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Noida Authority News : “अब कैमरे नहीं, अपराधियों की सांसें होंगी कैद!”, मंगलुरु मॉडल पर हाईटेक बनेगा नोएडा, 2500 स्मार्ट कैमरों और पैनिक बटन से लैस होगी ‘सेफ सिटी’, महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा को मिलेगा डिजिटल कवच, 212 करोड़ की लागत से बदलेगी नोएडा की सुरक्षा व्यवस्था, ICCC से होगी पूरे शहर की रियल टाइम मॉनिटरिंग

तीन बार टेंडर फेल, फिर भी नहीं रुका प्रोजेक्ट, स्मार्ट सिटी के साथ ‘सेफ सिटी’ बनने की दिशा में बड़ा कदम, नोएडा का डिजिटल सुरक्षा मॉडल बनेगा मिसाल

नोएडा, रफ़्तार टूडे। देश के सबसे तेजी से विकसित होते शहरों में शामिल नोएडा अब सुरक्षा के मामले में भी एक नया इतिहास लिखने जा रहा है। अपराध पर लगाम, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, ट्रैफिक मॉनिटरिंग और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को अत्याधुनिक बनाने के लिए नोएडा अथॉरिटी ने अब एक बड़ा और हाईटेक कदम उठाया है। लंबे इंतजार, तकनीकी अड़चनों और तीन बार टेंडर फेल होने के बाद आखिरकार नोएडा का बहुप्रतीक्षित ‘सेफ सिटी प्रोजेक्ट’ जमीन पर उतरने जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत शहर के कोने-कोने पर अब हाईटेक कैमरों की नजर होगी और मुसीबत के समय केवल एक बटन दबाते ही पुलिस कंट्रोल रूम तक अलर्ट पहुंच जाएगा।
नोएडा अथॉरिटी के सीईओ कृष्णा करुणेश की पहल पर यह मेगा प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस योजना को लेकर हुई महत्वपूर्ण बैठक में अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और स्मार्ट बनाने की रणनीति पर अंतिम मुहर लगा दी। अब नोएडा को दक्षिण भारत के चर्चित मंगलुरु मॉडल की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जहां तकनीक के जरिए अपराध नियंत्रण और सार्वजनिक सुरक्षा को नई ऊंचाई दी गई है।

212 करोड़ की लागत से बदलेगी नोएडा की सुरक्षा व्यवस्था
नोएडा अथॉरिटी द्वारा तैयार किए गए इस हाईटेक सुरक्षा मॉडल पर करीब 212 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना के तहत शहर के 561 संवेदनशील, भीड़भाड़ वाले और रणनीतिक स्थानों पर लगभग 1,949 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक आने वाले समय में यह संख्या बढ़ाकर करीब 2500 कैमरों तक पहुंचाई जाएगी, जिनकी निगरानी क्षमता 20 हजार से अधिक लोकेशनों तक रहेगी।
इन कैमरों को सिर्फ सामान्य निगरानी के लिए नहीं लगाया जा रहा, बल्कि इनमें अत्याधुनिक फेस डिटेक्शन, नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR), वीडियो एनालिटिक्स और नाइट विजन टेक्नोलॉजी जैसी सुविधाएं होंगी। यानी अब अपराधियों की हर गतिविधि डिजिटल रिकॉर्ड में कैद होगी और संदिग्ध गतिविधियों को तुरंत ट्रैक किया जा सकेगा।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा बनेगी सबसे बड़ी प्राथमिकता
सेफ सिटी प्रोजेक्ट का सबसे अहम उद्देश्य महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। इसी को ध्यान में रखते हुए शहर में पहली बार 147 इमरजेंसी पैनिक बटन लगाए जाएंगे। ये पैनिक बटन ऐसे स्थानों पर होंगे जहां महिलाओं और बच्चों की आवाजाही अधिक रहती है, जैसे— स्कूल और कॉलेज क्षेत्र, मेट्रो स्टेशन, बाजार और, भीड़भाड़ वाले इलाके, सार्वजनिक परिवहन केंद्र
पार्क और सुनसान सड़कें यदि किसी महिला या व्यक्ति को खतरा महसूस होता है, तो वह सिर्फ एक बटन दबाकर सीधे पुलिस कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज सकेगा। इससे पुलिस की प्रतिक्रिया समय (Response Time) में भारी कमी आएगी और घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी।

ICCC से होगी पूरे शहर की रियल टाइम मॉनिटरिंग
पूरा सेफ सिटी सिस्टम सेक्टर-94 स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से जोड़ा जाएगा। यही इस पूरे प्रोजेक्ट का डिजिटल ब्रेन होगा। यहां बैठकर अधिकारी पूरे शहर की लाइव मॉनिटरिंग करेंगे। ICCC के जरिए—, ट्रैफिक जाम पर नजर रखी जाएगी
संदिग्ध वाहनों को ट्रैक किया जाएगा
अपराधियों की गतिविधियों की पहचान होगी
आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जाएगी
अधिकारियों के अनुसार, यह सिस्टम पुलिस, ट्रैफिक विभाग और अथॉरिटी के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगा।

अब रात में भी नहीं बच पाएंगे अपराधी
इस प्रोजेक्ट में लगाए जाने वाले कैमरों में हाई क्वालिटी नाइट विजन तकनीक होगी। यानी अंधेरे में भी साफ फुटेज रिकॉर्ड होगी। अक्सर अपराधी रात के समय सुनसान इलाकों का फायदा उठाते हैं, लेकिन अब उनकी हर गतिविधि कैमरों में कैद होगी।
फेस डिटेक्शन तकनीक के जरिए पुराने अपराधियों और संदिग्ध व्यक्तियों का डेटा भी सिस्टम से मैच किया जा सकेगा। इससे अपराध रोकने और अपराधियों को पकड़ने में बड़ी मदद मिलेगी।

तीन बार टेंडर फेल, फिर भी नहीं रुका प्रोजेक्ट
सूत्रों के अनुसार इस महत्वाकांक्षी परियोजना को शुरू करने में काफी चुनौतियां आईं। तकनीकी कारणों और प्रक्रिया संबंधी अड़चनों के चलते तीन बार टेंडर प्रक्रिया विफल रही, लेकिन नोएडा अथॉरिटी ने हार नहीं मानी। सीईओ कृष्णा करुणेश ने लगातार समीक्षा बैठकों के जरिए इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता में रखा और अब इसे तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

स्मार्ट सिटी के साथ ‘सेफ सिटी’ बनने की दिशा में बड़ा कदम
नोएडा पहले से ही स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे, मेट्रो नेटवर्क और आईटी सेक्टर के लिए जाना जाता है। अब इस प्रोजेक्ट के जरिए शहर को “सेफ सिटी” मॉडल के रूप में विकसित करने की तैयारी है। अधिकारियों का मानना है कि हाईटेक निगरानी प्रणाली लागू होने के बाद— महिलाओं की सुरक्षा मजबूत होगी
अपराधों में कमी आएगी
ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी
पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी
नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत होगा

नोएडा का डिजिटल सुरक्षा मॉडल बनेगा मिसाल
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में नोएडा का यह मॉडल देश के अन्य शहरों के लिए भी उदाहरण बन सकता है। जिस तेजी से शहर का विस्तार हो रहा है, उसके साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी तकनीकी रूप से उन्नत बनाना जरूरी हो गया है। नोएडा अथॉरिटी की यह पहल केवल कैमरे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहर को भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार करने की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम माना जा रहा है।

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