Greater Noida West Connectivity Dadri News : ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जीटी रोड से जोड़ने जा रहा है नया मार्ग, जाम की समस्या होगी खत्म, सैनी गोलचक्कर से दादरी तक मिलेगा सीधा रास्ता, जमीन अधिग्रहण बनी सबसे बड़ी चुनौती, सीईओ NG रवि कुमार का बयान – “जाम से निजात दिलाना ही प्राथमिकता”

ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टुडे।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों निवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से ट्रैफिक जाम और कनेक्टिविटी की समस्या से जूझ रहे लोगों को जल्द ही सीधे जीटी रोड से कनेक्शन मिलने वाला है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस दिशा में पहल करते हुए सैनी गोलचक्कर से वैदपुरा और सादुल्लापुर होते हुए दादरी जीटी रोड तक नई सड़क बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस परियोजना का टेंडर जारी कर दिया गया है। शुरुआती चरण में लगभग एक किलोमीटर लंबे हिस्से का निर्माण होगा और इसके बाद धीरे-धीरे पूरी सड़क विकसित की जाएगी।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट से जीटी रोड तक प्रस्तावित यह सड़क न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करेगी बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति देगी। जमीन अधिग्रहण की चुनौती जरूर है, लेकिन शुरुआती काम का आदेश देकर प्राधिकरण ने यह संदेश दिया है कि परियोजना समय पर पूरी करने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं।
80 मीटर चौड़ी बनेगी नई सड़क, सीधे पहुंचेगी दादरी जीटी रोड तक
प्राधिकरण की योजना के अनुसार यह सड़क लगभग 80 मीटर चौड़ी होगी, जो मौजूदा 130 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क को सीधे दादरी जीटी रोड से जोड़ेगी। प्रस्तावित मार्ग सैनी गोलचक्कर से शुरू होकर सुनपुरा, वैदपुरा, सादुल्लापुर, मारीपत और अच्छेजा गांव होते हुए बादलपुर कोतवाली के सामने जीटी रोड तक पहुंचेगा। इस पूरे प्रोजेक्ट के तहत लगभग 6 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जानी है।
जमीन अधिग्रहण बनी सबसे बड़ी चुनौती
इस परियोजना के लिए अच्छेजा के पास कुछ हिस्से का निर्माण पहले ही हो चुका है। हालांकि, पूरी जमीन का अधिग्रहण अभी बाकी है। प्राधिकरण का कहना है कि जहां जमीन उपलब्ध है वहां पहले एक किलोमीटर हिस्से पर काम शुरू किया जाएगा। बाकी की जमीन के लिए किसानों से बातचीत जारी है। प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने साफ किया है कि काम रुकना नहीं चाहिए, जहां जमीन मिले वहां निर्माण आगे बढ़ाया जाएगा।
अन्य सड़क परियोजनाएं भी पाइपलाइन में
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण शहर की सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए कई और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है। दादरी-रूपवास बाईपास कनेक्टिविटी: इसे 130 मीटर चौड़ी सड़क से जोड़ने के लिए तीन किलोमीटर लंबी नई सड़क का निर्माण होगा। इसकी शुरुआत तिलपता गोलचक्कर से होगी और लगभग 250 मीटर क्षेत्र का अधिग्रहण पूरा हो चुका है।
एयरपोर्ट से कनेक्शन: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक सीधी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सिरसा गोलचक्कर से 130 मीटर चौड़ी सड़क का विस्तार किया जाएगा।
भीड़ कम करने की रणनीति: प्राधिकरण का मकसद है कि सेक्टरों और आसपास के गांवों से आने वाले वाहनों को मुख्य सड़कों से जोड़ा जाए ताकि जाम की समस्या कम हो सके।
लाखों लोगों को मिलेगा सीधा फायदा
ग्रेटर नोएडा वेस्ट, जिसे लोग नोएडा एक्सटेंशन भी कहते हैं, बीते एक दशक में हजारों परिवारों का घर बन चुका है। गौर सिटी, पंचशील, अजनारा, सुपरटेक, महागुन और पैरामाउंट जैसी सोसाइटियों में रहने वाले लोग रोजाना दिल्ली, गाजियाबाद, दादरी और जेवर एयरपोर्ट की ओर यात्रा करते हैं। लेकिन मौजूदा समय में मुख्य सड़कों पर भारी ट्रैफिक दबाव है। सुबह और शाम को घंटों का जाम आम बात हो गई है। इस नई सड़क से—
नोएडा वेस्ट से सीधे जीटी रोड पर पहुंचने का रास्ता मिलेगा।
ट्रैफिक दबाव कम होगा और वैकल्पिक मार्ग तैयार होगा।
लोगों का समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच और तेज हो जाएगी।
सीईओ NG रवि कुमार का बयान – “जाम से निजात दिलाना ही प्राथमिकता”
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने कहा, “लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए हम लगातार वैकल्पिक सड़कों का निर्माण कर रहे हैं। 130 मीटर चौड़ी सड़क को दादरी जीटी रोड से जोड़ने का निर्णय इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। अधिग्रहण पूरा न होने तक भी जहां जमीन उपलब्ध है, वहां काम शुरू कर दिया जाएगा।”
स्थानीय लोगों ने जताई खुशी
इस खबर से स्थानीय निवासियों और सोसायटीवासियों में खुशी की लहर है। उनका कहना है कि अगर यह सड़क जल्द तैयार हो जाती है तो रोजाना का सफर बेहद आसान हो जाएगा। लोग प्राधिकरण से यह भी उम्मीद कर रहे हैं कि सड़क को आधुनिक तकनीक से बनाया जाए ताकि भविष्य में इसे चौड़ा करने या मरम्मत की जरूरत न पड़े।
परियोजना से जुड़े सामाजिक और आर्थिक लाभ
रोजगार के अवसर बढ़ेंगे – सड़क निर्माण के दौरान स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।
औद्योगिक विकास – दादरी और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को तेज कनेक्टिविटी मिलेगी।
पर्यावरण लाभ – ट्रैफिक कम होने से प्रदूषण का स्तर घटेगा।
संपत्ति मूल्य में इजाफा – नई सड़क से आसपास की कॉलोनियों और सोसाइटियों की प्रॉपर्टी वैल्यू बढ़ेगी।



