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Greater Noida West News : “नन्हे सपनों की मुस्कान से महका ‘छोटी भिलक’ का आसमान, एथोमार्ट चैरिटेबल ट्रस्ट और BLS स्कूल ने बाल दिवस को बनाया यादगार, उत्सव में झूम उठा पूरा गांव!”, नन्हे चेहरे, बड़ी मुस्कान बाल दिवस का अनोखा उत्सव!, “इन नन्हे चेहरों की मुस्कान ही हमारी सबसे बड़ी प्रेरणा”—रश्मि पांडेय

ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टुडे। बाल दिवस का दिन केवल बच्चों के लिए एक त्योहार नहीं बल्कि उनके सपनों को संवारने, उनकी खुशियों को बढ़ाने और उन्हें यह एहसास दिलाने का दिन है कि वे हमारी असली संपत्ति हैं। इसी सोच को जीवन में उतारते हुए एथोमार्ट चैरिटेबल ट्रस्ट और बीएलएस स्कूल, ग्रेटर नोएडा वेस्ट ने आज छोटी भिलक गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में एक खास और यादगार बाल दिवस समारोह आयोजित किया।

यह कार्यक्रम न सिर्फ बच्चों की मुस्कान का कारण बना, बल्कि पूरे गांव के माहौल को उत्साह, ऊर्जा और खुशियों से भर गया।

नन्हे चेहरे, बड़ी मुस्कान… बाल दिवस का अनोखा उत्सव!

बाल दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम सिर्फ एक रस्म नहीं रहा, बल्कि उन बच्चों के लिए एक सच्चा उत्सव बन गया, जिनके पास अवसर कम होते हैं लेकिन सपने बड़े होते हैं कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था—

कमज़ोर वर्ग के बच्चों को उपहार और चॉकलेट देकर खुशी देना

उन्हें यह एहसास कराना कि वे भी उतने ही खास हैं जितना बाकी दुनिया

पढ़ाई और गतिविधियों के प्रति आत्मविश्वास बढ़ाना

जब बच्चों के हाथों में चॉकलेट और स्टेशनरी के पैकेट पहुंचे तो उनकी चमकती आंखें ही इसकी सफलता बयां करने के लिए काफी थीं।

कविताएँ, गीत और मासूम प्रस्तुतियाँ—नन्हों ने जीता सबका दिल!

बीएलएस स्कूल से आई अनु जगी मैडम के नेतृत्व में बच्चों का एक समूह प्राथमिक विद्यालय पहुंचा। बड़े बच्चों ने छोटे बच्चों को प्रोत्साहित किया, उनसे घुल-मिलकर उन्हें स्टेज पर अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए प्रेरित किया।

छोटी उम्र के बच्चों ने—

प्यारी कविताएं सुनाईं

अपनी मासूम आवाज़ में बाल दिवस गीत गाए

छोटी-छोटी कहानियाँ सुनाईं

और कुछ बच्चों ने नृत्य प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया

पूरा वातावरण बच्चों की हंसी और तालियों की गूंज से भर गया।

ट्रस्ट की महिला टीम ने बढ़ाया उत्साह, बच्चों को दिया स्नेह

एथोमार्ट चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से कार्यक्रम में प्रमुख रूप से

रश्मि पाण्डेय

सरिता सिंह

गरिमा श्रीवास्तव

उपस्थित रहीं।

इन महिलाओं ने न केवल कार्यक्रम को सफल बनाने में भूमिका निभाई बल्कि बच्चों के साथ समय बिताकर उन्हें प्रोत्साहित किया। बच्चों के साथ बैठकर बातें करना, उनकी कहानियाँ सुनना और उनके साथ हँसना—इन नन्हे दिलों के लिए यह एक बड़ी बात थी।

