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Sant Hood Convent News : "गर्व की बात है! , सेंट हुड कॉन्वेंट के एनसीसी एएनओ अर्पित शर्मा बने 'विश्वसनीयता का प्रतीक', महाराष्ट्र की सैन्य अकादमी में चमका दादरी का नाम", विद्यालय में सम्मान समारोह, गूंजे तालियां और जयघोष




दादरी (विद्यानगर), रफ़्तार टुडे।
शिक्षा के क्षेत्र में जहां अक्सर छात्रों की उपलब्धियां चर्चा में रहती हैं, वहीं इस बार एक शिक्षक ने अपने अद्भुत सैन्य अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्टता से पूरे विद्यालय, नगर और जनपद का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
सेंट हुड कॉन्वेंट स्कूल, विद्यानगर दादरी के एनसीसी असिस्टेंट एनओ (AN0) अर्पित शर्मा को महाराष्ट्र के ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA), कामटी में आयोजित रिफ्रेशर ट्रेनिंग के दौरान “सर्वश्रेष्ठ कैडेट” घोषित किया गया।


ओटीए की कठिन ट्रेनिंग में अर्पित शर्मा ने दिखाई ‘अदम्य इच्छाशक्ति’

देश की चुनिंदा सैन्य प्रशिक्षण संस्थानों में से एक OTA कामटी, नागपुर में आयोजित एक माह की गहन रिफ्रेशर ट्रेनिंग में अर्पित शर्मा ने न सिर्फ अनुशासन, नेतृत्व और निर्णय क्षमता में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, बल्कि सभी प्रशिक्षकों व प्रशिक्षुओं के बीच अपनी अलग पहचान भी बनाई।

अकादमी के कमांडेंट मेजर जनरल उपकार चंदर द्वारा उन्हें प्रशंसा-पत्र एवं विशेष उपहार देकर सम्मानित किया गया, जबकि कंपनी कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल सुधांशु एक्का ने उन्हें “विश्वसनीयता का प्रतीक” (Symbol of Reliability) घोषित किया – जो सेना के उच्चतम मूल्यों में से एक माना जाता है।


‘अग्रिम पंक्ति में स्थान’ भी बनी गौरव का विषय

इतना ही नहीं, ट्रेनिंग के समापन समारोह में अर्पित शर्मा को मेजर जनरल, डिप्टी कमांडेंट, ब्रिगेडियर, लेफ्टिनेंट कर्नल और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के समक्ष “अग्रिम पंक्ति” में स्थान मिला।
सैन्य परंपराओं में यह सम्मान उच्चतम वर्ग की प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है, जो बहुत ही कम व्यक्तियों को मिलता है।


विद्यालय में सम्मान समारोह, गूंजे तालियां और जयघोष

सेंट हुड कॉन्वेंट स्कूल में आयोजित विशेष कार्यक्रम में अर्पित शर्मा का विद्यालय परिवार द्वारा भव्य स्वागत किया गया।
प्रधानाचार्या डॉ. आशा शर्मा ने कहा –

“शिक्षक अगर स्वयं अनुशासन, परिश्रम और नेतृत्व का उदाहरण बनें, तो वे छात्रों के सबसे प्रभावशाली प्रेरणास्रोत बनते हैं। अर्पित शर्मा हमारे विद्यालय के ऐसे ही गौरव हैं।”

छात्रों और शिक्षकों ने तालियों की गूंज में उनका स्वागत किया और “भारत माता की जय”, “जय हिंद”, “एनसीसी ज़िंदाबाद” जैसे नारों से माहौल को देशभक्ति से भर दिया।


अर्पित शर्मा: एक शिक्षक, एक सैनिक, एक प्रेरणा

अर्पित शर्मा ने बताया कि OTA में मिलने वाली ट्रेनिंग अत्यंत कठोर होती है, लेकिन “मन में यदि लक्ष्य को लेकर स्पष्टता और देशसेवा का जज़्बा हो, तो हर चुनौती अवसर बन जाती है।”
उन्होंने यह भी कहा कि हर एनसीसी अधिकारी और कैडेट को कम से कम एक बार OTA का अनुभव जरूर लेना चाहिए, क्योंकि यह जीवन को अनुशासन, नैतिकता और नेतृत्व की नई परिभाषा देता है।


दादरी के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण

आज जहां युवा पीढ़ी के सामने डिजिटल व्याकुलता, कैरियर भ्रम और अनुशासनहीनता जैसी चुनौतियां हैं, वहां अर्पित शर्मा जैसे शिक्षकों की उपलब्धि दिशा दिखाने वाला प्रकाशस्तंभ बन सकती है।
एनसीसी (National Cadet Corps) जैसे संगठनों में ऐसे प्रशिक्षक विद्यार्थियों को न केवल देशभक्ति सिखाते हैं, बल्कि “चरित्र निर्माण, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण” का पाठ पढ़ाते हैं।


📸 सोशल मीडिया पर भी वायरल हुई तस्वीरें और वीडियो

कार्यक्रम के दौरान ली गई तस्वीरें और सम्मान समारोह की क्लिप्स को स्कूल के सोशल मीडिया पेज, स्थानीय पोर्टल्स और एनसीसी से जुड़े प्लेटफॉर्म्स पर पोस्ट किया गया।
कुछ ही घंटों में #ArpitSharmaNCCStar, #DronacharyaOfDadri, #OTAKampteeHero जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।


🙌🏻 एनसीसी के दायरे से आगे बढ़ती उपलब्धि

OTA कामटी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिए गए सम्मान सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि संस्था, शहर और पूरे प्रदेश की पहचान है।
इसका सीधा लाभ भविष्य में स्कूल के कैडेट्स को मिलेगा — उन्हें भी OTA, RDC, TSC जैसी उच्च स्तर की ट्रेनिंग के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।


📚 स्कूल ने की नई पहल – ‘एनसीसी गाइडेंस प्रोग्राम’ की घोषणा

इस मौके पर सेंट हुड स्कूल ने घोषणा की कि जल्द ही “एनसीसी कैडेट गाइडेंस प्रोग्राम” शुरू किया जाएगा, जिसमें अर्पित शर्मा सभी एनसीसी छात्रों को रुटीन, ट्रेनिंग, फिटनेस, कम्युनिकेशन स्किल और अनुशासन पर मार्गदर्शन देंगे।


💬 छात्र बोले – “सर हमारे रियल हीरो हैं”

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्रों ने कहा –

“हमने हमेशा सुना था कि एनसीसी केवल कैडेट्स के लिए है, लेकिन आज हमें समझ आया कि शिक्षक भी उसमें बेहतरीन योगदान दे सकते हैं। शर्मा सर हमारे लिए रोल मॉडल हैं।”


🔚 निष्कर्ष – ‘दादरी से कामटी तक’ एक प्रेरणा यात्रा

अर्पित शर्मा की यह उपलब्धि केवल एक शिक्षक की कहानी नहीं, बल्कि हर उस युवा शिक्षक के लिए प्रेरणा है जो केवल किताबों से नहीं, अपने व्यवहार, समर्पण और कार्यों से शिक्षा देना चाहता है।

आज दादरी का एक नाम देश की सबसे कठिन सैन्य अकादमियों में गूंजा है – और यह शुरुआत है, अंत नहीं।


🔖 रफ़्तार टुडे विशेष धन्यवाद देता है सेंट हुड कॉन्वेंट स्कूल परिवार को, जिन्होंने राष्ट्रीय मूल्यों को शिक्षा का आधार बनाकर नई पीढ़ी को तैयार किया है।


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