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Greater Noida Authority News : “ग्रेटर नोएडा में इंडस्ट्री-लेबर समन्वय की नई पहल, प्राधिकरण, पुलिस और उद्यमियों की संयुक्त बैठक”, कारखाना विभाग के नए दिशा-निर्देशों पर मंथन, श्रमिक हितों को लेकर स्पष्ट संदेश

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में हाल के दिनों में बने तनावपूर्ण माहौल के बीच एक बड़ी और निर्णायक पहल सामने आई है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से रविवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में श्रमिकों और फैक्ट्री मालिकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने को लेकर गंभीर मंथन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव ने की, जिसमें प्रशासन, पुलिस और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में मौजूद अधिकारियों ने साफ संकेत दिया कि अब औद्योगिक क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या असंतुलन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, बल्कि श्रमिकों और उद्यमियों के बीच संतुलन बनाकर विकास की नई दिशा तय की जाएगी। इस अहम बैठक में एसीईओ सुमित यादव, एडीएम मंगलेश दुबे, डीसीपी प्रवीण रंजन सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और नोएडा एंट्रेप्रिन्योर एसोसिएशन, इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन, इंडिया इंडस्ट्रीज एसोसिएशन समेत अन्य औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

इंडस्ट्री और श्रमिकों के बीच तालमेल पर जोर
बैठक का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों और फैक्ट्री मालिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा, ताकि हाल के तनावपूर्ण माहौल के बीच औद्योगिक गतिविधियां सुचारू रूप से चल सकें। इस दौरान एसीईओ सुमित यादव, एडीएम मंगलेश दुबे, डीसीपी प्रवीण रंजन सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


कारखाना विभाग के नए दिशा-निर्देशों की जानकारी
बैठक में उद्यमी संगठनों को कारखाना विभाग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों से अवगत कराया गया, जिसमें श्रमिकों के अधिकारों और सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है। श्रमिकों के हित में एक और बड़ा फैसला लेते हुए यह सुनिश्चित किया गया कि सभी कर्मचारियों को नियमानुसार बोनस का भुगतान अधिकतम 30 नवंबर तक सीधे उनके बैंक खातों में किया जाएगा। साथ ही, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा घोषित किसी भी वेतन वृद्धि को लागू तिथि से ही श्रमिकों को दिया जाएगा, जिससे उन्हें समय पर लाभ मिल सके।
बैठक में कार्यस्थल की गरिमा और सुरक्षा को लेकर भी विशेष जोर दिया गया। प्रत्येक फैक्ट्री में यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति का गठन अनिवार्य होगा, जिसकी अध्यक्ष महिला होगी। इसके साथ ही शिकायत पेटी लगाने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि श्रमिक अपनी समस्याएं बिना किसी डर के सामने रख सकें।

श्रमिक हितों को लेकर अहम फैसले
एडीएम मंगलेश दुबे ने स्पष्ट किया कि श्रमिकों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी: अनावश्यक रूप से किसी भी श्रमिक को नहीं निकाला जाएगा
ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से किया जाएगा
प्रत्येक श्रमिक को साप्ताहिक अवकाश अनिवार्य रूप से मिलेगा
रविवार को कार्य कराने पर दोगुना भुगतान किया जाएगा
बोनस का भुगतान 30 नवंबर तक बैंक खातों में किया जाएगा
सरकार द्वारा घोषित वेतन वृद्धि लागू तिथि से दी जाएगी
हर फैक्ट्री में यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति का गठन होगा (महिला अध्यक्ष के साथ)
शिकायत पेटी की स्थापना अनिवार्य होगी
हर महीने की 10 तारीख तक वेतन भुगतान और वेतन पर्ची देना अनिवार्य होगा


पुलिस की प्राथमिकता: शांति और समन्वय
डीसीपी प्रवीण रंजन सिंह ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने उद्यमियों और श्रमिकों से अपील की कि वे आपसी सहयोग बनाए रखें, ताकि किसी भी प्रकार का विवाद या अस्थिरता उत्पन्न न हो।


प्राधिकरण की अपील: सकारात्मक माहौल बनाए रखें
एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव ने सभी औद्योगिक संगठनों से अपील करते हुए कहा कि वे स्वस्थ, सुरक्षित और सहयोगात्मक कार्य वातावरण बनाए रखें, जिससे ग्रेटर नोएडा का औद्योगिक विकास निरंतर आगे बढ़ सके।


संवाद से ही बनेगा मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम
इस बैठक से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि प्रशासन, उद्योग और श्रमिक—तीनों के बीच संवाद और समन्वय ही स्थायी समाधान का आधार है।
नए दिशा-निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल श्रमिकों के अधिकार सुरक्षित होंगे, बल्कि उद्योगों को भी एक स्थिर और सकारात्मक वातावरण मिलेगा।

रफ़्तार टूडे की न्यूज

Raftar Today
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