GNIOT College News : “सपनों को मिली उड़ान, मेहनत को मिला मान” — जीएनआईओटी में पीजीडीएम बैच 2023–25 का भव्य दीक्षांत समारोह, राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद ख़ान ने दिया सफलता का मंत्र, नेतृत्व की सराहना और संस्थान की उपलब्धियां

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूड। जब कड़ी मेहनत, अनुशासन और सपनों का संगम होता है, तब जन्म लेती है सफलता की वह कहानी, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती है। ऐसा ही भावुक, गरिमामय और ऐतिहासिक क्षण 11 फरवरी 2026 को ग्रेटर नोएडा स्थित जीएनआईओटी इंस्टीट्यूशंस ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (जीआईएमएस) के परिसर में देखने को मिला, जब पीजीडीएम बैच 2023–25 का दीक्षांत समारोह अत्यंत भव्यता और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ।
यह अवसर केवल डिग्रियों के वितरण का नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत, संघर्ष और आत्मविश्वास की विजय का प्रतीक बन गया। सभागार तालियों की गूंज से बार-बार भरता रहा और हर चेहरे पर गर्व, संतोष और भविष्य की नई आशाओं की चमक साफ दिखाई दी।
मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे माननीय बिहार राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद ख़ान
इस ऐतिहासिक समारोह के मुख्य अतिथि रहे माननीय बिहार राज्यपाल श्री आरिफ़ मोहम्मद ख़ान, जिनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को कई गुना बढ़ा दिया। अपने प्रेरणादायी संबोधन की शुरुआत उन्होंने अत्यंत आत्मीय अंदाज़ में की—“आदरणीय जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन एवं वाइस चेयरमैन महोदय, जीएनआईओटी इंस्टीट्यूशंस ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के यशस्वी सीईओ श्री स्वदेश कुमार सिंह जी, संस्थान के आदरणीय निदेशक महोदय, सम्मानित प्राध्यापकगण, गणमान्य अतिथिगण, मीडियाबंधु, अभिभावकगण तथा आज दीक्षांत उपाधि प्राप्त करने वाले मेरे प्रिय विद्यार्थियों—आप सभी को सादर नमस्कार।”
उन्होंने कहा कि जीएनआईओटी ग्रुप पिछले कई वर्षों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। प्रबंधन शिक्षा आज केवल रोजगार तक सीमित नहीं, बल्कि यह नेतृत्व, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व की मजबूत नींव है।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डिग्री केवल पहचान देती है, लेकिन असली पहचान उनके चरित्र, दृष्टिकोण और कार्य-संस्कृति से बनेगी। डिजिटल अर्थव्यवस्था, डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस युग में प्रबंधन विशेषज्ञों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
नेतृत्व की सराहना और संस्थान की उपलब्धियां
राज्यपाल श्री आरिफ़ मोहम्मद ख़ान ने विशेष रूप से जीएनआईओटी इंस्टीट्यूशंस ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री स्वदेश कुमार सिंह के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शिता और शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता ने संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जीएनआईओटी समूह के अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार गुप्ता ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि संस्थान विद्यार्थियों को केवल अकादमिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि उद्योग-अनुकूल कौशल, नैतिक मूल्य और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए आवश्यक दक्षता प्रदान करता है।
वाइस चेयरमैन श्री गौरव गुप्ता ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जीएनआईओटी समूह हमेशा नवाचार, गुणवत्ता और अनुशासन के साथ शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
विशिष्ट अतिथियों ने दिया राष्ट्र निर्माण का संदेश
समारोह के विशिष्ट अतिथि श्री नागेन्द्र नाथ त्रिपाठी, क्षेत्रीय महामंत्री (संगठन), भारतीय जनता पार्टी, बिहार–झारखंड ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग राष्ट्रहित में करें तथा सामाजिक उत्तरदायित्व को कभी न भूलें।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. भूपेन्द्र कुमार सोम, भारतीय जनता पार्टी के नेता श्री नीरज सिंह, श्री महेन्द्र कुमार, तथा कुलसचिव श्री अनिल मधवाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि मंच पर उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन डॉ. शालिनी शर्मा द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे समारोह को अनुशासित, गरिमामय और समयबद्ध ढंग से संचालित किया।
290 से अधिक विद्यार्थियों को मिली उपाधि
दीक्षांत समारोह के दौरान पीजीडीएम बैच 2023–25 के दो सौ नब्बे से अधिक विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। जैसे ही विद्यार्थियों ने मंच पर आकर अपनी डिग्री ग्रहण की, सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
अभिभावकों की आंखों में गर्व के आंसू थे, वहीं विद्यार्थियों के चेहरे पर नई जिम्मेदारियों को निभाने का आत्मविश्वास झलक रहा था। यह क्षण उनके जीवन का अविस्मरणीय अध्याय बन गया।
एक नई शुरुआत की ओर
समारोह केवल औपचारिकता नहीं था, बल्कि यह विद्यार्थियों के लिए नए सपनों और संभावनाओं की उड़ान का आरंभ था। हर छात्र-छात्रा अब कॉर्पोरेट जगत, उद्यमिता, स्टार्ट-अप और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की दुनिया में कदम रखने को तैयार है। जीएनआईओटी इंस्टीट्यूशंस ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि शिक्षा केवल ज्ञान का आदान-प्रदान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया है।
आज का यह दीक्षांत समारोह उल्लास, गर्व और प्रेरणा का संगम बनकर इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। विद्यार्थियों के सपनों को नई दिशा मिली और संस्थान की प्रतिबद्धता को एक बार फिर समाज ने सराहा।



