Greater Noida West News : “फन विथ AI”, सरकारी स्कूल के नन्हें छात्रों ने जाना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जादू, ईएमसीटी ने दिलाई डिजिटल उड़ान!, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों की सहभागिता रही सराहनीय

ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टुडे।
तकनीकी दुनिया की ओर एक शानदार कदम बढ़ाते हुए बिसरख स्थित छोटी मिलक प्राथमिक विद्यालय में “फन विथ AI” नामक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य था – सरकारी स्कूल के बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता से परिचित कराना, और यह आयोजन एथोमार्ट चैरिटेबल ट्रस्ट (EMCT) की ओर से किया गया।
जब एलेक्सा से मिले बच्चे: जिज्ञासा ने भरी उड़ान!
कार्यशाला के दौरान बच्चों को Amazon Alexa से बातचीत करने का मौका मिला।
किसी ने पूछा – “5 + 5 कितना होता है?”, किसी ने सुनाया मजेदार जोक का ऑर्डर, तो किसी ने मौसम की जानकारी पूछी।
कक्षा 3 से 5 तक के छात्रों की भागीदारी न केवल उत्साही रही, बल्कि उनके सवालों ने यह दिखाया कि जिज्ञासा उम्र की मोहताज नहीं होती।
तकनीकी विशेषज्ञ अमित गिरी ने बेहद सरल भाषा में समझाया कि AI क्या है, कैसे सोचने और निर्णय लेने की प्रक्रिया मशीनें खुद सीख रही हैं और हमारे जीवन को कैसे प्रभावित कर रही हैं।
डिजिटल दुनिया की चमक… और उसके खतरे भी बताए गए!
कार्यशाला में सिर्फ AI के फायदे नहीं बताए गए, बल्कि बच्चों को यह भी सिखाया गया कि –
- AI का अंधा उपयोग खतरनाक हो सकता है।
- साइबर क्राइम क्या होता है और उससे कैसे बचा जा सकता है।
- पासवर्ड और निजी जानकारी को कैसे सुरक्षित रखा जाए।
इस तरह, कार्यक्रम ने बच्चों के तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ उनकी डिजिटल सतर्कता को भी मज़बूत किया।
शिक्षकों और सामाजिक संगठनों की सहभागिता रही सराहनीय
इस अवसर पर ईएमसीटी की संस्थापक रश्मि पाण्डेय, गौतम बुद्ध नगर विकास समिति के सचिव अनूप कुमार सोनी, प्रधानाचार्य श्री इकरार अहमद, और शिक्षिका श्रीमती शालिनी चक्रवर्ती विशेष रूप से मौजूद रहीं।
रश्मि पाण्डेय ने कहा:
“हम चाहते हैं कि सरकारी स्कूलों के बच्चे भी आत्मविश्वास के साथ डिजिटल युग में कदम रखें। आज का बच्चा, कल का टेक्नोलॉजिस्ट हो सकता है।”
बच्चों के लिए एक सीख और सपना
- बच्चों ने सीखा कि Alexa जैसे AI असिस्टेंट्स कैसे काम करते हैं
- उन्हें यह समझाया गया कि AI सिर्फ बड़े लोगों की तकनीक नहीं, बल्कि हर बच्चा इसके ज़रिए कुछ नया सीख सकता है
- कार्यशाला ने छात्रों के भविष्य के करियर विकल्पों के बारे में सोचने की शुरुआत भी करवाई
सरकारी स्कूलों में इस तरह की पहल क्यों है ज़रूरी?
ग्रामीण व सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के पास अक्सर तकनीक से जुड़ने के सीमित अवसर होते हैं। ऐसे में ईएमसीटी जैसी संस्थाओं द्वारा आयोजित कार्यक्रम तकनीकी समानता और शैक्षिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम हैं।
यह न सिर्फ ज्ञान देता है, बल्कि आत्मविश्वास, जिज्ञासा, और भविष्य के प्रति उम्मीद भी देता है।
कार्यक्रम की खास झलकियाँ:
- छात्रों द्वारा एलेक्सा से सवाल-जवाब
- “AI और मैं” पर बच्चों की चित्र प्रतियोगिता
- शिक्षक-विद्यार्थियों का सामूहिक संवाद
- AI से जुड़े क्विज़ और पुरस्कार वितरण
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✍️ रिपोर्ट: रफ्तार टुडे ब्यूरो, ग्रेटर नोएडा वेस्ट



