Good News : “जब गुरु गए, तो स्कूल रो पड़ा…”: 25 वर्षों की अमिट सेवा के बाद ओमपाल सिंह गुरुजी को भावुक विदाई, हर आंख नम, “विदाई नहीं, जुदाई का दर्द” गले लगकर रो पड़े छात्र, “सम्मान का अनोखा अंदाज”, पगड़ी, स्मृति चिन्ह और स्प्लेंडर बाइक से हुआ सम्मान

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ज्ञान ज्योति पब्लिक स्कूल शुक्रवार को एक ऐसे भावनात्मक क्षण का साक्षी बना, जिसने हर किसी को अंदर तक झकझोर दिया। 25 वर्षों तक शिक्षा की लौ जलाने वाले वरिष्ठ शिक्षक ओमपाल सिंह गुरुजी के सेवानिवृत्त होने पर पूरा स्कूल परिवार भावुक हो उठा। माहौल ऐसा था कि छात्र-छात्राओं से लेकर शिक्षक और स्टाफ तक—हर किसी की आंखें नम थीं और दिल भारी।
“25 साल की तपस्या, एक दिन में विदाई”: गुरुजी के जाने से खाली हुआ स्कूल का आंगन
ओमपाल सिंह गुरुजी ने ज्ञान ज्योति पब्लिक स्कूल में पूरे 25 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
यह सिर्फ एक नौकरी नहीं थी, बल्कि एक तपस्या थी—जिसमें उन्होंने हजारों छात्रों के भविष्य को संवारने का काम किया। उन्होंने बच्चों को केवल किताबों का ज्ञान ही नहीं दिया, बल्कि जीवन के मूल्यों—अनुशासन, ईमानदारी, करुणा और जिम्मेदारी—का पाठ भी पढ़ाया। यही कारण रहा कि उनके प्रति छात्रों का जुड़ाव बेहद गहरा और आत्मीय बन गया।
“विदाई नहीं, जुदाई का दर्द”: गले लगकर रो पड़े छात्र
विदाई समारोह के दौरान भावनाओं का ऐसा सैलाब उमड़ा कि हर कोई खुद को रोक नहीं पाया।
छात्र-छात्राओं ने गुरुजी को फूलमालाएं पहनाईं, पेन और भगवान की तस्वीर भेंट की।
कई छात्र इतने भावुक हो गए कि वे गुरुजी से लिपटकर रोने लगे।
जब गुरुजी ने अपना विदाई भाषण देना शुरू किया, तो पूरे स्कूल परिसर में सन्नाटा छा गया—सिर्फ सिसकियों की आवाजें गूंजती रहीं।
“सम्मान का अनोखा अंदाज”: पगड़ी, स्मृति चिन्ह और स्प्लेंडर बाइक से हुआ सम्मान
स्कूल के चेयरमैन रामकुमार मावी ने गुरुजी के योगदान को नमन करते हुए उन्हें पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया।
साथ ही स्मृति चिन्ह और विशेष उपहार के रूप में हीरो स्प्लेंडर प्लस बाइक भेंट की गई, जिसने समारोह को और भी खास बना दिया।
चेयरमैन ने कहा कि ओमपाल सिंह गुरुजी की मेहनत, समर्पण और बच्चों के प्रति उनका स्नेह हमेशा स्कूल परिवार के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
“एक शिक्षक नहीं, जीवन मार्गदर्शक”: हर दिल में बस गए गुरुजी
कार्यक्रम में मौजूद सभी शिक्षकों, पूर्व छात्रों और गणमान्य लोगों ने गुरुजी को एक आदर्श शिक्षक और सच्चे मार्गदर्शक के रूप में याद किया। पूर्व शिक्षक प्रदीप शर्मा, आरती, अनिता, रितु खारी, वीरेंद्र शास्त्री, कमल शास्त्री, शिवकुमार, मेनपाल भाटी सहित कई लोग मौजूद रहे।
वहीं पूर्व छात्र अजीत भड़ाना, नरेंद्र, उपेन्द्र, अनिल, परविंदर, सचिन आदि ने भी अपने गुरु के प्रति भावनाएं व्यक्त कीं।
गणमान्य व्यक्तियों में मनोज मावी (मंडल अध्यक्ष), सतवीर मुखिया, एडवोकेट जे.सी. मावी, शिवकुमार सहित कई प्रमुख लोग शामिल हुए।
“यादों में जिंदा रहेंगे गुरुजी”: स्कूल परिवार ने दी भावभीनी विदाई
समारोह के अंत में स्कूल परिवार ने कहा कि ओमपाल सिंह गुरुजी की कमी लंबे समय तक महसूस होती रहेगी।
उनकी दी हुई शिक्षा, संस्कार और मार्गदर्शन हमेशा छात्रों के जीवन में रोशनी का काम करेंगे।
यह विदाई सिर्फ एक शिक्षक की नहीं थी—यह उस युग की विदाई थी, जिसने अनगिनत जीवनों को संवारने में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।



