DM News : ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में पार्किंग और जलभराव की दोहरी मार!, जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक में उद्यमियों ने रखी समस्याओं की लंबी लिस्ट, उद्यमियों का प्रशासन से सवाल — “सड़कें टूटीं, पार्किंग नहीं, जलभराव हर साल का संकट”, डीएम मेधा रूपम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, बोलीं “उद्योगों की परेशानी हमारी प्राथमिकता”

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक इलाकों में पार्किंग की कमी, जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी पुरानी समस्याएँ अब प्रशासनिक एजेंडे में आ गई हैं। सोमवार को ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के ऑडिटोरियम में हुई जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक में इन मुद्दों पर जमकर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी मेधा रूपम ने की, जिसमें सैकड़ों उद्यमी, व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।
उद्यमियों का प्रशासन से सवाल — “सड़कें टूटीं, पार्किंग नहीं, जलभराव हर साल का संकट”
बैठक में उद्यमियों ने खुलकर अपनी बातें रखीं। उन्होंने कहा कि औद्योगिक सेक्टरों में सड़कें जर्जर हैं, नालियाँ जाम हैं और बारिश के मौसम में पूरे इलाके झील बन जाते हैं। पार्किंग की कमी के कारण आए दिन जाम की स्थिति बनती है। कई स्थानों पर अतिक्रमण होने से उद्योगों के ट्रकों और कर्मियों के वाहनों को आवाजाही में भारी दिक्कत होती है।
एक उद्योगपति ने कहा “जब बारिश होती है तो फैक्ट्री के अंदर पानी भर जाता है, बिजली चली जाती है और माल डिलीवरी रुक जाती है। यह सीधे-सीधे उत्पादन और रोजगार पर असर डालता है।”
कई उद्यमियों ने विद्युत कटौती, कनेक्शन में देरी और औद्योगिक क्षेत्रों में पुलिस की कमी पर भी चिंता जताई।
डीएम मेधा रूपम का सख्त रुख — “हर शिकायत का होगा समयबद्ध निस्तारण”
डीएम मेधा रूपम ने बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि उद्यमियों की समस्याओं का निस्तारण शीघ्र और प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि अब कोई भी शिकायत महीनों तक लंबित नहीं रहनी चाहिए। “औद्योगिक विकास तभी संभव है जब प्रशासन और उद्योग साझी भावना से कार्य करें। उद्यमियों की समस्या हमारी अपनी समस्या है, और समाधान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता।”
उन्होंने यह भी कहा कि सभी विभाग अपनी रिपोर्ट हर पंद्रह दिन में प्रस्तुत करें और यदि किसी अधिकारी द्वारा लापरवाही पाई गई तो उस पर कार्रवाई होगी।
बिजली और जल निकासी बनी सबसे बड़ी चिंता
बैठक में सबसे ज्यादा मुद्दे विद्युत आपूर्ति और जल निकासी से जुड़े उठे। उद्योगपतियों ने कहा कि बार-बार बिजली कटने से मशीनें बंद हो जाती हैं, जिससे उत्पादन रुक जाता है। वहीं जलभराव से फैक्ट्रियों में पानी घुसने की समस्या आम हो गई है।
डीएम ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को आदेश दिया कि औद्योगिक सेक्टरों में बिजली की आपूर्ति निर्बाध रहे और नए कनेक्शन में हो रही देरी का समाधान किया जाए।
उन्होंने जल निगम और प्राधिकरण के इंजीनियरों से कहा कि जल निकासी सिस्टम की व्यापक मरम्मत और सफाई अभियान जल्द शुरू किया जाए।
ट्रैफिक और पार्किंग: ग्रेटर नोएडा की पुरानी लेकिन गंभीर समस्या
औद्योगिक सेक्टरों में भारी वाहनों की आवाजाही के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है।
उद्यमियों ने बताया कि पार्किंग स्थल सीमित हैं, जबकि गाड़ियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
कई बार जाम के कारण तैयार माल की ट्रकें देर से पहुँचती हैं, जिससे व्यापार पर असर पड़ता है।
इस पर डीएम मेधा रूपम ने ट्रैफिक पुलिस और प्राधिकरण को संयुक्त रूप से सर्वे कर नई पार्किंग पॉलिसी तैयार करने का निर्देश दिया।
व्यापारिक संगठनों की भागीदारी — “उद्योग हैं विकास की रीढ़”
बैठक में उपस्थित व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि प्रशासन और उद्योग मिलकर काम करें तो ग्रेटर नोएडा देश का सबसे उन्नत औद्योगिक केंद्र बन सकता है।
उन्होंने मांग की कि उद्योगों के लिए एक “सिंगल विंडो ग्रिवांस सिस्टम” लागू किया जाए, ताकि समस्याओं का समाधान आसान हो सके।
डीएम ने कहा कि सरकार की सभी उद्यमी हितैषी योजनाओं की जानकारी प्रत्येक उद्योग तक पहुँचनी चाहिए। उन्होंने उद्योग विभाग को निर्देश दिए कि अगले माह तक औद्योगिक हेल्प डेस्क शुरू की जाए।
बैठक में शामिल अधिकारी और महत्वपूर्ण निर्णय
बैठक में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीलक्ष्मी वी.एस., उद्योग विभाग के उपायुक्त अनिल कुमार, ACEO सुमित यादव, ACEO श्री लक्ष्मी वी एस, ओएसडी गुंजा सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से संबंधित मुद्दों पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।
बैठक में तय किया गया कि:
1. औद्योगिक सेक्टरों में जल निकासी और सड़क मरम्मत कार्य एक माह के भीतर पूरा किया जाए।
2. पार्किंग स्थलों की पहचान और निर्माण की कार्ययोजना तैयार की जाए।
3. बिजली आपूर्ति में सुधार हेतु ऊर्जा विभाग विशेष ड्राइव चलाएगा।
4. हर उद्योग क्षेत्र में “समस्या समाधान दिवस” आयोजित किया जाएगा।
“उद्योग हैं विकास की धड़कन” — डीएम मेधा रूपम
बैठक के समापन पर डीएम मेधा रूपम ने कहा “व्यापारी और उद्योगपति जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उद्योग और व्यापार ही विकास के दो पहिए हैं। प्रशासन का पूरा प्रयास रहेगा कि इनके लिए सुविधाएँ समय पर उपलब्ध हों।”
उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा जैसे औद्योगिक हब में यदि आधारभूत सुविधाएँ मजबूत होंगी, तो यहाँ निवेश और रोजगार दोनों में वृद्धि होगी।
रफ़्तार टुडे संवाददाता द्वारा ग्रेटर नोएडा की इस बैठक ने एक बार फिर साबित किया कि प्रशासन और उद्योग के बीच संवाद ही विकास की कुंजी है। अब देखने वाली बात यह होगी कि इन घोषणाओं का ज़मीनी असर कब तक दिखाई देता है — क्योंकि उद्यमियों की उम्मीदें, इस बार सिर्फ वादों से नहीं, बल्कि वास्तविक बदलाव से जुड़ी हैं।



