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Jewar Airport Ganga Expressway Inauguration : विकास का महाकुंभ जेवर एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेसवे तक, जनवरी–फरवरी में बदलेगा यूपी का नक्शा, पीएम मोदी करेंगे ऐतिहासिक लोकार्पण, जनवरी, फरवरी में जेवर एयरपोर्ट व गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण, जेवर एयरपोर्ट से जुड़ेगा गंगा एक्सप्रेसवे

जेवर/प्रयागराज, रफ़्तार टुडे। उत्तर प्रदेश अब सिर्फ आबादी वाला राज्य नहीं, बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर की ताकत बनकर उभर रहा है। जिस प्रदेश को कभी खराब सड़कों, लंबी यात्राओं और अधूरे प्रोजेक्ट्स के लिए जाना जाता था, वही यूपी अब देश के सबसे बड़े विकास अध्याय लिखने जा रहा है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेसवे—ये दो ऐसे प्रोजेक्ट हैं, जो आने वाले दशकों तक प्रदेश की रफ्तार तय करेंगे। जनवरी और फरवरी के महीने यूपी के विकास इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज होने जा रहे हैं, क्योंकि इन दोनों मेगा प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होने की तैयारी है।
सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात के बाद इन परियोजनाओं के उद्घाटन को लेकर हलचल तेज हो गई है। राज्य सरकार ने पीएम से समय मांगा है और जैसे ही तारीख तय होगी, पूरे प्रदेश में विकास उत्सव का माहौल बन जाएगा


2027 से पहले विकास का बड़ा दांव
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले योगी सरकार बड़े और निर्णायक प्रोजेक्ट्स को जमीन पर उतारने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। प्रेरणा स्थल के उद्घाटन के बाद अब सरकार की नजर सीधे जेवर एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेसवे पर है। यह केवल उद्घाटन नहीं, बल्कि सरकार के विकास मॉडल का सार्वजनिक प्रदर्शन माना जा रहा है।
सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, पीएम मोदी को दोनों परियोजनाओं की कार्य प्रगति, तैयारियों और भविष्य की योजनाओं की पूरी जानकारी दी गई है। दोनों प्रोजेक्ट अब अंतिम चरण में हैं और लोकार्पण के लिए पूरी तरह तैयार माने जा रहे हैं।

जेवर एयरपोर्ट: उत्तर भारत का हवाई भविष्य
गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर क्षेत्र में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि उत्तर भारत का सबसे बड़ा एविएशन हब बनने की दिशा में पहला कदम है। यह एयरपोर्ट 1300 हेक्टेयर क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP मॉडल) के तहत विकसित किया गया है।
पहले चरण का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और उद्घाटन के साथ ही देश के कई प्रमुख शहरों के लिए हवाई सेवाएं शुरू होने की संभावना है। एयरपोर्ट के चालू होते ही उत्तर प्रदेश के पास पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे हो जाएंगे, जो प्रदेश को देश के एविएशन मैप पर नई ऊंचाई देगा।
स्थानीय लोगों के लिए यह एयरपोर्ट रोजगार, निवेश और वैश्विक कनेक्टिविटी का बड़ा जरिया बनेगा। जेवर, ग्रेटर नोएडा, बुलंदशहर और आसपास के जिलों में जमीन के दाम से लेकर उद्योगों तक, हर क्षेत्र में इसका असर दिखेगा।


गंगा एक्सप्रेसवे: 6 घंटे में मेरठ से प्रयागराज
फरवरी में होने जा रहा गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण यूपी के सड़क इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज को सीधे जोड़ता है। अभी यह सफर तय करने में जहां 10–12 घंटे लगते हैं, वहीं एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद यह दूरी महज 6 घंटे में पूरी की जा सकेगी।
यूपीडा के अधिकारियों के मुताबिक, एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही ट्रायल रन शुरू किया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे पर कुल 1498 बड़े स्ट्रक्चर बनाए गए हैं और यह प्रदेश के 12 जिलों—मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज—से होकर गुजरता है।

7742 करोड़ की रफ्ता
गंगा एक्सप्रेसवे पर कुल 7742 करोड़ रुपये की लागत आई है। इसका निर्माण चार चरणों में किया गया है।
पहला चरण: 1746 करोड़ रुपये (IRB इंफ्रास्ट्रक्चर)
दूसरा चरण: 1720 करोड़ रुपये (अदाणी एंटरप्राइजेज)
तीसरा चरण: 2177 करोड़ रुपये (अदाणी एंटरप्राइजेज)
चौथा चरण: 2099 करोड़ रुपये (अदाणी एंटरप्राइजेज)
यह निवेश केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए लॉजिस्टिक्स, उद्योग, पर्यटन और कृषि बाजारों को नई गति मिलेगी।

जेवर एयरपोर्ट से जुड़ेगा गंगा एक्सप्रेसवे
सरकार की योजना गंगा एक्सप्रेसवे को सीधे जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने की है, जिससे दिल्ली और नोएडा से आने वाले यात्रियों को प्रदेश के पूर्वी हिस्सों तक तेज और सीधी कनेक्टिविटी मिल सके। इसके लिए 1246 करोड़ रुपये का प्रावधान अनुपूरक बजट में किया गया है, जबकि गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़े अन्य कार्यों के लिए 1865 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।


सेमीकंडक्टर यूनिट का शिलान्यास भी संभव
इसी कड़ी में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में सेमीकंडक्टर यूनिट के शिलान्यास की भी तैयारी है। यह यूनिट HCL और फॉक्सकॉन के जॉइंट वेंचर ‘वामा सुंदरी’ द्वारा विकसित की जाएगी, जो यूपी को हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के नक्शे पर स्थापित करेगी।


यूपी की नई पहचान
जेवर एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेसवे केवल दो परियोजनाएं नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की बदलती पहचान का प्रतीक हैं। ये प्रोजेक्ट बताते हैं कि यूपी अब संभावनाओं का नहीं, बल्कि परिणामों का राज्य बन रहा है। जनवरी और फरवरी में होने वाले ये लोकार्पण सिर्फ शिलान्यास कार्यक्रम नहीं, बल्कि उस सपने की शुरुआत हैं, जिसमें यूपी देश की अर्थव्यवस्था का मजबूत इंजन बनने की ओर बढ़ रहा है।

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