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Samara School News : कोर्ट पर समसारा का जलवा!, अंडर-15 बास्केटबॉल में गोल्ड जीतकर फिर रचा इतिहास, दिल्ली-एनसीआर के नामी स्कूलों की टीमें शामिल हुई

समसारा विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती ज्योति बत्रा ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता छात्रों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और स्कूल के खेल-संस्कृति का परिणाम है

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। कहते हैं कि जब जुनून, अनुशासन और मेहनत एक साथ कोर्ट पर उतरते हैं, तो इतिहास रचता है। कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला सिक्स्थ डॉक्टर भाई महावीर इंटर स्कूल स्पोर्ट्स चैंपियनशिप 2025-26 में, जहां समसारा स्कूल के अंडर-15 बॉयज़ बास्केटबॉल खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। यह प्रतियोगिता 16 और 17 जनवरी को भाई परमानंद विद्या मंदिर, दिल्ली में आयोजित की गई थी और इसमें दिल्ली-एनसीआर के नामी स्कूलों की टीमें शामिल हुई थीं।


प्रतियोगिता की शुरुआत से ही समसारा स्कूल की टीम अलग ही आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरी। खिलाड़ियों की आंखों में जीत का सपना था और पैरों में वह रफ्तार, जो हर चुनौती को पीछे छोड़ दे। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में समसारा की टीम का सामना स्कॉटिश स्कूल, नोएडा से हुआ। यह मैच बेहद रोमांचक रहा, लेकिन समसारा के खिलाड़ियों ने बेहतरीन डिफेंस और तेज़ अटैक के दम पर विरोधी टीम को चारों खाने चित कर दिया।


इसके बाद सेमीफाइनल में मुकाबला और भी कठिन हो गया। सामने थी जीडी गोयंका स्कूल, ईस्ट दिल्ली जैसी मजबूत टीम। लेकिन समसारा के खिलाड़ियों ने दबाव में भी संयम नहीं खोया। शानदार पासिंग, सटीक थ्रो और टीमवर्क की बदौलत उन्होंने यह मुकाबला भी जीत लिया और फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।


फाइनल मुकाबला किसी फिल्मी क्लाइमैक्स से कम नहीं था। सामने थी मेज़बान टीम भाई परमानंद विद्या मंदिर। दर्शकों से खचाखच भरे स्टेडियम में हर बास्केट पर तालियों की गूंज थी। मैच के हर मिनट के साथ तनाव बढ़ता जा रहा था, लेकिन समसारा स्कूल के खिलाड़ी पूरे आत्मविश्वास के साथ खेले। निर्णायक क्षणों में किए गए शानदार स्कोर और मजबूत डिफेंस ने मैच का रुख समसारा की ओर मोड़ दिया। अंतिम सीटी बजते ही स्कोरबोर्ड ने ऐलान कर दिया—समसारा स्कूल चैंपियन है!


इस ऐतिहासिक जीत के साथ टीम को ₹11,000 की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया। लेकिन इससे भी बड़ी उपलब्धि रही टीम के कप्तान तेजस सहनी का शानदार प्रदर्शन। तेजस ने पूरे टूर्नामेंट में जिस तरह से टीम का नेतृत्व किया, वह काबिल-ए-तारीफ था। उनके बेहतरीन खेल के लिए उन्हें “मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर (MVP)” के खिताब से नवाजा गया। तेजस की यह उपलब्धि न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत मेहनत का परिणाम है, बल्कि पूरी टीम के लिए प्रेरणा भी है।


इस शानदार जीत पर समसारा विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती ज्योति बत्रा ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता छात्रों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और स्कूल के खेल-संस्कृति का परिणाम है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल अकादमिक सफलता नहीं, बल्कि ऐसे आत्मविश्वासी और अनुशासित विद्यार्थी तैयार करना है जो जीवन के हर मैदान में जीत हासिल कर सकें।”


प्रधानाचार्या ने टीम के कोच सैफ की भी विशेष प्रशंसा की और कहा कि उनके मार्गदर्शन और प्रशिक्षण की वजह से ही यह संभव हो पाया है।
इस जीत ने न सिर्फ समसारा स्कूल का नाम रोशन किया है, बल्कि यह साबित कर दिया है कि यदि सही दिशा, सही प्रशिक्षण और सकारात्मक माहौल मिले, तो छात्र किसी भी मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं। स्कूल परिसर में इस जीत की खुशी देखते ही बनती थी—तालियों की गूंज, मुस्कुराते चेहरे और आंखों में नए सपने।
समसारा स्कूल की यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि उन सपनों की जीत है, जो हर खिलाड़ी ने पहली बार बॉल हाथ में लेते समय देखे थे। यह कहानी है संघर्ष से सफलता तक के उस सफर की, जिसने यह साबित कर दिया कि मेहनत कभी खाली नहीं जाती।

रफ़्तार टूडे की न्यूज
Raftar Today
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