Greater Noida Authority News: ग्रेटर नोएडा बना वैश्विक शिक्षा का नया ठिकाना!, वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी का पहला भारतीय कैंपस मंजूर, 40,000 वर्ग फुट ज़मीन पर बसेगा ‘इंटरनेशनल नॉलेज हब’, बोले ऑथोरिटी के CEO रवि कुमार NG प्राधिकरण विश्वविद्यालय को हर संभव सहायता प्रदान करेगा ताकि यह परियोजना बिना देरी के पूरी हो सके

नई दिल्ली/ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। उत्तर प्रदेश अब सिर्फ उद्योग, इन्फ्रास्ट्रक्चर और एयरपोर्ट से ही नहीं, बल्कि वैश्विक उच्च शिक्षा के नक्शे पर भी चमकने जा रहा है। मंगलवार को ऐसा ऐतिहासिक कदम उठा, जिसने ग्रेटर नोएडा को भारत ही नहीं, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया के शिक्षा परिदृश्य में एक प्रमुख पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा मोड़ दिया। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के बीच आधिकारिक पार्टनरशिप साइन हो गई है, जिसके तहत 40,000 वर्ग फुट भूमि विश्वविद्यालय को लीज पर आवंटित की गई है।
यह वही विश्वविद्यालय है, जिसके शोध, टेक्नोलॉजी, नवाचार और वैश्विक शिक्षा मॉडल को दुनिया में उच्च प्रतिष्ठा प्राप्त है। अब यही अनुभव और विशेषज्ञता उत्तर प्रदेश में आने वाली पीढ़ियों के लिए नए अवसर लेकर आएगी।
आईटीसी मौर्या में हुआ भव्य समझौता—UP की शिक्षा यात्रा में ‘ग्लोबल टर्निंग पॉइंट’
नई दिल्ली स्थित आईटीसी मौर्या होटल में आयोजित इस भव्य आयोजन में ऑस्ट्रेलिया सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और भारत की उच्च शिक्षा से जुड़े शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। दस्तावेजों पर हस्ताक्षर के साथ ही ग्रेटर नोएडा को एक इंटरनेशनल रिसर्च एंड एजुकेशन हब के रूप में विकसित किए जाने की प्रक्रिया का औपचारिक आरंभ हो गया।
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के सीईओ एन. जी. रवि कुमार ने कहा कि प्राधिकरण विश्वविद्यालय को हर संभव सहायता प्रदान करेगा ताकि यह परियोजना बिना देरी के पूरी हो सके।
पहले चरण में शुरू होंगे हाई–इंपैक्ट कोर्स: बिजनेस, डेटा साइंस, जल–कृषि और AI आधारित अध्ययन
नए कैंपस का मुख्य फोकस स्टूडेंट–सेंट्रिक रिसर्च, इनोवेशन और ग्लोबल स्किल डेवलपमेंट होगा। पहले चरण में जिन कार्यक्रमों की शुरुआत होगी—बिजनेस एनालिटिक्स, मार्केटिंग, डेटा साइंस, सस्टेनेबल वॉटर फ्यूचर्स, मॉडर्न एग्रीकल्चर सिस्टम
दूसरे चरण में शुरू होने वाले प्रमुख कोर्स—
इनोवेशन मैनेजमेंट
एंटरप्रेन्योरशिप
सप्लाई चेन मैनेजमेंट
कुल मिलाकर, यह कैंपस सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उत्तर भारत के छात्रों को एआई, जल संरक्षण, वैश्विक कृषि विज्ञान और बिजनेस इनोवेशन में विश्वस्तरीय अनुभव उपलब्ध कराएगा।
“बेटियों और युवाओं के लिए खुलेगा वैश्विक क्षितिज”—अवनीश अवस्थी
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने इसे उत्तर प्रदेश के शिक्षा इतिहास का सबसे बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा “यह पार्टनरशिप दुनिया के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी का आना युवाओं और खासकर बेटियों के लिए नए अवसर, नए सपने और नई मंज़िलें लेकर आएगा।”
उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश जब 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में बढ़ रहा है, ऐसे सहयोग स्किल्ड और ग्लोबल–रेडी प्रतिभाओं के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएँगे।
“AI–ML–Data Science में ग्लोबल विशेषज्ञता आएगी UP”—अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार
ऊद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने कहा “वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी की मौजूदगी AI, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और उभरती तकनीकों में वैश्विक गुणवत्ता जोड़ देगी। इससे रिसर्च, स्किल डेवलपमेंट और इंडस्ट्री–इंटीग्रेशन को नई ऊँचाइयाँ मिलेंगी।”
उन्होंने इस प्रोजेक्ट को युवाओं की क्षमताओं और उपलब्ध अवसरों के बीच की दूरी को कम करने वाला बड़ा पुल बताया।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ
अवनीश अवस्थी – मुख्यमंत्री सलाहकार
आलोक कुमार – अपर मुख्य सचिव (औद्योगिक विकास)
एमपी अग्रवाल – प्रिंसिपल सेक्रेटरी (हायर एजुकेशन)
प्रो. जॉर्ज विलियम्स – वाइस चांसलर, वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी
प्रो. डेबोरा स्वीनी – प्रोवोस्ट, वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी
अरविंद गुप्ता – डायरेक्टर, डेलॉइट
सौम्य श्रीवास्तव – ACEO, ग्रेनो प्राधिकरण
ग्रेटर नोएडा: शिक्षा–इनोवेशन–इंडस्ट्री का ‘गोल्डन ट्राएंगल’ बनने की ओर
जेवर एयरपोर्ट, यमुना सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क, फिल्म सिटी और अब विदेशी यूनिवर्सिटी—ग्रेटर नोएडा तेजी से उस शहर में बदल रहा है जहाँ
इंडस्ट्री + रिसर्च + एजुकेशन
तीनों एक साथ विकसित हो रहे हैं।
यह कैंपस नीति आयोग, राज्य सरकार और वैश्विक निवेशकों की उस सोच को दर्शाता है जिसमें उत्तर प्रदेश को एशिया के सबसे बड़े हाई–टेक एजुकेशन हब के रूप में उभरते देखा जा रहा है।
UP की शिक्षा यात्रा में नया अध्याय, युवाओं के लिए ‘ग्लोबल क्लासरूम’ का द्वार खुला
वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी का भारतीय कैंपस सिर्फ एक भवन नहीं होगा, बल्कि
युवा प्रतिभाओं के सपनों और उत्तर प्रदेश की वैश्विक महत्वाकांक्षाओं का विस्तार होगा। यह कदम आने वाले वर्षों में लाखों छात्रों के भविष्य को नई दिशा देगा और ग्रेटर नोएडा को वैश्विक शिक्षा मानचित्र पर एक मजबूत स्थान दिलाएगा।