“इन नन्हे चेहरों की मुस्कान ही हमारी सबसे बड़ी प्रेरणा”—रश्मि पांडेय

इस अवसर पर एथोमार्ट चैरिटेबल ट्रस्ट की प्रतिनिधि रश्मि पांडेय ने कहा “बाल दिवस हर बच्चे के लिए ख़ास होता है। इन नन्हे बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाना ही हमारी सबसे बड़ी प्रेरणा है। हमारा विश्वास है कि प्यार, सहयोग और शिक्षा का हर छोटा प्रयास उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाता है। साथ ही बीएलएस स्कूल की प्राचार्य सुषमा पुनिया के सहयोग के लिए दिल से धन्यवाद।”

उनके इस संदेश ने कार्यक्रम की भावना को और भी सुंदर रूप दे दिया।

BLS स्कूल ने निभाई सामाजिक जिम्मेदारी, स्टूडेंट्स ने बच्चों के साथ मनाया ‘खास दिन’

बीएलएस स्कूल की टीम ने बच्चों को अपनेपन का एहसास कराया। बड़े छात्रों ने छोटे बच्चों के साथ—

खेल खेले

कहानियाँ साझा कीं

उनके साथ बाल दिवस गीत गाए

और उन्हें पढ़ाई के महत्व के बारे में समझाया

यह अपने आप में एक स्टूडेंट-टू-स्टूडेंट बंधन का अनोखा उदाहरण बना।

उपहार और चॉकलेट पाकर खिल उठे चेहरे

एथोमार्ट ट्रस्ट की टीम ने बच्चों में—

चॉकलेट

उपहार

स्टेशनरी

और कुछ शिक्षण सामग्री

वितरित की।

बच्चों की चमकती आंखें यह बता रही थीं कि इस बाल दिवस ने उन्हें सिर्फ चीजें नहीं दीं, बल्कि आत्मविश्वास और अपनापन दिया।

छोटी भिलक गांव में ‘खुशी का त्योहार’, स्कूल परिसर में गूंजती मुस्कानें

पूरा प्राथमिक विद्यालय आज खुशी के रंगों से महक उठा। बच्चे अपने नए उपहारों, रंग-बिरंगी चॉकलेट्स और कार्यक्रम की यादों को लेकर पूरे दिन उत्साहित रहे।

ग्रामीण इलाकों के बच्चों के लिए इस तरह के आयोजन सिर्फ मनोरंजन ही नहीं बल्कि सामाजिक स्वीकार्यता

भावनात्मक जुड़ाव

और शिक्षा के प्रति सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाते हैं

यही वजह है कि गांववासियों ने भी ट्रस्ट और स्कूल टीम के इस प्रयास की सराहना की।

एथोमार्ट चैरिटेबल ट्रस्ट—समाज में बदलाव की दृढ़ पहल

एथोमार्ट चैरिटेबल ट्रस्ट की टीम लगातार शिक्षा

सामाजिक सहयोग

महिला सशक्तिकरण

और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए

काम करती रही है।

इस तरह के आयोजन उनकी प्रतिबद्धता को मजबूत बनाते हैं कि समाज के हर बच्चे तक शिक्षा और खुशियाँ पहुँचनी चाहिए।

बच्चों के लिए एक यादगार दिन, गांव ने महसूस किया ‘खुशियों का उत्सव’

छोटी भिलक गांव में मनाया गया यह बाल दिवस सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि मानवता, प्यार और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल बन गया।

एथोमार्ट चैरिटेबल ट्रस्ट और बीएलएस स्कूल के संयुक्त प्रयास ने यह साबित किया कि जब समाज मिलकर आगे बढ़ता है, तो बच्चे—जो भविष्य की असली नींव हैं—और भी मजबूत बनते हैं। यह दिन गांव के लिए एक यादगार उत्सव बनकर इतिहास में दर्ज हो गया।

इन महिलाओं ने न केवल कार्यक्रम को सफल बनाने में भूमिका निभाई बल्कि बच्चों के साथ समय बिताकर उन्हें प्रोत्साहित किया। बच्चों के साथ बैठकर बातें करना, उनकी कहानियाँ सुनना और उनके साथ हँसना—इन नन्हे दिलों के लिए यह एक बड़ी बात थी।

रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
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