शिक्षाग्रेटर नोएडाताजातरीन

Galgotia University News : क्लासरूम से सीधे एप्पल ऐप स्टोर तक!, गलगोटिया यूनिवर्सिटी के छात्रों ने मचाया टेक्नोलॉजी की दुनिया में धमाल, AI से हेल्थकेयर तक लॉन्च किए 34 iOS Apps, देशभर में बना चर्चा का केंद्र, डॉ. ध्रुव गलगोटिया बोले – “अब शिक्षा का मतलब केवल डिग्री नहीं”

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। जहां एक तरफ देश के अधिकांश छात्र अभी भी केवल डिग्री और प्लेसमेंट तक सीमित शिक्षा प्रणाली में खुद को ढालने में जुटे हैं, वहीं ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटिया यूनिवर्सिटी के छात्रों ने टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की दुनिया में ऐसा कमाल कर दिखाया है, जिसकी चर्चा अब राष्ट्रीय स्तर पर होने लगी है। यूनिवर्सिटी के छात्रों ने एप्पल ऐप स्टोर पर एक साथ 34 iOS एप्लिकेशन्स लॉन्च कर न सिर्फ अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि आने वाला डिजिटल भारत केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि ग्लोबल टेक्नोलॉजी क्रिएटर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

एआई, हेल्थकेयर, एजुकेशन, सोशल इम्पैक्ट, एक्सेसिबिलिटी, वेलबीइंग और डिजिटल प्रोडक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में तैयार किए गए ये ऐप्स अब एप्पल ऐप स्टोर पर लाइव हैं और यूजर्स के बीच अपनी उपयोगिता के कारण तेजी से पहचान बना रहे हैं। यह उपलब्धि यूनिवर्सिटी के iOS Student Developer Program के तहत हासिल हुई है, जिसे Apple और Infosys का तकनीकी और शैक्षणिक सहयोग प्राप्त है।

“अब छात्र सिर्फ पढ़ नहीं रहे, दुनिया के लिए टेक्नोलॉजी बना रहे हैं”
गलगोटिया यूनिवर्सिटी की यह उपलब्धि केवल एक शैक्षणिक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि भारतीय शिक्षा मॉडल में आ रहे बदलाव का संकेत भी मानी जा रही है। यहां छात्रों को केवल थ्योरी आधारित शिक्षा तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि उन्हें वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए डिजिटल प्रोडक्ट्स विकसित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि छात्रों को शुरुआत से ही इंडस्ट्री-ओरिएंटेड ट्रेनिंग, मॉडर्न लैब्स, लाइव प्रोजेक्ट्स और प्रैक्टिकल डेवलपमेंट एनवायरनमेंट दिया जाता है, ताकि वे भविष्य की टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।

AI, हेल्थकेयर और एजुकेशन में बनाए स्मार्ट सॉल्यूशन्स
छात्रों द्वारा विकसित किए गए एप्लिकेशन्स केवल मनोरंजन या सामान्य उपयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कई ऐप्स समाज की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। इनमें— Artificial Intelligence आधारित स्मार्ट सिस्टम, हेल्थ मॉनिटरिंग और वेलनेस ऐप्स, एजुकेशन सपोर्ट प्लेटफॉर्म, एक्सेसिबिलिटी टूल्स, लाइफस्टाइल और प्रोडक्टिविटी एप्लिकेशन्स, सोशल इम्पैक्ट आधारित डिजिटल सॉल्यूशन्स जैसी श्रेणियां शामिल हैं।
कई एप्लिकेशन्स ऐसे हैं जो बुजुर्गों, छात्रों, दिव्यांग यूजर्स और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े लोगों की मदद करने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। यूनिवर्सिटी का दावा है कि छात्र अब “कोडिंग सीखने” से आगे बढ़कर “समस्या समाधान आधारित टेक्नोलॉजी” तैयार कर रहे हैं।

