Breaking News : “अब इलाज के लिए नहीं दौड़ेंगे मरीज, बिसाहड़ा में बनेगा 100 बेड का सुपर फैसिलिटी अस्पताल!” — दादरी विधायक तेजपाल नागर और डीएम मेधा रूपम ने अफसरों संग की बड़ी समीक्षा बैठक, स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया ‘ऑक्सीजन’
विधायक तेजपाल नागर ने रखे विकास से जुड़े कई प्रस्ताव, डीएम मेधा रूपम ने दिखाई सख्ती, अनुपस्थित अफसरों पर जताई नाराजगी

गौतमबुद्धनगर/दादरी, रफ़्तार टूडे। दादरी विधानसभा क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए राहत और उम्मीद भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग कर रहे ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों को अब जल्द बड़ी सौगात मिल सकती है। दादरी विधानसभा के ग्राम बिसाहड़ा में प्रस्तावित 100 शैय्यायुक्त आधुनिक चिकित्सालय के निर्माण को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने गंभीरता दिखाते हुए बड़ी समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में दादरी विधायक तेजपाल नागर की मौजूदगी में जिलाधिकारी मेधा रूपम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ परियोजना की प्रगति, भूमि चिन्हांकन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर विस्तृत चर्चा की।
यह प्रस्तावित अस्पताल न केवल दादरी क्षेत्र बल्कि आसपास के गांवों और कस्बों के लिए भी एक बड़ी स्वास्थ्य सुविधा साबित होगा। माना जा रहा है कि अस्पताल बनने के बाद लोगों को छोटे-बड़े इलाज के लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
स्वास्थ्य सुविधाओं की नई तस्वीर गढ़ने की तैयारी
दादरी विधानसभा क्षेत्र लगातार तेजी से विकसित हो रहा है। औद्योगिक विकास, बढ़ती आबादी और शहरीकरण के बीच स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत भी तेजी से बढ़ी है। ऐसे में बिसाहड़ा में 100 बेड के अस्पताल की योजना को क्षेत्र के लिए “गेम चेंजर” माना जा रहा है।
समीक्षा बैठक में चिकित्सालय निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि की उपलब्धता, राजस्व अभिलेखों की स्थिति, तकनीकी स्वीकृतियां और प्रशासनिक औपचारिकताओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि यह परियोजना जनहित से जुड़ी हुई है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम मेधा रूपम ने दिखाई सख्ती, अनुपस्थित अफसरों पर जताई नाराजगी
बैठक के दौरान कुछ अधिकारियों की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधित अधिकारियों को स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि जनहित से जुड़ी परियोजनाओं में ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी और हर अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभानी होगी। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि— भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए
राजस्व रिकॉर्ड से जुड़ी बाधाएं तुरंत दूर हों
शासन को नियमानुसार रिपोर्ट शीघ्र भेजी जाए
निर्माण कार्य शुरू कराने में देरी न हो
डीएम ने यह भी कहा कि यह अस्पताल क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा और प्रशासन इसकी मॉनिटरिंग लगातार करेगा।
विधायक तेजपाल नागर ने रखे विकास से जुड़े कई प्रस्ताव
बैठक के दौरान दादरी विधायक तेजपाल सिंह नागर ने केवल अस्पताल निर्माण ही नहीं, बल्कि दादरी विधानसभा क्षेत्र से जुड़े अन्य विकास कार्यों और जनसमस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत है। विधायक ने कहा कि—“दादरी विधानसभा का समग्र विकास हमारी प्राथमिकता है। स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा और जनसुविधाओं को मजबूत किए बिना विकास अधूरा है।” उन्होंने अस्पताल परियोजना को जल्द धरातल पर उतारने की मांग करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

ग्रामीणों को मिलेगा बड़ा फायदा, दिल्ली-नोएडा पर घटेगा दबाव
बिसाहड़ा और आसपास के क्षेत्रों के लोग लंबे समय से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग कर रहे थे। वर्तमान में गंभीर बीमारियों या आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को नोएडा, ग्रेटर नोएडा या दिल्ली के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। इससे— समय की बर्बादी होती है
आर्थिक बोझ बढ़ता है
कई बार मरीजों की हालत और गंभीर हो जाती है। 100 बेड के इस अस्पताल के निर्माण से स्थानीय स्तर पर इलाज की सुविधा मजबूत होगी और हजारों परिवारों को राहत मिलेगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा अस्पताल
सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को शामिल किए जाने की तैयारी है। अस्पताल में— इमरजेंसी सेवाएं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, पैथोलॉजी और जांच सुविधाएं, विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं
आधुनिक वार्ड और उपचार इकाइयां जैसी व्यवस्थाएं विकसित किए जाने की संभावना है।
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें—
अपर जिलाधिकारी प्रशासन मंगलेश दुबे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार, उप जिलाधिकारी दादरी अनुज नेहरा, अधिशासी अभियंता नगर पालिका परिषद शालिनी गुप्ता, तहसीलदार दादरी प्रतीक चौहान, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी चंदन सोनी लोक निर्माण विभाग सहित अन्य संबंधित अधिकारी विशेष रूप से मौजूद रहे।
जनता में खुशी, अस्पताल को बताया “जीवन रक्षक परियोजना”
क्षेत्रीय लोगों और ग्रामीणों ने अस्पताल निर्माण की दिशा में हुई इस बैठक का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि यदि यह परियोजना जल्द शुरू हो जाती है तो दादरी क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिलेगा।
ग्रामीणों का कहना है कि— “अब इलाज के लिए घंटों का सफर नहीं करना पड़ेगा। गांव के पास ही बेहतर अस्पताल मिलने से गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा।”



