Noida Authority News : ईंट-सीमेंट की मनमानी पर नोएडा प्राधिकरण का हथौड़ा, लापरवाही की कीमत अब कुर्सी से चुकानी होगी” अवैध निर्माण के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस, दो और अफसरों पर गिरी गाज, प्रतिनियुक्ति समाप्त, सहायक प्रबंधक की छुट्टी

नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा को अव्यवस्था और अनियोजित विकास की दलदल में धकेलने वाले अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ नोएडा प्राधिकरण अब पूरी तरह आक्रामक मोड में आ चुका है। “जीरो टॉलरेंस” की नीति को सिर्फ कागज़ों तक सीमित न रखते हुए प्राधिकरण ने इसे ज़मीन पर उतार दिया है। खास बात यह है कि इस बार कार्रवाई केवल अवैध निर्माण करने वालों तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी गाज गिरी है, जिनकी लापरवाही या चुप्पी ने इन गड़बड़ियों को पनपने का मौका दिया।
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का साफ कहना है कि नियोजित शहर की अवधारणा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अगर कोई अधिकारी अपने पदीय दायित्वों का सही तरीके से निर्वहन नहीं करता, तो उसे पद, प्रभाव या पहचान के आधार पर संरक्षण नहीं मिलेगा।
भूलेख विभाग के दो लेखपालों पर कड़ी कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, दो दिन पूर्व भूलेख विभाग में तैनात लेखपाल शुभम भारद्वाज और सीमा यादव के कार्यों की समीक्षा की गई थी। जांच में सामने आया कि दोनों लेखपाल अपने क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण से जुड़ी गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई करने में विफल रहे। न तो रिपोर्टिंग समय पर की गई और न ही उच्च अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया गया।
प्राधिकरण प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही और कर्तव्यहीनता मानते हुए दोनों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की है। यह संदेश साफ है कि अब फाइलों में दबाकर मामलों को टालने की संस्कृति नहीं चलेगी।
वर्क सर्किल-6 में लापरवाही पर अफसरों की जवाबदेही तय
नोएडा प्राधिकरण के विशेष अभियान के तहत वर्क सर्किल-6 क्षेत्र की स्थिति भी जांच के दायरे में आई। यहां अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर अपेक्षित नियंत्रण न होने तथा पर्यवेक्षण में ढिलाई के मामले सामने आए। इसके बाद मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने अनुशासनात्मक कदम उठाने में देर नहीं लगाई।
वर्क सर्किल-6 में तैनात प्रबंधक अब्दुल शाहिद के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई और क्यों निगरानी व्यवस्था कमजोर रही। प्राधिकरण ने उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया है।
प्रतिनियुक्ति समाप्त, सहायक प्रबंधक की छुट्टी
इसी क्रम में सहायक प्रबंधक विनीत कुमार शर्मा की प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से प्राधिकरण सेवा से मुक्त कर दिया गया है। प्राधिकरण का मानना है कि जिन अधिकारियों की तैनाती का उद्देश्य व्यवस्था सुधारना होता है, यदि वही ढिलाई बरतें तो उन्हें आगे बढ़ाने का कोई औचित्य नहीं।
सख्त संदेश: अब संरक्षण नहीं, कार्रवाई होगी
नोएडा प्राधिकरण ने दो टूक शब्दों में कहा है कि अधिसूचित भूमि पर अवैध निर्माण या अतिक्रमण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि किसी भी स्तर पर अधिकारियों की मिलीभगत, जानबूझकर आंख मूंदने या लापरवाही के प्रमाण मिलते हैं, तो आगे भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि अवैध निर्माण सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह शहर की बुनियादी संरचना, यातायात, पर्यावरण और नागरिक सुविधाओं पर सीधा हमला है। ऐसे में इसे नजरअंदाज करना भविष्य के लिए गंभीर संकट को न्योता देना होगा।
नियोजित विकास की ओर कड़ा कदम
प्राधिकरण के इस सख्त रुख से यह साफ हो गया है कि आने वाले समय में नोएडा में अवैध निर्माण करने वालों के लिए हालात और मुश्किल होंगे। साथ ही, जो अधिकारी या कर्मचारी अब तक “देखो-समझो और छोड़ दो” की नीति पर काम कर रहे थे, उनके लिए भी चेतावनी है कि अब जवाबदेही तय होगी।
नोएडा प्राधिकरण की यह कार्रवाई सिर्फ प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि एक बड़ा संदेश है— अब शहर को बिगाड़ने वालों और उन्हें संरक्षण देने वालों, दोनों पर एक साथ शिकंजा कसा जाएगा, ताकि नोएडा का विकास तय मानकों, मास्टर प्लान और कानून के अनुरूप हो सके।



