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DM Breaking News : नोएडा डीएम मेधा रूपम का कड़ा फरमान, “जनता की शिकायतें हल नहीं कीं तो अफसरों की कटेगी सैलरी” टॉप-10 में जगह न बनाने वालों को भुगतना होगा सीधा वेतन कटौती का झटका, आईजीआरएस पोर्टल जनता की शिकायत का सीधा आईना

नोएडा, रफ़्तार टुडे।
गौतम बुद्ध नगर में अब लापरवाह अफसरों की खैर नहीं। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने गुरुवार को विकास भवन में हुई एक अहम समीक्षा बैठक के दौरान बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। डीएम ने साफ शब्दों में कहा कि जनता की शिकायतों का समय पर और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करना हर विभाग की जिम्मेदारी है, और अगर कोई विभाग आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत निवारण की रैंकिंग में टॉप-10 में जगह बनाने में असफल रहता है तो उस विभाग से जुड़े अधिकारियों का एक दिन का वेतन काटा जाएगा। यह आदेश न सिर्फ अफसरों के लिए चेतावनी है बल्कि जनता के लिए यह उम्मीद की किरण भी है कि अब उनकी समस्याओं का समाधान टालमटोल और लापरवाही की भेंट नहीं चढ़ेगा।

गौतम बुद्ध नगर में यह नई कार्यशैली प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक मजबूत कदम है। डीएम मेधा रूपम का यह आदेश इस बात का संकेत है कि अब अफसर सिर्फ कुर्सी पर बैठकर फाइलें खिसकाने का काम नहीं कर सकते। उन्हें जमीन पर उतरकर जनता की तकलीफें दूर करनी होंगी, वरना सीधे वेतन कटौती झेलनी होगी।

यह फैसला आने वाले दिनों में जिले की प्रशासनिक व्यवस्था को और तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने वाला साबित हो सकता है।

राजस्व वसूली और शिकायत निपटान पर कड़ा रुख

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सबसे पहले राजस्व वसूली और आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज लंबित शिकायतों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता जनता को राहत पहुंचाना है और इसके लिए हर विभाग को तय समय पर अपने-अपने लक्ष्यों को पूरा करना होगा।

डीएम ने विभागवार स्थिति की पड़ताल करते हुए कहा कि स्टांप, वाणिज्य कर, आबकारी, विद्युत, परिवहन और खनन विभाग को अपनी कार्ययोजना और मजबूत करनी होगी। उन्होंने खास तौर पर उन विभागों पर ध्यान केंद्रित किया जहां शिकायतें लंबित हैं या वसूली का लक्ष्य अधूरा है।

परिवहन विभाग पर सख्ती: ओवरलोडिंग वाहन नहीं चलेंगे

बैठक में परिवहन विभाग को आदेश दिया गया कि वह ओवरलोडिंग वाहनों के खिलाफ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करे। डीएम ने कहा कि ओवरलोड वाहन न सिर्फ सड़क सुरक्षा के लिए खतरा हैं बल्कि शासन के राजस्व को भी प्रभावित करते हैं। ऐसे वाहनों पर नकेल कसना अब अनिवार्य होगा।

वाणिज्य कर और जीएसटी वसूली

डीएम ने वाणिज्य कर विभाग को निर्देश दिए कि जीएसटी वसूली में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने कहा कि जीएसटी शासन के लिए बड़ा स्त्रोत है और इसमें गिरावट प्रशासनिक लापरवाही का संकेत मानी जाएगी। विभाग को अब लगातार प्रवर्तन अभियान चलाकर व्यापारियों को नियमों का पालन सुनिश्चित कराना होगा।

खनन और आबकारी विभाग पर भी नजर

डीएम ने खनन विभाग को चेतावनी दी कि अवैध खनन और लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी। उन्हें प्रवर्तन कार्यवाही तेज करने का आदेश दिया गया।
वहीं आबकारी विभाग को शराब राजस्व की वसूली और अवैध बिक्री पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।

आईजीआरएस पोर्टल: जनता की शिकायत का सीधा आईना

बैठक में डीएम ने जोर देकर कहा कि आईजीआरएस पोर्टल ही जनता की समस्याओं का असली आईना है। यदि किसी विभाग की शिकायतें लंबित रहती हैं तो इसका मतलब है कि अधिकारी जनता की तकलीफों को नजरअंदाज कर रहे हैं। ऐसे मामलों में अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।

उन्होंने कहा— “जनता की शिकायतें निपटाना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है। यदि कोई विभाग इसमें पिछड़ता है तो उसका एक दिन का वेतन काटकर यह संदेश दिया जाएगा कि अब लापरवाही महंगी पड़ेगी।”

बैठक में शामिल रहे अधिकारी

इस अहम बैठक में जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें शामिल थे:

मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अतुल कुमार

अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) मंगलेश दुबे

अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) भैरपाल सिंह

एसडीएम जेवर अभय कुमार सिंह साथ ही अन्य विभागों के अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे और उन्होंने विभागवार कार्य योजना पर रिपोर्ट पेश की।

जनता के लिए उम्मीद, अफसरों के लिए चेतावनी

डीएम का यह फैसला जिले में प्रशासनिक कामकाज को “परफॉर्मेंस बेस्ड” बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। जनता को यह भरोसा मिला है कि अब उनकी आवाज़ को गंभीरता से सुना जाएगा और समय पर समाधान मिलेगा। वहीं अधिकारियों को यह स्पष्ट संदेश मिल गया है कि कामचोरी और ढिलाई का दौर अब खत्म हो चुका है।

रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
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