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Noida Authority News: नोएडा में जाम से मिलेगी बड़ी राहत, गोल चक्कर से छिजारसी तक बदलेगा रोड डिजाइन, करीब 300 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी, सेक्टर-62, छिजारसी, DND, कालिंदी कुंज, हाजीपुर और फिल्म सिटी में होंगे बड़े बदलाव, सभी U-Turn होंगे NHAI मानकों के अनुरूप, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश की बड़ी पहल

नोएडा प्राधिकरण ने यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने, सड़कों की क्षमता बढ़ाने, पैदल यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के उद्देश्य से करीब 300 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश की पहल पर तैयार की गई इस योजना के तहत शहर के कई प्रमुख ट्रैफिक प्वाइंट पर सड़क, फुटपाथ, स्लिप रोड, यू-टर्न और चौराहों की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। योजना का खास फोकस उन स्थानों पर है जहां पीक आवर में वाहनों का दबाव बढ़ने से लंबे समय तक जाम की स्थिति बनती है।

नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा में रोजाना ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहे लाखों वाहन चालकों और राहगीरों के लिए राहत भरी खबर है। शहर के प्रमुख जाम वाले चौराहों और मार्गों की रोड इंजीनियरिंग को नए सिरे से व्यवस्थित करने की तैयारी शुरू हो गई है। नोएडा प्राधिकरण ने यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने, सड़कों की क्षमता बढ़ाने, पैदल यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के उद्देश्य से करीब 300 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश की पहल पर तैयार की गई इस योजना के तहत शहर के कई प्रमुख ट्रैफिक प्वाइंट पर सड़क, फुटपाथ, स्लिप रोड, यू-टर्न और चौराहों की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। योजना का खास फोकस उन स्थानों पर है जहां पीक आवर में वाहनों का दबाव बढ़ने से लंबे समय तक जाम की स्थिति बनती है।

सेक्टर-62 गोल चक्कर और छिजारसी में होगा बड़ा बदलाव

योजना में सबसे महत्वपूर्ण स्थानों में सेक्टर-62 गोल चक्कर और सेक्टर-63 छिजारसी शामिल हैं। छिजारसी में एफएनजी मार्ग के दोनों तरफ करीब 650 मीटर हिस्से में फुटपाथ की चौड़ाई कम कर सड़क के लिए एक अतिरिक्त लेन उपलब्ध कराने की योजना है। इससे इस मार्ग पर वाहनों के आवागमन की क्षमता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। यहां मौजूद ऑटो-टेंपो स्टैंड को भी व्यवस्थित करते हुए चौकी की तरफ उपलब्ध खाली स्थान पर स्थानांतरित करने की योजना है। इससे मुख्य सड़क के किनारे वाहनों के अनियोजित खड़े होने और यातायात में होने वाले व्यवधान को कम किया जा सकेगा।

इसी तरह सेक्टर-62 से मामूरा तक सड़क के डिजाइन में बदलाव किया जाएगा। सड़क को चौड़ा करने के साथ सर्विस रोड विकसित करने की योजना है। सेक्टर-62 गोल चक्कर की चौड़ाई को भी करीब दो मीटर कम करने का प्रस्ताव है, ताकि सड़क की उपलब्ध जगह का अधिक प्रभावी इस्तेमाल किया जा सके।

इलेक्ट्रॉनिक सिटी से NH-9 तक बनेगा हाईटेक स्काईवॉक

यातायात सुधार योजना में पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को भी प्रमुखता दी गई है। इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन, सेक्टर-63 से NH-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को पार कराने के लिए हाईटेक स्काईवॉक विकसित किया जाएगा। इस स्काईवॉक को आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार करने की योजना है, ताकि आम लोगों के साथ-साथ बुजुर्ग और दिव्यांगजन भी आसानी से इसका इस्तेमाल कर सकें। इससे लोगों को व्यस्त सड़कों को सीधे पार करने की जरूरत कम होगी और वाहनों के आवागमन में भी बाधा नहीं आएगी।

इसके अलावा सेक्टर-51, 52, 71 और 72 में अंडरपास के ऊपर लगने वाले जाम को कम करने के लिए भी स्काईवॉक निर्माण का काम चल रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पैदल यातायात को सड़क से अलग करते हुए वाहनों की आवाजाही को सुचारु बनाना है।

DND और कालिंदी कुंज की कनेक्टिविटी भी होगी बेहतर

नोएडा से दिल्ली आने-जाने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण DND और कालिंदी कुंज क्षेत्र में भी रोड इंजीनियरिंग के स्तर पर बदलाव प्रस्तावित हैं। DND पर आने-जाने वाले लूप को चौड़ा करने की योजना है। इससे यहां वाहनों के दबाव को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। वहीं कालिंदी कुंज में महामाया की तरफ सड़क की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी, जिससे इस मार्ग पर वाहनों की क्षमता बढ़ सके।

हाजीपुर रेड लाइट पर पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए फुटओवर ब्रिज बनाया जाएगा। इसके साथ ही पुलिस चौकी को चौराहे से पीछे स्थानांतरित करने की योजना है। इससे चौराहे के आसपास उपलब्ध सड़क स्थान का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकेगा।

