
वाराणसी, रफ़्तार टुडे।
वाराणसी एक बार फिर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक क्षण का गवाह बना, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को “अपनी काशी” पहुंचे। इस बार उनकी यात्रा खास इसलिए भी रही क्योंकि उनके साथ मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम भी द्विपक्षीय वार्ता के लिए वाराणसी में मौजूद रहे। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी का आत्मीय स्वागत किया।
एयरपोर्ट से पुलिस लाइन तक का सफर हेलीकॉप्टर द्वारा तय करने के बाद प्रधानमंत्री का काफिला ताज होटल के लिए रवाना हुआ। इस दौरान रास्ते भर भाजपा कार्यकर्ताओं और आमजन ने शंखनाद, हर-हर महादेव के जयकारों और पुष्पवर्षा से उनका भव्य स्वागत किया। काशी की गलियों और चौराहों पर हर तरफ उत्साह और श्रद्धा का माहौल था। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि काशी सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र है। चाहे भाजपा कार्यकर्ताओं का जोश हो, काशीवासियों की श्रद्धा हो या सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भव्यता—हर स्तर पर यह स्वागत असाधारण रहा।
मॉरीशस के प्रधानमंत्री का आगमन इस यात्रा को और भी खास बना रहा है। आने वाले दिनों में द्विपक्षीय वार्ता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से भारत-मॉरीशस संबंध और मजबूत होंगे।
काशीवासियों का उमड़ा उत्साह
पुलिस लाइन से निकलते ही भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं, स्थानीय नेताओं और साधारण नागरिकों ने अपने सांसद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत में पलक-पांवड़े बिछा दिए। बटुकों द्वारा शंखनाद, लोगों द्वारा ढोल-नगाड़ों की थाप और “हर-हर महादेव” के उद्घोष से पूरा शहर गूंज उठा।
इस मौके पर खास बात यह रही कि जीएसटी में सुधार के बाद पहली बार वाराणसी पहुंचे प्रधानमंत्री का धन्यवाद करने के लिए भाजपा कार्यकर्ता “GST” और “धन्यवाद मोदी जी” लिखी तख्तियां हाथों में लेकर खड़े रहे। यह दृश्य न केवल राजनीतिक स्वागत का प्रतीक था बल्कि जनता की आस्था और विश्वास को भी दर्शाता था।
सांस्कृतिक रंगों से सजी काशी की गलियां
प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए पुलिस लाइन से ताज होटल तक पूरा मार्ग मानो एक रोड शो जैसा लग रहा था। सड़कों के दोनों ओर हजारों की संख्या में खड़े लोग गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा कर रहे थे।
कचहरी, अम्बेडकर चौराहा समेत कई स्थानों पर पारंपरिक लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। भाजपा पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने छह स्थानों पर विशेष मंच बनाकर प्रधानमंत्री पर पुष्पवर्षा की। प्रधानमंत्री भी इस गर्मजोशी से अभिभूत होकर हर तरफ हाथ हिलाकर काशीवासियों का आभार व्यक्त करते रहे।
काशी पहुंचे मॉरीशस के प्रधानमंत्री
द्विपक्षीय वार्ता में भाग लेने आए मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम बुधवार को ही अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ काशी पहुंच गए थे। काशीवासियों ने परंपरागत रीति से उनका स्वागत किया।
उनका कार्यक्रम भी काफी खास है—
गुरुवार की शाम वे क्रूज़ से गंगा आरती का आनंद लेंगे।
12 सितंबर की सुबह वे बाबा काशी विश्वनाथ के दरबार में मत्था टेकेंगे।
इसके बाद वे अयोध्या के लिए रवाना होंगे।
अध्यात्म और आधुनिकता की “नई काशी”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट (Twitter) पर पोस्ट करते हुए लिखा “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का अध्यात्म और आधुनिकता के संगम उनकी ‘नई काशी’ में हार्दिक स्वागत और अभिनंदन।”
यह संदेश इस बात का प्रतीक है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वाराणसी ने सिर्फ धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व ही नहीं, बल्कि आधुनिक विकास की नई ऊंचाइयां भी हासिल की हैं।



