तैयारी
ग्रेटर नोएडा तेजी से विस्तार कर रहा है और आबादी बढ़ने के साथ सुविधाओं की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में 43 करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं को शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यदि ये योजनाएं समय पर पूरी होती हैं, तो आने वाले समय में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था, सड़कें, पार्क, बिजली और नागरिक सुविधाएं काफी बेहतर दिखाई देंगी।