फिल्म सिटी और नोएडा प्रवेश द्वार पर भी बढ़ेगी सड़क क्षमता

नोएडा प्रवेश द्वार से फिल्म सिटी की ओर जाने वाले मार्ग पर भी सड़क की क्षमता बढ़ाने की तैयारी है। इसके लिए फुटपाथ की चौड़ाई करीब डेढ़ फीट तक कम कर सड़क के लिए अतिरिक्त स्थान उपलब्ध कराने की योजना है। इसके अलावा सेक्टर-95 स्थित राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल के किनारे मौजूद पेड़ों को स्थानांतरित कर वहां सड़क की एक अतिरिक्त लेन विकसित करने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य सड़क पर वाहनों के दबाव को कम करना और यातायात को अधिक सुगम बनाना है।

हालांकि ऐसे कार्यों में पर्यावरणीय पहलुओं और संबंधित अनुमति का ध्यान रखना महत्वपूर्ण होगा। प्राधिकरण की योजना सड़क क्षमता बढ़ाने के साथ शहर के हरित क्षेत्र और पर्यावरणीय संतुलन को भी ध्यान में रखकर आगे बढ़ाने की है।

सभी U-Turn होंगे NHAI मानकों के अनुरूप

नोएडा की प्रमुख सड़कों एमपी-1, एमपी-2 और एमपी-3 पर भी स्लिप रोड और फुटपाथ की व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा। फुटपाथों को इस तरह विकसित करने पर जोर रहेगा कि बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांगजनों को आने-जाने में परेशानी न हो। शहर के विभिन्न हिस्सों में बने U-Turn को भी NHAI के मानकों के अनुरूप विकसित करने की योजना है। इससे यू-टर्न पर अचानक ब्रेक लगाने, गलत दिशा में वाहन आने और अनियोजित कट के कारण पैदा होने वाली दुर्घटना की आशंका को कम करने में मदद मिल सकती है।

जाम के साथ प्रदूषण कम करने पर भी जोर

करीब 300 करोड़ रुपये की इस योजना को केवल ट्रैफिक जाम से राहत देने वाली परियोजना के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। इसके जरिए राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत सड़क और यातायात व्यवस्था में सुधार कर प्रदूषण को नियंत्रित करने का भी लक्ष्य रखा गया है। प्राधिकरण के अनुसार ट्रैफिक जाम कम होने से वाहनों को लंबे समय तक सड़क पर रेंगने या खड़े रहने की जरूरत कम होगी। इससे वाहनों से निकलने वाले प्रदूषक तत्वों में कमी लाने में मदद मिल सकती है। सड़क और फुटपाथ की बेहतर सफाई के लिए मैकेनिकल स्वीपिंग की व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा, जिससे सड़क की धूल और उससे जुड़े वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी।

रोड इंजीनियरिंग में छोटे बदलाव, बड़ा असर

नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में ट्रैफिक समस्या का समाधान केवल नई सड़क बनाने से संभव नहीं है। मौजूदा सड़कों का वैज्ञानिक तरीके से इस्तेमाल, चौराहों की ज्यामिति में सुधार, स्लिप रोड की बेहतर डिजाइनिंग, उचित यू-टर्न, पैदल यात्रियों के लिए अलग व्यवस्था और सर्विस रोड जैसी सुविधाएं भी यातायात प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसी दृष्टिकोण से प्राधिकरण की यह योजना शहर के अलग-अलग हिस्सों में रोड इंजीनियरिंग के छोटे लेकिन प्रभावी बदलाव करने पर केंद्रित है।

इन इलाकों को मिलेगी प्राथमिकता

योजना के तहत प्रमुख रूप से सेक्टर-62 गोल चक्कर, छिजारसी, सेक्टर-62 से मामूरा, इलेक्ट्रॉनिक सिटी, NH-9, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, हाजीपुर, DND, कालिंदी कुंज, नोएडा प्रवेश द्वार, फिल्म सिटी और सेक्टर-95 समेत कई महत्वपूर्ण स्थानों पर काम प्रस्तावित है। अगर प्रस्तावित कार्य तय योजना के मुताबिक जमीन पर उतरते हैं तो नोएडा के कई प्रमुख जाम प्वाइंट पर यातायात व्यवस्था में सुधार देखने को मिल सकता है। खासकर सेक्टर-62 और छिजारसी जैसे व्यस्त क्षेत्रों में अतिरिक्त लेन, बेहतर स्लिप रोड और व्यवस्थित सार्वजनिक परिवहन स्टैंड से वाहनों की आवाजाही सुगम होने की उम्मीद है।

कृष्णा करुणेश के नेतृत्व में नोएडा प्राधिकरण की इस योजना का व्यापक लक्ष्य सड़क की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ पैदल यात्रियों की सुरक्षा, बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण को एक साथ साधना है। आने वाले समय में इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नोएडा के रोजाना के ट्रैफिक दबाव और जाम की समस्या पर इन सुधारों का कितना प्रभाव पड़ता है।

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