IEA Industry News : “IEA चुनाव 2026-27: अध्यक्ष पद पर मुकाबला रोचक, महासचिव और कोषाध्यक्ष निर्विरोध तय”, “अध्यक्ष पद पर सीधी टक्कर—संजीव शर्मा बनाम विशाल गोयल”, “महासचिव पद पर अभिषेक जैन,“कोषाध्यक्ष पद पर भी नियुक्त हुए निर्विरोध”

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। इंडस्ट्रियल एंट्रेपरेणुर्स एसोसिएशन (IEA) के वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए होने वाले चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। 27 मार्च 2026 को आयोजित होने वाले इस चुनाव में अध्यक्ष, महासचिव और कोषाध्यक्ष पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिसमें अध्यक्ष पद पर मुकाबला दिलचस्प हो गया है, जबकि अन्य दो पदों पर तस्वीर साफ हो चुकी है।
“अध्यक्ष पद पर सीधी टक्कर—संजीव शर्मा बनाम विशाल गोयल”
इस बार अध्यक्ष पद के लिए दो मजबूत दावेदार मैदान में हैं—संजीव शर्मा और विशाल गोयल।
दो नामांकन प्राप्त होने के कारण यह पद चुनावी मुकाबले का केंद्र बन गया है। IEA के सभी वैध सदस्य मतदान के जरिए अपने नए अध्यक्ष का चयन करेंगे। ऐसे में यह चुनाव संगठन की दिशा और नेतृत्व तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
“महासचिव पद पर अभिषेक जैन निर्विरोध”
महासचिव पद के लिए केवल एक ही नामांकन प्राप्त हुआ, जिसके चलते अभिषेक जैन को निर्विरोध महासचिव घोषित कर दिया गया है।
चूंकि इस पद पर कोई अन्य प्रत्याशी नहीं था, इसलिए चुनाव की आवश्यकता नहीं पड़ी और औपचारिक रूप से उनकी नियुक्ति सुनिश्चित हो गई।
“कोषाध्यक्ष पद भी तय—अंकित गोयल निर्विरोध नियुक्त”
इसी तरह कोषाध्यक्ष पद के लिए भी केवल एक नामांकन प्राप्त हुआ, जिसके चलते अंकित गोयल को निर्विरोध रूप से कोषाध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया है।
यह स्पष्ट करता है कि संगठन के भीतर इन पदों पर व्यापक सहमति बनी हुई है।
“पारदर्शी चुनाव के लिए मजबूत चुनाव समिति गठित”
चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए एक विशेष चुनाव समिति का गठन किया गया है।
इस समिति की अध्यक्षता मनोज सिंघल कर रहे हैं, जबकि उनके साथ सदस्य के रूप में गुरदीप सिंह तूली, अनिल शुक्ला, विवेक चौहान और सूर्यकांत तोमर शामिल हैं।
समिति की जिम्मेदारी है कि पूरी चुनाव प्रक्रिया को व्यवस्थित, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया जाए।
“सदस्यों से मतदान की अपील—अध्यक्ष पद के लिए होगा चुनाव”
चुनाव समिति के अध्यक्ष मनोज सिंघल ने सभी वैध सदस्यों से अपील की है कि वे मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करें।
गौरतलब है कि केवल अध्यक्ष पद के लिए ही मतदान होगा, जबकि महासचिव और कोषाध्यक्ष पदों पर एक-एक नामांकन होने के कारण चुनाव की आवश्यकता नहीं रही।
नेतृत्व चयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम”
IEA के आगामी चुनाव संगठन के भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। जहां एक ओर अध्यक्ष पद पर मुकाबला संगठन के भीतर लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है, वहीं अन्य पदों पर सर्वसम्मति संगठन की एकजुटता को भी उजागर करती है।
अब सभी की नजरें 27 मार्च को होने वाले मतदान पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि IEA की कमान आने वाले वर्ष के लिए किसके हाथों में जाएगी।



