Greater Noida Authority News : ग्रेनो प्राधिकरण की सख़्त कार्रवाई, किसान को आवंटित आबादी भूखंड से हटाया गया अवैध कब्ज़ा, हाईकोर्ट आदेश पर हुई बड़ी कार्रवाई, किसान का हक़ छीना तो प्राधिकरण बना ढाल, अफसरों की टीम ने दिखाई सख़्ती

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा में रविवार को एक बार फिर यह संदेश साफ़ हो गया कि अब प्राधिकरण की नज़र से कोई भी अवैध कब्ज़ा बच नहीं पाएगा। साकीपुर क्षेत्र में स्थित खसरा संख्या-583 पर किसानों को आवंटित 6% आबादी भूखंड पर जबरन कब्ज़े की कोशिश करने वालों के खिलाफ प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई की। हाईकोर्ट के आदेश पर चली इस कार्रवाई में करीब 5000 वर्ग मीटर जमीन को अवैध कब्ज़े से मुक्त कराया गया। ग्रेटर नोएडा में अवैध कब्ज़ों के खिलाफ यह ताज़ा कार्रवाई इस बात का सबूत है कि अब प्रशासन और प्राधिकरण पूरी तरह सक्रिय है। किसानों की जमीन पर कब्ज़ा करने वालों को अब बच निकलने का कोई रास्ता नहीं मिलेगा। साकीपुर की यह कार्रवाई आने वाले दिनों में अतिक्रमणकारियों के लिए चेतावनी और किसानों के लिए आशा की किरण साबित होगी।
किसान का हक़ छीना तो प्राधिकरण बना ढाल
साकीपुर गांव के किसान को 6 फीसदी आबादी भूखंड आवंटित किया गया था, लेकिन कुछ लोगों ने वहां बाउंड्री बनाकर कब्ज़ा करने की कोशिश की। इससे किसान को उसका हक़ नहीं मिल पा रहा था। किसान की ओर से मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा और आदेश मिलने के बाद प्राधिकरण की टीम ने रविवार सुबह मौके पर पहुंचकर कब्ज़े को ध्वस्त कर दिया।
अफसरों की टीम ने दिखाई सख़्ती
कार्रवाई का नेतृत्व महाप्रबंधक एके सिंह और विशेष कार्याधिकारी (भूलेख) रामनयन सिंह ने किया। इस दौरान परियोजना विभाग और भूलेख विभाग की टीम पूरी तैयारी के साथ मौके पर मौजूद रही। अतिक्रमण हटाने के दौरान वरिष्ठ प्रबंधक रतिक, वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर सहित कई वर्क सर्कल के मैनेजर और सहायक प्रबंधक भी मौके पर डटे रहे।
बाउंड्री दीवार को किया ध्वस्त
अतिक्रमणकारियों ने जमीन पर बाउंड्री बनाकर कब्ज़ा जमाने की कोशिश की थी। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर JCB मशीनों की मदद से बाउंड्री दीवार को ध्वस्त कर दिया। कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना, लेकिन पुलिस बल और प्राधिकरण कर्मियों की मौजूदगी से स्थिति नियंत्रण में रही।

हाईकोर्ट आदेश बना किसान की जीत
यह मामला किसान बनाम अतिक्रमणकारियों की जंग जैसा हो गया था। किसान लंबे समय से अपने हक़ की लड़ाई लड़ रहा था, लेकिन कब्ज़ाधारियों की वजह से भूखंड उसके नाम पर आवंटित होने के बावजूद वह ज़मीन हासिल नहीं कर पा रहा था। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार रविवार को किसान की जीत हुई और जमीन को कब्ज़ा मुक्त करा दिया गया।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का सख़्त संदेश
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस कार्रवाई के जरिए साफ़ संदेश दिया है कि किसानों को आवंटित भूखंडों पर कब्ज़ा करने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। महाप्रबंधक एके सिंह ने कहा कि अवैध कब्ज़े किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। प्राधिकरण लगातार ऐसे मामलों पर नज़र रखे हुए है और शिकायत मिलते ही त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रियाएँ
इस कार्रवाई के बाद आसपास के ग्रामीणों और स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली। उनका कहना है कि इस तरह की सख़्ती से अतिक्रमण माफियाओं के हौसले पस्त होंगे और किसान अपने हक़ की जमीन पर अधिकार पा सकेंगे। ग्रामीणों ने प्राधिकरण के अफसरों का धन्यवाद दिया और उम्मीद जताई कि आगे भी इस तरह की पारदर्शी कार्रवाई होती रहेगी।
किसानों के हक़ में बड़ा कदम
यह कार्रवाई सिर्फ एक जमीन को कब्ज़ा मुक्त कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों के हक़ और प्राधिकरण की सख़्ती का प्रतीक बन गई है। अब यह साफ हो गया है कि जो किसान अपनी 6% आबादी भूखंड के लिए संघर्ष कर रहे हैं, उन्हें भी जल्द राहत मिल सकती है।



