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Jewar Yamuna Authority News : “जेवर–यमुना एक्सप्रेसवे बन रहा सोलर पावर का नया ‘सिलिकॉन वैली’, YEIDA ने 200 एकड़ जमीन SAEL को सौंपी, लगेगा 8,200 करोड़ का मेगा सोलर प्लांटबदलेगी पूरी इंडस्ट्रियल पटकथा!”, क्षेत्र में बड़े निवेशों की ‘लड़़ी’ अब तेज, 5 गीगावॉट सोलर मॉड्यूल उत्पादन क्षमता


लखनऊ/ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। यमुना एक्सप्रेसवे का औद्योगिक गलियारा एक बार फिर बड़ी खबरों में है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने बुधवार को एक ऐसा निर्णय लिया है जो न सिर्फ जेवर क्षेत्र के औद्योगिक भविष्य को नया मोड़ देगा, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश को नवीकरणीय ऊर्जा के मानचित्र पर राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर नई पहचान देगा। YEIDA ने SAEL Industries Ltd की सहायक कंपनी SAEL Solar P6 Pvt. Ltd. को सेक्टर 8 में लगभग 200 एकड़ औद्योगिक भूमि आवंटित कर दी है, जहाँ कंपनी 8,200 करोड़ रुपये के निवेश से भारत की सबसे आधुनिक, हाई-टेक और विशाल इंटीग्रेटेड सोलर मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री बनाने जा रही है।

यह सिर्फ जमीन का आवंटन नहीं—बल्कि उत्तर प्रदेश में एक नई सोलर इंडस्ट्रियल क्रांति की शुरुआत है।

200 एकड़ में उभरेगा देश का सबसे आधुनिक सोलर हब

वार्ता के अनुसार, SAEL की इस प्रस्तावित सुविधा में शामिल होंगे:

5 गीगावॉट TOPCon आधारित सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग लाइनें

5 गीगावॉट सोलर मॉड्यूल उत्पादन क्षमता

यानी कुल 10 गीगावॉट की मजबूत क्षमता, जो इसे भारत की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड सोलर उत्पादन इकाइयों में शामिल कर देगी। TOPCon (Tunnel Oxide Passivated Contact) तकनीक दुनिया की सबसे उन्नत और उच्च दक्षता वाली सोलर तकनीकों में से एक मानी जाती है।

जेवर एयरपोर्ट, YEIDA सेक्टरों और यमुना एक्सप्रेसवे की उत्तम कनेक्टिविटी इसे एक “पावर-पैक्ड लोकेशन” बनाती है।

आवंटन का औपचारिक अध्याय—YEIDA ने सौंपा अलॉटमेंट लेटर

YEIDA की ओर से सीईओ राकेश कुमार सिंह और OSD शैलेंद्र कुमार भाटिया ने SAEL अधिकारियों को औपचारिक रूप से आवंटन पत्र सौंपा।
यह आवंटन उस आराम पत्र (Letter of Comfort) के आधार पर किया गया है जो पहले सरकार द्वारा कंपनी को दिया गया था।

इस तरह अब यह प्रोजेक्ट पूरी तरह आधिकारिक रूप से जमीन पर उतरने की तैयारी में है।

जेवर एयरपोर्ट के पास बनेगा ‘ग्रीन गोल्ड इंडस्ट्रियल कॉरिडोर

SAEL का यह मेगा सोलर प्लांट जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से कुछ ही दूरी पर बनने जा रहा है।
इस क्षेत्र को पहले ही सरकार ने एक विशेष औद्योगिक-विकास ज़ोन घोषित किया है, जिसमें शामिल हैं अत्याधुनिक लॉजिस्टिक हब

मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी

इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर

इंडस्ट्रियल प्लॉट्स और MSME क्लस्टर्स

यह प्रोजेक्ट एयरोसिटी, फिल्म सिटी, लॉजिस्टिक्स पार्क और मैन्युफैक्चरिंग हब जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के बीच एक बेजोड़ औद्योगिक तालमेल पैदा करेगा।

YEIDA का मास्टरस्ट्रोक—ग्रीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग के लिए बड़ा कदम

YEIDA पहले भी EV, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस, एयरक्राफ्ट रिपेयर, फार्मा और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में निवेश ला चुका है, लेकिन सोलर इंडस्ट्री में यह अब तक का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है। यह प्रोजेक्ट इस बात का प्रमाण है कि YEIDA सिर्फ भूमि नहीं दे रहा, बल्कि एक भविष्य की ऊर्जा नीति पर काम कर रहा है।

इस प्लांट से स्थानीय रोजगार

आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain)

OEM मैन्युफैक्चरिंग

MSME यूनिट्स

और सपोर्टिव उद्योग

सभी को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

SAEL—देश की सबसे तेजी से बढ़ती रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों में शामिल