Swift Programming से लेकर App Deployment तक मिला पूरा प्रशिक्षण
गलगोटिया यूनिवर्सिटी का iOS Student Developer Program छात्रों को केवल ऐप डिजाइनिंग तक सीमित नहीं रखता। इस कार्यक्रम के तहत उन्हें—Swift Programming, UI/UX Design, Product Development, Testing & Debugging, Deployment Process, User-Centric Thinking
जैसे प्रोफेशनल स्किल्स में संरचित प्रशिक्षण दिया जाता है।
छात्र टीम आधारित प्रोजेक्ट्स पर काम करते हैं, जहां वे आइडिया से लेकर लाइव प्रोडक्ट लॉन्च तक की पूरी प्रक्रिया सीखते हैं। यही कारण है कि यूनिवर्सिटी का यह मॉडल अब इंडस्ट्री और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स के बीच भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है।

फैकल्टी और इंडस्ट्री मेंटर्स बने सफलता की रीढ़
यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनुसार इस सफलता के पीछे फैकल्टी मेंटर्स और इंडस्ट्री गाइडेड लर्निंग का बड़ा योगदान रहा है। छात्र जब किसी आइडिया पर काम शुरू करते हैं, तब उन्हें टेक्निकल, डिजाइन और बिजनेस स्तर पर लगातार मार्गदर्शन दिया जाता है।
मेंटर्स छात्रों को यह समझने में मदद करते हैं कि किसी डिजिटल प्रोडक्ट को यूजर फ्रेंडली, उपयोगी और मार्केट रेडी कैसे बनाया जाए। इसी सहयोगात्मक माहौल ने कैंपस में एक मजबूत इनोवेशन इकोसिस्टम तैयार किया है।

Apple Swift Student Challenge 2026 में भी बनाया रिकॉर्ड
गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने केवल ऐप लॉन्चिंग में ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर की प्रतियोगिताओं में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। यूनिवर्सिटी के 18 छात्रों ने Apple Swift Student Challenge 2026 में सफलता हासिल की, जो भारत के किसी भी निजी विश्वविद्यालय के लिए सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है।
इन छात्रों ने एक्सेसिबिलिटी, हेल्थकेयर, एजुकेशन, ऑगमेंटेड रियलिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में ऐसे एप्लिकेशन्स विकसित किए, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली।

डॉ. ध्रुव गलगोटिया बोले – “अब शिक्षा का मतलब केवल डिग्री नहीं”
गलगोटिया यूनिवर्सिटी के सीईओ डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा—
“टेक्नोलॉजी शिक्षा का उद्देश्य केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं होना चाहिए। हमारा लक्ष्य ऐसे प्रोडक्ट्स तैयार करना है जो वास्तविक समस्याओं का समाधान करें। हमें गर्व है कि हमारे छात्र ऐसे एप्लिकेशन्स विकसित कर रहे हैं जिनका उपयोग कैंपस से बाहर भी लोग कर सकते हैं।”
उन्होंने कहा कि यह सफलता छात्रों की कल्पनाशीलता, अनुशासन और नवाचार की सोच को दर्शाती है।

ग्रेटर नोएडा बन रहा डिजिटल इनोवेशन हब
गलगोटिया यूनिवर्सिटी की इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ग्रेटर नोएडा अब केवल शिक्षा और इंडस्ट्री का शहर नहीं, बल्कि तेजी से उभरता हुआ डिजिटल इनोवेशन हब भी बनता जा रहा है।
AI, Robotics, Data Science, Entrepreneurship और Digital Product Innovation जैसे क्षेत्रों में यूनिवर्सिटी लगातार नए प्रयोग कर रही है और छात्रों को वैश्विक स्तर के अवसरों से जोड़ रही है।

अब कई नए ऐप्स पाइपलाइन में, और भी बड़े लॉन्च की तैयारी
यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनुसार कई अन्य छात्र-निर्मित एप्लिकेशन्स फिलहाल डेवलपमेंट और टेस्टिंग फेज में हैं, जिन्हें आने वाले समय में लॉन्च किया जाएगा। माना जा रहा है कि अगले कुछ महीनों में गलगोटिया यूनिवर्सिटी देश के सबसे मजबूत स्टूडेंट टेक इकोसिस्टम में अपनी जगह और मजबूत करेगी।

रफ़्तार टूडे की न्यूज
Raftar Today
Raftar Today

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button