GIMS College News : ग्रेटर नोएडा का जीआईएमएस बना वैश्विक शिक्षा का हब, नौ देशों में संपन्न हुआ ऐतिहासिक अंतर्राष्ट्रीय इमर्शन कार्यक्रम, छात्रों को मिला नया दृष्टिकोण, प्रबंधन सीईओ स्वदेश कुमार सिंह का विज़न – कक्षा से आगे बढ़कर ग्लोबल लीडरशिप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी – भविष्य की कुंजी

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। शिक्षा की दुनिया में ग्रेटर नोएडा लगातार अपनी पहचान को और मजबूत कर रहा है। इसी कड़ी में जीएनआईओटी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (GIMS) ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी छात्रों को बेहतरीन अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है।
संस्थान द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय इमर्शन कार्यक्रम (International Immersion Program) इस साल 1 सितम्बर से 27 सितम्बर 2025 तक चला, जिसमें 450 छात्रों और 60 से अधिक फैकल्टी एवं स्टाफ सदस्यों ने भाग लिया। यह कार्यक्रम नौ विभिन्न देशों में आयोजित किया गया, जिनमें अबू धाबी, मलेशिया, सिंगापुर, दुबई, ओमान, बहरीन, वियतनाम, कजाकिस्तान और जॉर्जिया शामिल थे।
छात्रों की वैश्विक यात्रा – कक्षा से निकलकर दुनिया के अनुभव तक
इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को वैश्विक परिवेश, अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण और बहुसांस्कृतिक अनुभव प्रदान करना था। छात्रों ने इन देशों की शैक्षणिक, औद्योगिक और सांस्कृतिक संस्थाओं का दौरा किया और सीधे तौर पर वहां की प्रक्रियाओं को समझा।
सीईओ स्वदेश कुमार सिंह ने बताया कि यह प्रोग्राम छात्रों को पारंपरिक शिक्षा की सीमाओं से बाहर निकालकर वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करता है। उन्होंने कहा कि “आज की बदलती दुनिया में छात्रों को सिर्फ किताबों से नहीं, बल्कि वैश्विक अनुभवों से सीखना होगा।”

शॉर्ट-टर्म कोर्सेज़ से मिला इंटरनेशनल सर्टिफिकेशन
कार्यक्रम के दौरान कई प्रमुख विश्वविद्यालयों ने GIMS छात्रों को विभिन्न शॉर्ट-टर्म कोर्सेज़ के प्रमाणपत्र भी प्रदान किए। इनमें शामिल थे:
लीडरशिप और मैनेजमेंट
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार प्रबंधन
वित्तीय विश्लेषण (Financial Analysis)
आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन (Supply Chain Management)
डिजिटल मार्केटिंग
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
इन कोर्सेज़ ने छात्रों के कौशल को निखारने और उन्हें आधुनिक प्रबंधन सिद्धांतों से जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी – भविष्य की कुंजी
आज की दुनिया में AI हर क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने AI के वास्तविक अनुप्रयोग सीखे, जैसे:
डेटा एनालिटिक्स
ग्राहक व्यवहार विश्लेषण
वित्तीय मॉडलिंग
रणनीतिक निर्णय निर्माण
इन कौशलों ने छात्रों को न सिर्फ तकनीकी रूप से दक्ष बनाया बल्कि उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार किया।

उद्योगों और कंपनियों का भ्रमण – थ्योरी से प्रैक्टिकल तक
इमर्शन प्रोग्राम का सबसे अहम हिस्सा रहा विभिन्न देशों के औद्योगिक संस्थानों और कंपनियों का भ्रमण। छात्रों ने प्रत्यक्ष रूप से वैश्विक व्यावसायिक प्रक्रियाओं, तकनीकी नवाचारों और उद्योगों की कार्यशैली का अध्ययन किया।
इससे छात्रों को यह समझने में मदद मिली कि अलग-अलग देशों की कंपनियां वैश्विक व्यापार और प्रबंधन के किन-किन नए मॉडल्स पर काम कर रही हैं।
सांस्कृतिक यात्राएं – बहुसांस्कृतिक समझ का अनुभव
कार्यक्रम सिर्फ शिक्षा और उद्योग तक सीमित नहीं रहा। छात्रों ने विभिन्न देशों की सांस्कृतिक धरोहर, परंपराओं और सामाजिक जीवन का भी अनुभव किया।
वियतनाम की ऐतिहासिक विरासत
दुबई की आधुनिकता
जॉर्जिया की पारंपरिक लोक कला
मलेशिया और सिंगापुर की बहुसांस्कृतिक संरचना
इन यात्राओं ने छात्रों को सांस्कृतिक विविधता और वैश्विक दृष्टिकोण की गहरी समझ प्रदान की।
शिक्षाविदों और विशेषज्ञों से संवाद
छात्रों ने विभिन्न देशों के अंतरराष्ट्रीय शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और प्रबंधन विशेषज्ञों से मुलाकात की। संवाद के दौरान उन्होंने आधुनिक प्रबंधन सिद्धांतों, वैश्विक व्यापार रणनीतियों और नेतृत्व कौशलों के बारे में सीखा।
यह इंटरैक्शन छात्रों के लिए बेहद प्रेरणादायक साबित हुआ और उनके नेटवर्किंग कौशल को भी बढ़ावा मिला।

एमओयू से खुलेंगे नए अवसर
संस्थान के निदेशक डॉ. भूपेन्द्र कुमार सोम ने जानकारी दी कि कार्यक्रम के दौरान जीआईएमएस ने कई अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
इन समझौतों से छात्रों को वैश्विक शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे। साथ ही, यह साझेदारी दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक सहयोग को भी बढ़ावा देगी।
प्रबंधन सीईओ स्वदेश कुमार सिंह का विज़न – कक्षा से आगे बढ़कर ग्लोबल लीडरशिप
सीईओ स्वदेश कुमार सिंह ने कहा कि संस्थान का लक्ष्य छात्रों को सिर्फ डिग्री धारक नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर के लीडर बनाना है। उन्होंने बताया कि “हमारे छात्र जब उद्योग, विश्वविद्यालय और सांस्कृतिक अनुभवों से गुजरते हैं तो वे बहु-आयामी सोच के साथ आगे बढ़ते हैं। यही सोच उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रखती है।”
जीआईएमएस ने गढ़ी वैश्विक शिक्षा की नई पहचान
अंतर्राष्ट्रीय इमर्शन प्रोग्राम ने साबित कर दिया कि ग्रेटर नोएडा का जीआईएमएस संस्थान अब वैश्विक शिक्षा का हब बनता जा रहा है। यह कार्यक्रम छात्रों को सिर्फ कक्षा तक सीमित नहीं रखता बल्कि उन्हें विश्व स्तर पर सोचने और काम करने के लिए प्रेरित करता है।
यह अनुभव छात्रों के सर्वांगीण विकास, वैश्विक नेतृत्व क्षमता और करियर के अवसरों में वृद्धि करने वाला साबित होगा।
छात्रों का उत्साह – “यह अनुभव जिंदगी बदलने वाला है”
कार्यक्रम में शामिल छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह उनके लिए जीवन का ऐतिहासिक अवसर रहा।
“एआई और डेटा एनालिटिक्स पर कोर्स ने हमें भविष्य की टेक्नोलॉजी समझाई।” “विश्वविद्यालयों और इंडस्ट्री का अनुभव हमें किताबों से कहीं अधिक सिखा गया।” “सांस्कृतिक यात्राओं ने हमें विविधता में एकता का महत्व समझाया।” छात्रों ने माना कि इस कार्यक्रम ने उनके करियर को नई दिशा दी है।



