GL Bajaj College News : दीपों की रौशनी में निखरी उमंग और एकता की चमक – जी.एल. बजाज संस्थान में भव्य दीपावली उत्सव का रंगारंग आयोजन, ग्रेटर नोएडा में छाया दीपोत्सव का जादू, रंग, रोशनी और रिश्ते” – दीपावली बनी संस्थान परिवार की पहचान, रंग, रोशनी और रिश्ते” – दीपावली बनी संस्थान परिवार की पहचान

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। दीपों की झिलमिल रोशनी, सजे हुए प्रांगण और उत्साह से भरे चेहरे—यह नज़ारा था जी.एल. बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के परिसर का, जहां दीपावली का पर्व इस वर्ष अभूतपूर्व उल्लास और रंगीन उमंग के साथ मनाया गया।
संस्थान के शिक्षकों, कर्मचारियों और स्टाफ ने मिलकर पूरे परिसर को दीयों, रंगोली और रोशनी से ऐसा सजाया कि हर कोना ‘एकता, रचनात्मकता और खुशी’ का प्रतीक बन गया।
“रंग, रोशनी और रिश्ते” – दीपावली बनी संस्थान परिवार की पहचान
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद पूरे दिन नृत्य, गायन, कविता पाठ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की झड़ी लग गई।
छात्रों और शिक्षकों ने रंगोली प्रतियोगिता, एथनिक वियर शो, और सर्वश्रेष्ठ सांस्कृतिक प्रदर्शन जैसी प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी सृजनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया।
रंग-बिरंगे परिधानों और मधुर संगीत की धुनों के बीच संस्थान का माहौल मानो “मिनी इंडिया” में तब्दील हो गया।
पंकज अग्रवाल बोले – “दीपावली हमारे मूल्यों की ऊर्जा है”
संस्थान के वाइस चेयरमैन श्री पंकज अग्रवाल ने दीपावली के इस अवसर पर कहा “जी.एल. बजाज में दीपावली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि एकता, सकारात्मकता और सृजनशीलता का उत्सव है। ऐसे आयोजन संस्थान के सदस्यों के बीच पारिवारिक भावना को प्रबल करते हैं और हमारी सांस्कृतिक जड़ों से हमें जोड़े रखते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के उत्सव विद्यार्थियों और शिक्षकों में टीमवर्क, सहयोग और समाजिक सामंजस्य की भावना को सशक्त बनाते हैं।
रंगोली से सजी धरती, मुस्कानों से जगमगाया आसमान
दीपावली उत्सव का मुख्य आकर्षण रहा रंगोली प्रतियोगिता, जिसमें प्रतिभागियों ने पारंपरिक कला को आधुनिक थीम्स से जोड़ते हुए आकर्षक डिज़ाइन प्रस्तुत किए।
कहीं भगवान गणेश और लक्ष्मी की मनमोहक आकृतियाँ तो कहीं “स्वच्छ भारत” और “हरित दीवाली” जैसे सामाजिक संदेश रंगों के माध्यम से उकेरे गए।
सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार और सम्मान पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया, जबकि “बेस्ट एथनिक ड्रेस” प्रतियोगिता में पारंपरिक भारतीय पहनावों की झलक ने दर्शकों का मन मोह लिया।
संस्कृति और संगीत से गुंज उठा परिसर
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में छात्रों ने बॉलीवुड और शास्त्रीय धुनों पर नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को जीवंत बना दिया।
गायन प्रतियोगिता में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने मिलकर ऐसी सरगम बिखेरी कि तालियों की गड़गड़ाहट पूरे सभागार में गूंजती रही।
कविता पाठ के दौरान “दीप जलाओ, अंधियारा मिटाओ” जैसी भावनात्मक पंक्तियाँ सुनकर हर किसी के मन में उजाले की अनुभूति हुई।
सामाजिक संदेशों से जुड़ा उत्सव
जी.एल. बजाज के शिक्षकों ने इस दीपावली पर छात्रों को “ग्रीन दीवाली” मनाने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि हमें पटाखों से नहीं, बल्कि ज्ञान, प्रेम और एकता की रोशनी से अपने जीवन को प्रकाशित करना चाहिए। संस्थान के विभिन्न विभागों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सामुदायिक सेवा जैसे विषयों पर पोस्टर बनाकर प्रदर्शित किए।
शिक्षकों ने दी एकता और सादगी का संदेश
दीपावली कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने एक-दूसरे को मिठाई और शुभकामनाएँ देकर “साझा उत्सव की भावना” को मजबूत किया। हर व्यक्ति ने यह संदेश दिया कि “दीवाली तभी पूर्ण होती है जब हर हृदय में खुशी का दीप जले।”
शाम होते-होते संस्थान की हर इमारत रोशनी से जगमगाने लगी। दीयों की कतारों से सजी छतें, झिलमिल लाइटों से दमकते गलियारे और हर्षोल्लास से भरे चेहरे—हर दृश्य इस बात का गवाह था कि जी.एल. बजाज परिवार दीपावली को केवल मनाता नहीं, बल्कि जीता है।
“एक दीप मुस्कान का, एक दीप सौहार्द का”
कार्यक्रम के अंत में सभी कर्मचारियों और शिक्षकों ने सामूहिक रूप से दीप जलाकर देश में शांति, समृद्धि और एकता की कामना की।
दीप प्रज्वलन के साथ ही पूरे परिसर में “शुभ दीपावली” की गूंज ने त्योहार को यादगार बना दिया।
जी.एल. बजाज परिवार की ओर से दीपावली की शुभकामनाएँ
कार्यक्रम का समापन सामूहिक उत्सव और फोटो सत्र के साथ हुआ। सभी ने एक-दूसरे को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और संकल्प लिया कि आने वाले वर्ष में भी वे इसी एकता और उमंग के साथ संस्थान का नाम रोशन करते रहेंगे।
जी.एल. बजाज परिवार की ओर से सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और समाज के लोगों को दीपावली की मंगलकामनाएँ — “उजाला फैलाइए, मुस्कान बाँटिए।”



