Curious Mind Preschool News : नन्हे क़दम, बड़ी मुस्कानें और क्रिसमस की रंगीन रौनक, शिक्षा को उत्सव में बदलने की पहल, क्यूरियस माइंड प्रीस्कूल में पीटीएम और क्रिसमस फेस्ट ने रचा सीख, सृजन और उल्लास का यादगार संगम, स्कूल फाउंडर दीपा रानी का संदेश

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। जहां मासूम मुस्कानें हों, रंग-बिरंगे गुब्बारे हों, बच्चों की खिलखिलाहट और क्रिसमस की खुशबू हर ओर बिखरी हो—वहीं शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि एक उत्सव बन जाती है। ऐसा ही मनमोहक नज़ारा देखने को मिला क्यूरियस माइंड प्रीस्कूल, ग्रेटर नोएडा में, जहां पैरेंट-टीचर मीटिंग (PTM) और क्रिसमस फेस्ट का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास, रचनात्मकता और पारिवारिक सहभागिता के साथ किया गया।
यह आयोजन केवल एक औपचारिक बैठक या त्योहार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बचपन, सीखने और सामुदायिक जुड़ाव का जीवंत उत्सव बन गया, जिसने बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों—तीनों के दिलों में खास जगह बना ली।
सीखने के साथ जश्न: शिक्षा को उत्सव में बदलने की पहल
कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के शैक्षणिक विकास पर अभिभावकों से संवाद के साथ-साथ उन्हें एक ऐसा मंच देना था, जहां वे अपनी कल्पनाशीलता, आत्मविश्वास और रचनात्मक कौशल को खुलकर अभिव्यक्त कर सकें। पीटीएम के दौरान शिक्षकों ने अभिभावकों को बच्चों की प्रगति, व्यवहार, रुचियों और सीखने की यात्रा से अवगत कराया। अभिभावकों ने भी शिक्षकों से संवाद कर अपने बच्चों के विकास को लेकर संतोष व्यक्त किया और स्कूल के प्रयासों की सराहना की। यह संवाद न केवल औपचारिक रहा, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव और विश्वास से भरा नजर आया।
आर्ट वर्कशॉप बनी फेस्ट का मुख्य आकर्षण
इस अवसर पर आयोजित आर्ट वर्कशॉप ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। छोटे-छोटे नन्हे कलाकारों ने जब रंग, ब्रश और कागज़ थामे, तो पूरा प्रीस्कूल एक मिनी आर्ट गैलरी में बदल गया। बच्चों ने— क्रिसमस-थीम वाले ग्रीटिंग कार्ड
चमकदार सजावटी आइटम
रंगीन चित्र और हस्तशिल्प
तैयार किए। गिल्टरी कागज़, रंग-बिरंगे स्टिकर्स और रचनात्मक डिज़ाइनों के बीच बच्चों की कल्पनाशक्ति खुलकर सामने आई। यह वर्कशॉप बच्चों के लिए सिर्फ एक गतिविधि नहीं, बल्कि खुद को अभिव्यक्त करने का माध्यम बनी।
हैंडमेड स्टॉल्स में दिखा परिवारों का रचनात्मक सहयोग
क्रिसमस फेस्ट के दौरान प्रीस्कूल परिसर में लगाए गए हैंडमेड स्टॉल्स भी आकर्षण का केंद्र रहे। इन स्टॉल्स पर बच्चों और उनके परिवारों द्वारा तैयार की गई वस्तुएं प्रदर्शित की गईं, जिनमें शामिल थीं—
हाथ से बनी सुंदर ज्वैलरी
बच्चों के लिए सुरक्षित और रचनात्मक खिलौने
सुगंधित होममेड कैंडल्स
क्रिसमस डेकोर आइटम्स
हर स्टॉल अपने आप में मेहनत, प्यार और सामूहिक प्रयास की कहानी बयां कर रहा था। आगंतुकों ने इन स्टॉल्स पर खरीदारी करते हुए बच्चों की रचनात्मकता की सराहना की और उन्हें प्रोत्साहित किया।

अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी से मजबूत हुआ सामुदायिक भाव
इस आयोजन की सबसे बड़ी खासियत रही अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता। उन्होंने न केवल अपने बच्चों के प्रयासों की सराहना की, बल्कि पूरे कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इससे स्कूल और परिवार के बीच विश्वास और सहयोग का रिश्ता और मजबूत हुआ।
पूरे वातावरण में हंसी, बातचीत और खुशियों की गूंज सुनाई देती रही। यह स्पष्ट दिखा कि क्यूरियस माइंड प्रीस्कूल शिक्षा को केवल अकादमिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक साझा यात्रा के रूप में देखता है।
स्कूल फाउंडर दीपा रानी का संदेश
इस अवसर पर स्कूल की फाउंडर दीपा रानी ने कहा—
“हमारा उद्देश्य बच्चों को ऐसा माहौल देना है, जहां वे सुरक्षित महसूस करें, खुलकर सीखें और अपनी क्षमताओं को पहचान सकें। पीटीएम और क्रिसमस फेस्ट जैसे आयोजन बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों को एक परिवार की तरह जोड़ते हैं।” उन्होंने आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी अभिभावकों, शिक्षकों और क्यूरियस माइंड टीम का आभार व्यक्त किया।
बचपन का उत्सव, यादों में संजोने लायक दिन
मुस्कुराते चेहरों, रंगीन सजावट, बच्चों की मासूम खुशी और क्रिसमस की उमंग के साथ यह आयोजन क्यूरियस माइंड प्रीस्कूल की यात्रा में एक यादगार अध्याय बन गया। यह दिन न केवल सीखने का, बल्कि साथ होने, साझा करने और जश्न मनाने का प्रतीक बनकर उभरा। निस्संदेह, क्यूरियस माइंड प्रीस्कूल का यह पीटीएम और क्रिसमस फेस्ट इस बात का प्रमाण है कि जब शिक्षा को संवेदनशीलता, रचनात्मकता और उत्सव से जोड़ा जाता है, तो बचपन वास्तव में खिल उठता है।



