Corruption Free India News : गांवों की अनदेखी पर फूटा गुस्सा!, करप्शन फ्री इंडिया संगठन ने ग्रेनो प्राधिकरण के खिलाफ किया ज़ोरदार हल्ला बोल प्रदर्शन, गड्ढों से भरे रास्ते और टूटी पाइपलाइन पर उठी आवाज़

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। एक ओर जहां ग्रेटर नोएडा शहर आधुनिकता की ओर अग्रसर हो रहा है, वहीं दूसरी ओर इसके गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। गांवों में गड्ढा युक्त सड़कें, टूटी पाइपलाइनें, जलभराव और श्मशान घाटों की बदहाली जैसी समस्याओं को लेकर करप्शन फ्री इंडिया संगठन ने रविवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पर जबरदस्त हल्ला बोल प्रदर्शन किया।
इस प्रदर्शन की अगुवाई गौरव भाटी (जिलाध्यक्ष, युवा प्रकोष्ठ) ने की, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों और संगठन के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। गांव बरसात (बिसायचपुर) की दुर्दशा को केंद्र में रखते हुए इस प्रदर्शन में अधिकारियों की लापरवाही और निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ोरदार आवाज़ उठाई गई।
पांच साल से गड्ढा ही गड्ढा, बरसात में बन जाता है कीचड़ का समंदर
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव बरसात का मुख्य मार्ग बीते 5 वर्षों से गड्ढा युक्त है। हल्की सी बारिश भी पूरे रास्ते को कीचड़ में तब्दील कर देती है। गांव में नालियों की उचित निकासी न होने के कारण जलभराव आम बात है। बुजुर्गों और बच्चों को इन हालात में आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय ने बताया, “यह हालत तब है जब गांव ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की देखरेख में आता है। अधिकारियों की उदासीनता ने गांव के विकास को रोक दिया है।”
टूटी पाइपलाइन और घटिया निर्माण कार्य बना जल संकट का कारण
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ समय पहले गांव में प्राधिकरण द्वारा पेयजल पाइपलाइन बिछाई गई थी, लेकिन निर्माण में ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत से घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। नतीजा – जगह-जगह पाइपलाइन टूट चुकी है और हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है।
गांव के लोगों का कहना है कि जहां एक ओर सरकार जल संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर प्राधिकरण की लापरवाही से कीमती स्वच्छ जल नालियों में बह रहा है। ये न केवल जल की बर्बादी है बल्कि टैक्स पेयर के पैसे का भी अपमान है।
श्मशान घाट में सुविधाओं का अभाव, टिनशेड और बेंच तक नहीं
ग्रामीणों ने श्मशान घाट की बदहाली को लेकर भी नाराज़गी जताई। उन्होंने बताया कि वहां न टिन शेड है, न ही बैठने की बेंच, और बारिश के मौसम में अंतिम संस्कार करना बेहद कठिन हो जाता है।
प्रदर्शन के दौरान करप्शन फ्री इंडिया के कार्यकर्ताओं ने मांग की कि श्मशान घाट में पक्की छत, बेंच, और साफ-सफाई की व्यवस्था तत्काल करवाई जाए। यह एक संवेदनशील मुद्दा है और इससे जुड़े लोगों को सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार की सुविधा मिलनी चाहिए।

ज्ञापन सौंपा गया, OSD ने दिया आश्वासन
प्रदर्शन के बाद संगठन के प्रतिनिधियों ने ओएसडी गिरीश झा को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें गांव बरसात की सभी समस्याओं का ज़िक्र किया गया था। ज्ञापन में सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था, श्मशान घाट सुधार, और भ्रष्टाचार की जांच की मांग शामिल थी।
ओएसडी गिरीश झा ने प्रदर्शनकारियों को सभी समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन दिया और कहा कि प्राधिकरण गंभीरता से इन मुद्दों को देखेगा।
Bigger Picture: पूरे क्षेत्र के गांव विकास से कोसों दूर
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी प्रवीण भारतीय ने कहा कि सिर्फ गांव बरसात ही नहीं, बल्कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले कई गांव विकास से वंचित हैं। कहीं नालियां टूटी हैं, कहीं प्राथमिक स्कूलों की हालत खराब है, तो कहीं स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव है।
उन्होंने कहा कि अगर प्राधिकरण सिर्फ ग्रेटर नोएडा वेस्ट और शहर के कॉर्पोरेट इलाकों पर ध्यान देता रहेगा और गांवों की अनदेखी करेगा, तो आने वाले समय में गांवों में असंतोष और आंदोलन और तेज होंगे।
इन प्रमुख चेहरों ने दर्ज कराई उपस्थिति
इस प्रदर्शन में दर्जनों युवा कार्यकर्ता और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रमुख नामों में शामिल हैं –
👉 आलोक नागर,
👉 बलराज हूंण,
👉 गौरव भाटी,
👉 रविंद्र नागर,
👉 नरेश भाटी,
👉 जितेंद्र कुमार,
👉 हरेंद्र गुर्जर,
👉 महक सिंह नागर,
👉 नवीन भाटी,
👉 राहुल बिरोंडा,
👉 आकाश भाटी,
👉 देवेंद्र नागर,
👉 मनीष डेढ़ा,
👉 रामकिशन,
👉 महावीर लाला,
👉 सुभाष हवलदार,
👉 नरेश भगत जी सहित अन्य ग्रामीण।
क्या कहता है जनमत? – “हमें शहर नहीं, सम्मान चाहिए”
गांव के एक बुजुर्ग ने प्रदर्शन के दौरान कहा –
“हम प्राधिकरण से शहर जैसे चमकते भवनों की उम्मीद नहीं करते, लेकिन इतना तो चाहेंगे कि बारिश में घर से बाहर निकल सकें, शुद्ध पानी पी सकें, और अपनों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कर सकें।”
यह बयान अपने आप में गांव की पीड़ा की तस्वीर है, जिसे कोई भी सरकार या प्राधिकरण लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं कर सकता।
निष्कर्ष: गांवों की आवाज़ उठाने लगा युवा वर्ग
गौरव भाटी जैसे युवाओं और करप्शन फ्री इंडिया जैसे संगठनों की यह पहल दर्शाती है कि अब ग्रामीण अपने अधिकारों के लिए जागरूक हो चुके हैं। सरकारी योजनाओं का पैसा ज़मीन पर दिखे, इसके लिए वे संगठित होकर आवाज़ उठा रहे हैं।
अगर प्राधिकरण समय रहते इन मांगों पर कार्रवाई नहीं करता, तो यह हल्ला बोल आने वाले समय में और व्यापक आंदोलन में बदल सकता है।
🟢 #ग्रामीणविकास #गांवकीआवाज़ #ग्रेनोप्राधिकरण #करप्शनफ्रीइंडिया #बरसातगांव #गौरवभाटी #प्रवीणभारतीय #जलभराव #बर्बादपानी #टूटीपाइपलाइन #गड्ढे_वाली_सड़क #श्मशानघाट_की_दुर्दशा #ग्रेटरनोएडा #जनआंदोलन #रफ़्तारटुडे
🛑 Raftar Today व्हाट्सएप चैनल से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक को टच करें।
Follow the Raftar Today channel on WhatsApp
Twitter (X): Raftar Today (@raftartoday)



