शिक्षाग्रेटर नोएडाटॉप न्यूजताजातरीन

Galgotia University News : “ग्लोबल इनोवेशन का महाकुंभ बना गलगोटिया विश्वविद्यालय: इंटरनेशनल हैकाथॉन 2025 में युवा दिमागों ने दिखाया भविष्य का रोडमैप”, डॉ. ध्रुव गलगोटिया: “हैकाथॉन जिम्मेदार वैश्विक नागरिक गढ़ने का माध्यम”

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। गलगोटिया विश्वविद्यालय ने 14 दिसंबर 2025 को इंटरनेशनल हैकाथॉन 2025 का भव्य और सफल आयोजन कर यह साबित कर दिया कि वह न केवल शिक्षा का केंद्र है, बल्कि वैश्विक नवाचार, तकनीकी सोच और भविष्य के नेतृत्व को गढ़ने वाला एक सशक्त मंच भी है। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में देश-विदेश से आए युवा नवोन्मेषकों, शिक्षाविदों, तकनीकी विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं ने सहभागिता की और समस्या-समाधान आधारित नवाचार का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

वैश्विक मंच पर छात्रों की रचनात्मकता और तकनीकी दक्षता

इंटरनेशनल हैकाथॉन 2025 का मुख्य उद्देश्य छात्रों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों से जोड़ना और उन्हें ग्लोबल इनोवेशन इकोसिस्टम का व्यावहारिक अनुभव देना रहा। हैकाथॉन के दौरान प्रतिभागियों ने तकनीक, समाज और सतत विकास से जुड़े विषयों पर अपने विचारों और समाधानों को प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में सहयोगात्मक सोच, टीमवर्क और रचनात्मक दृष्टिकोण की स्पष्ट झलक देखने को मिली, जिसने इसे एक सामान्य प्रतियोगिता से कहीं आगे ले जाकर वैश्विक नवाचार संवाद का स्वरूप दे दिया।

मुख्य अतिथि का संदेश: नवाचार तभी सार्थक जब वह समाज से जुड़े

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. एलंगोवन करियप्पन, सहायक नवाचार निदेशक, शिक्षा मंत्रालय की इनोवेशन सेल (MIC–AICTE) ने अपने संबोधन में कहा कि
“भविष्य उन्हीं संस्थानों और युवाओं का है, जो तकनीक को केवल सुविधा नहीं, बल्कि सामाजिक समस्याओं के समाधान के रूप में देखते हैं।”
उन्होंने छात्रों को नवाचार को मानवीय जरूरतों से जोड़ने और जिम्मेदार तकनीकी समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

लीडरशिप टॉक बना आयोजन का केंद्रबिंदु

कार्यक्रम का सबसे चर्चित सत्र रहा “Human Synergy in Innovation Ecosystems” विषय पर आयोजित विशेष लीडरशिप टॉक। इसे इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) के यूथ एम्बेसडर श्री रणवीर सचदेवा ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि नवाचार की नींव जिज्ञासा, ज्ञान और तर्क पर जरूर टिकी होती है, लेकिन मानवीय संवेदनाएं और आपसी सहयोग ही किसी भी इनोवेशन को दीर्घकालिक और प्रभावशाली बनाते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जीपीटी जैसे टूल्स मानव क्षमताओं को बढ़ा सकते हैं, लेकिन मानवीय संबंधों और संवेदनशीलता का विकल्प नहीं बन सकते।

डॉ. ध्रुव गलगोटिया: “हैकाथॉन जिम्मेदार वैश्विक नागरिक गढ़ने का माध्यम”

इस अवसर पर गलगोटिया विश्वविद्यालय के सीईओ डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने कहा,
“हैकाथॉन केवल तकनीकी समाधान प्रस्तुत करने का मंच नहीं है, बल्कि यह युवाओं को जिम्मेदार वैश्विक नागरिक बनने के लिए तैयार करता है। हमारा उद्देश्य है कि छात्र नवाचार के माध्यम से समाज, उद्योग और राष्ट्र की वास्तविक समस्याओं का समाधान करें और भारत को वैश्विक नवाचार मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करें।”
उन्होंने कहा कि गलगोटिया विश्वविद्यालय निरंतर ऐसे मंच प्रदान करता रहेगा, जहां छात्र विचारों को समाधान में बदल सकें।

विजेता टीमों ने दिखाया भविष्य का विज़न

इंटरनेशनल हैकाथॉन 2025 में विभिन्न विषयों पर प्रस्तुत नवाचारों में से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को सम्मानित किया गया— ‘ग्रीन एंड क्लीन टेक्नोलॉजी’ पर प्रभावी समाधान देने वाली टीम ‘वी’ को प्रथम स्थान

‘स्मार्ट ऑटोमेशन’ पर नवाचार करने वाली टीम ‘जेनजीनियस’ को द्वितीय स्थान

‘स्मार्ट एजुकेशन’ विषय पर समाधान प्रस्तुत करने वाली टीम ‘टेक मैवेरिक्स’ को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ

इन समाधानों ने यह साबित किया कि युवा प्रतिभाएं न केवल तकनीकी रूप से सक्षम हैं, बल्कि वे सतत विकास और सामाजिक प्रभाव को भी प्राथमिकता दे रही हैं।

नवाचार और नेतृत्व की दिशा में मजबूत कदम

इंटरनेशनल हैकाथॉन 2025 न केवल प्रतिभागियों के लिए, बल्कि आयोजकों और शिक्षकों के लिए भी एक प्रेरणादायक और सीखने वाला अनुभव रहा। इस आयोजन ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि गलगोटिया विश्वविद्यालय नवाचार, उद्यमशीलता और भविष्य के नेतृत्व को आकार देने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है और भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में सशक्त योगदान दे रहा है।

रफ़्तार टूडे की न्यूज
Raftar Today
Raftar Today

Related Articles

Back to top button