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Greater Noida West News : “20 मिनट का खौफनाक कैदखाना!”, हिमालय प्राइड की लिफ्ट में फंसी महिला बेहोश, फ्री फॉल से दहशत में आया पूरा टावर, “फ्री फॉल से मची दहशत”—10वीं मंजिल से 6वीं मंजिल तक गिर गई लिफ्ट, “घबराहट से बढ़ा बीपी”—लिफ्ट में ही महिला हुई बेहोश

ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टूडे। हाईराइज सोसायटियों की चमक-दमक के पीछे छिपी लापरवाही का एक खतरनाक उदाहरण सोमवार को सामने आया, जब हिमालय प्राइड सोसायटी में एक महिला करीब 20 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रही। इस दौरान घबराहट और ऑक्सीजन की कमी जैसे हालात में महिला का ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ गया और वह लिफ्ट के अंदर ही अचेत हो गई।
समय रहते मेंटेनेंस टीम ने किसी तरह लिफ्ट खोलकर महिला को बाहर निकाला, वरना यह घटना एक बड़ी दुर्घटना में बदल सकती थी।


“फ्री फॉल से मची दहशत”—10वीं मंजिल से 6वीं मंजिल तक गिर गई लिफ्ट
मिली जानकारी के अनुसार, बी टावर में रहने वाली महिला सुबह करीब 11 बजे लिफ्ट से अपने फ्लैट (10वीं मंजिल) पर जा रही थीं। तभी अचानक बिजली चली गई और लिफ्ट ने फ्री फॉल करते हुए 10वीं मंजिल से सीधे 6वीं मंजिल तक गिरावट दर्ज की। इस अचानक झटके से महिला बुरी तरह घबरा गईं और मदद के लिए चिल्लाने लगीं। लिफ्ट के अंदर ना तो पंखा चल रहा था और ना ही पर्याप्त वेंटिलेशन था, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।

“घबराहट से बढ़ा बीपी”—लिफ्ट में ही महिला हुई बेहोश
बताया जा रहा है कि महिला पहले से ब्लड प्रेशर की मरीज थीं। ऐसे में बंद लिफ्ट, घुटन और अचानक हुए झटके ने उनकी हालत बिगाड़ दी। करीब 20 मिनट तक लिफ्ट में फंसे रहने के दौरान उनका बीपी हाई हो गया और अंततः वह बेहोश हो गईं। जब मेंटेनेंस कर्मचारियों ने लिफ्ट खोली, तब महिला का शरीर कांप रहा था और वह पूरी तरह असहज स्थिति में थीं। तुरंत उन्हें पास के डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया गया।


“लोगों में गुस्सा”—मेंटेनेंस पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना के बाद सोसायटी के निवासियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए और मेंटेनेंस व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
लोगों का आरोप है कि हर महीने मोटा मेंटेनेंस चार्ज लेने के बावजूद सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाओं की अनदेखी की जा रही है। निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते लिफ्ट नहीं खुलती, तो यह घटना जानलेवा साबित हो सकती थी।

“पुलिस में शिकायत”—जिम्मेदारी तय करने की मांग
घटना के बाद सोसायटी के लोगों ने इस मामले की शिकायत पुलिस से की है। साथ ही उन्होंने मांग की है कि लिफ्ट में आई इस तकनीकी खराबी की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। निवासियों ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाना चाहिए।


“हाईराइज का हाई रिस्क?”—सुरक्षा मानकों पर फिर उठे सवाल
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हाईराइज सोसायटियों में पहले भी लिफ्ट फंसने और तकनीकी खराबी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इस ताजा घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या इन आधुनिक इमारतों में सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन हो रहा है या नहीं?
विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित जांच, इमरजेंसी सिस्टम और बैकअप पावर की व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।

“लापरवाही पर लगाम जरूरी”
हिमालय प्राइड सोसायटी में हुई यह घटना एक चेतावनी है कि हाईराइज जीवनशैली के साथ सुरक्षा को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
जरूरत है कि मेंटेनेंस एजेंसियां अपनी जिम्मेदारी समझें और प्रशासन भी इस दिशा में सख्त कदम उठाए, ताकि भविष्य में किसी की जान खतरे में न पड़े।

रफ़्तार टूडे की न्यूज

Raftar Today
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