SAEL Industries Ltd. कोई साधारण कंपनी नहीं। यह सौर ऊर्जा, EPC, मॉड्यूल निर्माण और O&M सेवाओं में अपनी मजबूत पकड़ रखती है।
कंपनी का मौजूदा पोर्टफोलियो विशाल है:

8299.5 मेगावॉट सोलर IPP प्रोजेक्ट्स

3625 मेगावॉट TOPCon मॉड्यूल निर्माण क्षमता

164.90 मेगावॉट कृषि अपशिष्ट से ऊर्जा उत्पादन

इतने बड़े अनुभव के साथ SAEL का UP में निवेश राज्य को ग्रीन एनर्जी का अग्रणी राज्य बनाने में मदद देगा।

8,200 करोड़ का निवेश—नोएडा और YEIDA में आएगा ‘सुपरचार्ज्ड बूम’

यह प्रोजेक्ट सीधे-सीधे उत्तर प्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था में सबसे बड़े निवेशों में से एक है। इससे होने वाले प्रमुख लाभ लगभग 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार

हजारों अप्रत्यक्ष नौकरियाँ

MSME सप्लाई चेन में अपेक्षित 80–100 नई यूनिट्स

इलेक्ट्रिकल, मटीरियल, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक उद्योगों को नई ऊर्जा

जेवर एयरपोर्ट के इकोनॉमिक ज़ोन की वैल्यू में भारी वृद्धि

यह पूरा प्रोजेक्ट क्षेत्र के आर्थिक विकास में “टर्बोचार्जर” की तरह काम करेगा।

क्यों महत्वपूर्ण है YEIDA क्षेत्र? जानिए इसकी रणनीतिक ताकत

YEIDA का सेक्टर 8, जहाँ यह जमीन दी गई है, वह आगे चलकर देश के सबसे महत्वपूर्ण ग्रीन-एनर्जी हब में शामिल हो सकता है। इसके पीछे कारण हैं

एक्सप्रेसवे की सीधी कनेक्टिविटी

जेवर एयरपोर्ट से निकटता

प्रस्तावित मेट्रो विस्तार

लॉजिस्टिक पार्क की योजनाएँ

इंटरनेशनल कार्गो टर्मिनल

इनलैंड कंटेनर डिपो

यहाँ स्थापित हर उद्योग को न सिर्फ नेशनल, बल्कि एशियन मार्केट्स तक सुगम कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।

यूपी सरकार की ‘ग्रीन एनर्जी पॉलिसी’ को मिलेगी नई गति

उत्तर प्रदेश सरकार रिन्यूएबल सेक्टर में बड़े निवेश की नीति पर फोकस कर रही है।
YEIDA का यह निर्णय न केवल इस नीति को आगे बढ़ाएगा, बल्कि मेक इन इंडिया

आत्मनिर्भर भारत

नेट जीरो उत्सर्जन लक्ष्य

और यूपी की इंडस्ट्रियल पॉलिसी

सभी लक्ष्यों को मजबूत करेगा।

सरकार का उद्देश्य UP को न केवल इंडस्ट्रियल हब बनाना है, बल्कि ग्रीन एनर्जी कैपिटल के तौर पर भी स्थापित करना है।

जमीन आवंटन के बाद क्या होगा अगला कदम?

अब जब भूमि का आवंटन पत्र औपचारिक रूप से सौंप दिया गया है, SAEL कंपनी:

ले-आउट डिज़ाइन

प्लांट इंजीनियरिंग

मशीनरी की खरीद

इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट

और कंस्ट्रक्शन शेड्यूल

जैसे प्रमुख कार्यों की ओर तेजी से आगे बढ़ेगी। उम्मीद है कि 2026 तक इस प्रोजेक्ट का प्रमुख हिस्सा विकसित हो जाएगा और उत्पादन लाइनें चालू होने लगेंगी।

YEIDA क्षेत्र में बड़े निवेशों की ‘लड़़ी’ अब तेज

YEIDA पहले ही फिल्म सिटी

मेडिकल डिवाइसेस पार्क

टॉय पार्क

डेटा सेंटर पार्क

वेयरहाउसिंग हब

जैसे बड़े उद्योगों को जगह दे चुका है। SAEL का यह 8,200 करोड़ का निवेश इस पूरी औद्योगिक श्रृंखला को और मजबूत कर देगा।

“जेवर, नोएडा और पूरी यमुना एक्सप्रेसवे बेल्ट एक नए औद्योगिक युग में प्रवेश कर रही है जहाँ रनवे पर विमान, सड़क पर निवेश और जमीन पर सोलर पैनल साथ-साथ चमकेंगे!

रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
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