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LG In Noida Authority Investment News : नोएडा में एलजी का बड़ा निवेश!, 1000 करोड़ से बनेगा वैश्विक अनुसंधान एवं विकास केंद्र, 500 युवाओं को मिलेगा रोजगार, राज्य सरकार का फोकस, “इनवेस्ट यूपी, इनोवेट यूपी”,नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ लोकेश एम बोले - नोएडा बनेगा “नवाचार की राजधानी”

नोएडा, रफ़्तार टुडे। नोएडा को विश्वस्तरीय तकनीकी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ा है। दक्षिण कोरिया की प्रमुख बहुराष्ट्रीय कंपनी एलजी कॉर्पोरेशन ने नोएडा में अपना नया ग्लोबल रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) सेंटर स्थापित करने का ऐलान किया है। इस परियोजना में 1000 करोड़ रुपये (लगभग 10 अरब रुपये) का भारी निवेश किया जाएगा।

कंपनी के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) से मुलाकात कर परियोजना से जुड़ी रूपरेखा, निर्माण योजना और समयसीमा पर चर्चा की। बैठक के बाद एलजी ने नोएडा में अपने विस्तार की औपचारिक पुष्टि की, जिसे उत्तर प्रदेश में तकनीकी और औद्योगिक विकास के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है।

दूसरे चरण के औद्योगिक भूखंड में बनेगा अत्याधुनिक आर एंड डी सेंटर

एलजी का नया केंद्र नोएडा सेक्टर-चरण-II के औद्योगिक क्षेत्र में 21,329 वर्ग मीटर भूमि पर बनेगा। यह अत्याधुनिक भवन न केवल कंपनी के उत्पाद विकास और नवाचार को नई दिशा देगा, बल्कि भारत में एलजी की अनुसंधान क्षमताओं को भी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा।

कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि इस केंद्र में उन्नत तकनीकी शोध, स्मार्ट उपकरणों की डिजाइनिंग, एआई-आधारित उत्पाद परीक्षण और सतत ऊर्जा समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

निवेश के प्रमुख बिंदु

श्रेणी विवरण

निवेश राशि ₹1000 करोड़
परियोजना उद्देश्य वैश्विक अनुसंधान एवं विकास केंद्र की स्थापना
स्थान औद्योगिक चरण-II, नोएडा
प्लॉट क्षेत्रफल 21,329 वर्ग मीटर
रोजगार सृजन लगभग 500 प्रत्यक्ष नौकरियां

नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ लोकेश एम बोले – नोएडा बनेगा “नवाचार की राजधानी

बैठक में प्राधिकरण के सीईओ ने कहा कि नोएडा में एलजी का यह बड़ा निवेश शहर की “नवाचार राजधानी” बनने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
उन्होंने कहा “यह केवल एक निवेश नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और तकनीकी क्षमता पर वैश्विक विश्वास का प्रतीक है। इस परियोजना से स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार और कौशल विकास के अवसर खुलेंगे।”

एलजी का यह कदम न केवल अपने व्यापारिक विस्तार के लिए बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल उत्तर प्रदेश’ के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगा।

आर एंड डी सेंटर में होंगे हाई-टेक प्रयोग

सूत्रों के अनुसार, इस केंद्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), 5G तकनीक, ग्रीन एनर्जी उपकरणों, और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी पर शोध कार्य किए जाएंगे।
यहाँ विकसित की गई तकनीकें आगे चलकर भारत में निर्मित स्मार्ट टीवी, होम एप्लायंसेस, ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और ऊर्जा-कुशल उत्पादों में उपयोग की जाएंगी।

कंपनी ने बताया कि यह केंद्र भारत में एलजी की नवाचार क्षमता को बढ़ाने वाला ‘ग्लोबल इनोवेशन हब’ बनेगा, जिससे नोएडा की पहचान केवल औद्योगिक नहीं बल्कि वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र के रूप में भी होगी।

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राज्य सरकार का फोकस, “इनवेस्ट यूपी, इनोवेट यूपी”,नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ लोकेश एम बोले – नोएडा बनेगा “नवाचार की राजधानी”

एलजी और नोएडा प्राधिकरण के बीच सहयोग हुआ और मजबूत

बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने परियोजना के निर्माण चरण, पर्यावरण स्वीकृति, और बुनियादी ढांचे से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की।
सीईओ ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि प्राधिकरण इस परियोजना की प्रगति को फास्ट-ट्रैक मोड में रखेगा। “नोएडा अब केवल औद्योगिक शहर नहीं, बल्कि तकनीकी नवाचार और वैश्विक निवेश का नया केंद्र बन चुका है,” — प्राधिकरण अधिकारी

500 रोजगार के अवसर, स्थानीय युवाओं को मिलेगा लाभ

एलजी की इस परियोजना से सीधे तौर पर लगभग 500 युवाओं को रोजगार मिलने का अनुमान है, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से इससे हजारों तकनीकी और सप्लाई चेन अवसर भी पैदा होंगे। कंपनी ने बताया कि वह स्थानीय संस्थानों से प्रशिक्षित युवाओं को प्राथमिकता देगी और भविष्य में इंटर्नशिप प्रोग्राम्स और इंडस्ट्री-एकेडमिक टाई-अप्स की भी योजना बना रही है।

स्मार्ट और सस्टेनेबल बिल्डिंग का डिज़ाइन

एलजी का यह केंद्र ग्रीन बिल्डिंग स्टैंडर्ड्स के अनुरूप बनाया जाएगा। इसमें सौर ऊर्जा पैनल, वर्षा जल संचयन प्रणाली, ऊर्जा-कुशल प्रकाश व्यवस्था और पर्यावरण-अनुकूल निर्माण सामग्री का उपयोग किया जाएगा।

नोएडा बन रहा है वैश्विक तकनीकी निवेश का हब

हाल के वर्षों में सैमसंग, एडोबी, माइक्रोसॉफ्ट और अब एलजी जैसी दिग्गज कंपनियों का निवेश नोएडा को उत्तर भारत का प्रमुख तकनीकी केंद्र बना रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण और डाटा सेंटर पॉलिसी 2.0 जैसी नीतियों से इस क्षेत्र की निवेश आकर्षण क्षमता और बढ़ेगी।

राज्य सरकार का फोकस – “इनवेस्ट यूपी, इनोवेट यूपी”

उत्तर प्रदेश सरकार के “इनवेस्ट यूपी” अभियान के तहत एलजी जैसी वैश्विक कंपनियों को सिंगल विंडो क्लियरेंस, उद्योग सुरक्षा, और तेज भूमि आवंटन प्रक्रिया जैसी सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। इससे राज्य को न केवल रोजगार बल्कि टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और निर्यात में वृद्धि का भी लाभ मिलेगा।

रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
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