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Noida Bulldozer News : 100 करोड़ की जमीन पर भू माफिया का कब्ज़ा उजागर, अवैध कॉलोनी काटकर भोले-भाले लोगों को ठगने का धंधा, जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई में 12 हेक्टेयर भूमि मुक्त, प्रशासन का संदेश, "भू-माफियाओं पर अब नहीं होगी दया"

नोएडा, रफ़्तार टुडे।
नोएडा की धरती एक बार फिर भू-माफियाओं की करतूतों से दागदार हो गई। तेजी से बढ़ते रियल एस्टेट और जमीनों की कीमतों ने यहां के भू-माफियाओं को इस कदर आकर्षित किया कि उन्होंने सरकारी जमीनों पर कब्ज़ा कर अवैध कॉलोनियाँ बसाने का खेल शुरू कर दिया। गरीब और भोले-भाले लोगों को “सस्ते दाम में प्लॉट” का झांसा देकर यह माफिया करोड़ों का वारा-न्यारा कर रहे थे।

लेकिन इस बार प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। लगातार दिए गए नोटिसों की अनदेखी के बाद आखिरकार मंगलवार को एसडीएम दादरी अनुज नेहरा के नेतृत्व में की गई बड़ी कार्रवाई में ग्राम समाज की 12 हेक्टेयर जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया। इस जमीन की कीमत बाजार भाव से लगभग 100 करोड़ रुपए आँकी गई है।

कैसे चल रहा था “अवैध कॉलोनी” का धंधा?

प्रशासन की जांच में सामने आया कि भू-माफियाओं ने पर्थला खंजरपुर गांव में ग्राम समाज की गाटा संख्या 151, 153 और 154 पर कब्जा कर लिया था।
इन जमीनों पर अवैध रूप से पक्के निर्माण भी खड़े कर दिए गए थे और “प्लॉट स्कीम” के नाम पर आम लोगों को बेचा जा रहा था।

लोगों को बताया जा रहा था कि—
“यह जमीन बहुत जल्द रजिस्ट्री हो जाएगी।”
“सरकारी योजनाओं के तहत नियमितीकरण की प्रक्रिया चल रही है।”
“सिर्फ कुछ हजार रुपये एडवांस देकर आप यहां प्लॉट बुक कर सकते हैं।”

भरोसेमंद दिखने वाली इन बातों के झांसे में कई परिवार आ गए और अपनी जिंदगी भर की जमा-पूंजी गंवा बैठे।

नोटिस के बाद भी नहीं रुके भू-माफिया

जानकारी के अनुसार, प्रशासन ने इन अवैध निर्माणकर्ताओं को पहले भी कई बार नोटिस जारी किए थे। उन्हें कहा गया था कि ग्राम समाज की जमीन पर किसी भी तरह का निर्माण पूरी तरह अवैध है। लेकिन नोटिसों की धज्जियाँ उड़ाते हुए भू-माफिया लगातार अवैध प्लॉटिंग और कॉलोनी काटने में जुटे रहे।

यही कारण रहा कि इस बार प्रशासन ने बुलडोज़र चलाकर कब्जा हटाने का कठोर निर्णय लिया। कार्रवाई के दौरान मौजूद टीम ने न केवल अवैध निर्माण ध्वस्त किए बल्कि आगे इस जमीन पर किसी तरह का दोबारा कब्जा न हो, इसके लिए भी सख्त निर्देश दिए।

बुलडोज़र कार्रवाई: प्रशासन ने दिखाई सख्ती

मंगलवार को एसडीएम अनुज नेहरा के नेतृत्व में बड़ी प्रशासनिक टीम गांव पहुँची। मौके पर अवैध निर्माणों को चिह्नित किया गया और तुरंत जेसीबी मशीनों से तोड़फोड़ शुरू की गई।
कुछ ही घंटों में पूरे इलाके का नक्शा बदल गया। जिन जगहों पर अवैध कॉलोनी के बोर्ड और प्लॉटिंग की लाइनें खींची गई थीं, वहां अब सिर्फ समतल जमीन रह गई।

