नोएडाग्रेटर नोएडा

“रिकॉर्ड, रफ्तार और ‘राइजिंग नोएडा’ की कहानी, विधायक निधि का पूरा उपयोग, ₹10,000 करोड़ पार बजट और विकास का मेगा ब्लूप्रिंट—क्या बदल रहा है शहर का भविष्य? इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट, एलिवेटेड रोड से मेट्रो विस्तार तक

Know the Noida MLA work withinlast Five years, From Elevated road to metro rail project

नोएडा, रफ़्तार टूडे । नोएडा में विकास की कहानी अब केवल दावों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि आंकड़ों और जमीन पर दिखते बदलावों के जरिए नई इबारत लिखी जा रही है। इस बदलाव के केंद्र में हैं पंकज सिंह, जिनके नाम विधानसभा क्षेत्र के इतिहास में विधायक निधि (MLA LAD Fund) के सर्वाधिक उपयोग का रिकॉर्ड दर्ज माना जा रहा है।

विधायक निधि के अधिकतम उपयोग से लेकर नोएडा प्राधिकरण के ₹10,290 करोड़ के ऐतिहासिक बजट तक—नोएडा इस समय इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरी विकास और सामाजिक सुविधाओं के विस्तार के एक निर्णायक दौर से गुजर रहा है।

“विधायक निधि में नया रिकॉर्ड—छोटे कामों से बड़ा बदलाव”

पिछले कुछ वर्षों में विधायक निधि की राशि में हुई लगातार बढ़ोतरी ने विकास कार्यों को नई गति दी है। पहले जहां यह निधि ₹1.5 करोड़ प्रति वर्ष थी, वहीं अब यह बढ़कर ₹5 करोड़ प्रति वर्ष तक पहुंच चुकी है।

पंकज सिंह ने अपने पिछले और वर्तमान कार्यकाल के दौरान इस निधि का व्यापक और रणनीतिक उपयोग किया है। खास तौर पर 2021-22 के कोविड काल में ₹1 करोड़ की राशि राहत कार्यों के लिए एकमुश्त आवंटित करना उनके कार्यकाल का एक बड़ा निर्णय माना जाता है। तुलनात्मक रूप से देखें तो पूर्व विधायक विमला बाथम ने अपने लगभग 30 महीनों के कार्यकाल में करीब ₹4.5 करोड़ खर्च करने का दावा किया था, जबकि वर्तमान समय में कुल खर्च का आंकड़ा इस स्तर से काफी आगे निकल चुका है।

“₹10,000 करोड़ पार बजट—नोएडा बना ‘रिचेस्ट लोकल बॉडी’ में शामिल”

विकास की इस रफ्तार को और मजबूती मिली है नोएडा प्राधिकरण के वित्तीय वर्ष 2026-27 के ₹10,290 करोड़ के ऐतिहासिक बजट से।

यह बजट कई मायनों में खास है—

पहली बार बजट ₹10,000 करोड़ के पार गया

लगभग ₹1,250 करोड़ सीधे विकास कार्यों पर खर्च होंगे। ‘न्यू नोएडा’ के लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा

इस भारी-भरकम बजट के चलते नोएडा अब देश के सबसे संपन्न और तेजी से विकसित होते शहरी निकायों में गिना जाने लगा है।

 “इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट—एलिवेटेड रोड से मेट्रो विस्तार तक”

केवल विधायक निधि ही नहीं, बल्कि राज्य सरकार से अतिरिक्त ग्रांट लाकर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को भी गति दी गई है।

इनमें प्रमुख हैं—एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट्स, मेट्रो विस्तार योजनाएं, कनेक्टिविटी सुधारने वाले लिंक रोड। इन परियोजनाओं का उद्देश्य नोएडा को न केवल बेहतर यातायात सुविधा देना है, बल्कि इसे एक ग्लोबल सिटी के रूप में विकसित करना भी है।

“क्षेत्रवार विकास—गांव से सेक्टर तक संतुलित खर्च”

विधायक निधि का उपयोग उन क्षेत्रों में किया गया, जहां तत्काल जरूरत थी या प्राधिकरण का फोकस अपेक्षाकृत कम था। मुख्य कार्यों में शामिल हैं—गांवों में इंटरलॉकिंग सड़कें और पक्के रास्ते, नाली, सीवर और जल निकासी व्यवस्था, बारात घर और सामुदायिक केंद्र, पार्कों का सौंदर्यीकरण, सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास

स्वास्थ्य केंद्रों में आधुनिक उपकरण। 

खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे गांव और शहर के बीच का अंतर कम करने की कोशिश की जा रही है।

“डिजिटल लाइब्रेरी से स्मार्ट स्कूल—सामाजिक विकास पर भी फोकस”

इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ शिक्षा और सामाजिक विकास पर भी ध्यान दिया गया है। हाल के वर्षों में डिजिटल लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास और स्कूलों के आधुनिकीकरण जैसे प्रोजेक्ट्स पर निवेश बढ़ा है। इससे न केवल शिक्षा का स्तर बेहतर हो रहा है, बल्कि युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने में भी मदद मिल रही है।

“राजनीतिक और प्रशासनिक संतुलन—डबल इंजन का असर?”

विश्लेषकों का मानना है कि विकास की इस रफ्तार के पीछे राजनीतिक और प्रशासनिक समन्वय भी एक बड़ा कारण है। विधायक स्तर पर निधि का अधिकतम उपयोग और प्राधिकरण स्तर पर बड़े बजट का संयोजन—दोनों मिलकर नोएडा को नई दिशा दे रहे हैं। हालांकि, कुछ विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि केवल बजट बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, त ग्लोबल सिटी के रूप में उभर सकता है। विधायक निधि के रिकॉर्ड उपयोग और ₹10,000 करोड़ से अधिक के बजट के साथ, अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या यह विकास आम लोगों के जीवन स्तर में वास्तविक बदलाव ला पाएगा?

Gaurav sharma
Abhishek Sharma

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