इस कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक टीम के साथ भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा ताकि किसी भी प्रकार के विरोध को रोका जा सके।

भोले-भाले खरीदारों की टूटी उम्मीदें

अवैध कॉलोनी में प्लॉट खरीदने वाले लोगों की स्थिति सबसे अधिक दयनीय रही।
कई लोग वहाँ पहुँचकर प्रशासन से सवाल करते रहे कि—
“हमने तो मेहनत की कमाई लगाई थी, अब हमारा क्या होगा?”
“हमें तो कहा गया था कि यह जमीन जल्द ही रेगुलराइज़ हो जाएगी।”

प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें समझाया कि ग्राम समाज की जमीन कभी भी निजी व्यक्ति के नाम पर नहीं की जा सकती। ऐसे मामलों में पीड़ितों को सलाह दी गई कि वे लिखित शिकायत दर्ज कराएँ ताकि उनके साथ धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सके।

प्रशासन का संदेश: “भू-माफियाओं पर अब नहीं होगी दया”

एसडीएम अनुज नेहरा ने स्पष्ट कहा कि जिले में कहीं भी ग्राम समाज या सरकारी जमीन पर कब्जा नहीं रहने दिया जाएगा।
“भू-माफियाओं के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी व्यक्ति को सरकारी जमीन पर अवैध कॉलोनी काटने या प्लॉट बेचने की अनुमति नहीं है। जो भी ऐसा करेगा, उसका निर्माण ढहाया जाएगा और जेल भेजा जाएगा।”

इसके साथ ही प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की कि वे किसी भी तरह के अवैध प्लॉट खरीदने से पहले रजिस्ट्री और कागजों की अच्छी तरह जांच करें।

क्यों हो रहे हैं ऐसे कब्ज़े?

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में जमीन की मांग तेज़ी से बढ़ रही है। नए एक्सप्रेसवे, मेट्रो कनेक्टिविटी और औद्योगिक निवेश के कारण यहाँ की जमीनों के दाम लगातार आसमान छू रहे हैं। इस स्थिति का फायदा उठाकर भू-माफिया— ग्राम समाज की जमीनों पर कब्जा कर प्लॉटिंग करते हैं। भोले-भाले लोगों को सस्ते दाम का लालच देते हैं।

रजिस्ट्री न होने की स्थिति में “रेगुलराइजेशन का वादा” करके ठगी करते हैं। यही कारण है कि प्रशासन को अब समय-समय पर अभियान चलाकर ऐसी जमीनों को मुक्त कराना पड़ रहा है।

सबक: जनता को जागरूक होना ज़रूरी

इस पूरे घटनाक्रम से एक बड़ा सबक मिलता है कि—
“सस्ते प्लॉट के लालच में फँसने से पहले सौ बार सोचें।”
“जमीन खरीदते समय उसकी राजस्व अभिलेख (खसरा-खतौनी) और रजिस्ट्री अवश्य देखें।”
“ग्राम समाज और सरकारी जमीन कभी भी निजी संपत्ति नहीं हो सकती।”

भू-माफियाओं पर लगाम और जनता की सुरक्षा

पर्थला खंजरपुर की 12 हेक्टेयर जमीन को मुक्त कराकर जिला प्रशासन ने भू-माफियाओं को साफ संदेश दे दिया है कि नोएडा में अब अवैध कब्ज़ों और ठगी का खेल नहीं चल पाएगा।
जहां एक ओर इस कार्रवाई से सरकारी खजाने की लगभग 100 करोड़ की संपत्ति सुरक्षित हुई है, वहीं आम जनता को भी चेतावनी मिल गई है कि बिना जांचे-परखे किसी जमीन में निवेश करना भारी नुकसान दे सकता है।

रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
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