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Independent Day News : ग्राम खाम्बी में हिन्दु जन-जागृति मंच द्वारा तिरंगा यात्रा एवं शहीद सम्मान समारोह का भव्य आयोजन, यात्रा में हाथों में लहराते राष्ट्रीय ध्वज लिए ग्रामीण, महिलाएँ, बच्चे और युवा शामिल हुए, देशभक्ति से ओतप्रोत गीतों ने हर किसी की आँखों को नम कर दिया।


हरियाणा, रफ़्तार टुडे।
ग्राम खाम्बी (पलवल) में आज़ादी का अमृत महोत्सव पूरे गौरव और उत्साह के साथ मनाया गया। भारत सरकार के तिरंगा यात्रा पखवाड़े के आह्वान पर हिन्दु जन-जागृति मंच, ग्राम खाम्बी की ओर से एक ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा एवं शहीद सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर गाँव के सैकड़ों लोगों ने देशभक्ति के रंग में सराबोर होकर हिस्सा लिया और अमर शहीदों को नमन किया।


तिरंगा यात्रा – शहीद की समाधि से निकली ऐतिहासिक पदयात्रा

समारोह की शुरुआत गाँव के वीर शहीद भाई युधिष्ठिर जी की समाधि स्थल से हुई। समाधि पर उपस्थित सभी गणमान्य नागरिकों ने पुष्पांजलि अर्पित कर शहीद को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इसके बाद एक विशाल तिरंगा यात्रा का शुभारंभ हुआ।

यात्रा में हाथों में लहराते राष्ट्रीय ध्वज लिए ग्रामीण, महिलाएँ, बच्चे और युवा शामिल हुए।

गगनभेदी नारों – “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “शहीद अमर रहें” – से पूरा वातावरण देशभक्ति से गूंज उठा।

यात्रा गाँव की मुख्य गलियों और चौपालों से होते हुए मढ़ी वाले मंदिर परिसर पहुँची, जहाँ आगे का कार्यक्रम आयोजित किया गया।


सांस्कृतिक कार्यक्रम और शहीदों को श्रद्धांजलि

मढ़ी वाले मंदिर में पहुँची यात्रा का स्वागत देशभक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ। मंच पर स्थानीय कलाकारों और विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित नाटक, कविताएँ और गीत प्रस्तुत किए।

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ग्राम खाम्बी में हिन्दु जन-जागृति मंच द्वारा तिरंगा यात्रा एवं शहीद सम्मान समारोह का भव्य आयोजन

देशभक्ति से ओतप्रोत गीतों ने हर किसी की आँखों को नम कर दिया।

बच्चों द्वारा प्रस्तुत “झांसी की रानी” और “शहीदों की कहानियाँ” पर आधारित नाटक ने सभी को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था – युवाओं और अगली पीढ़ी को स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से परिचित कराना।


वीर फ़ौजियों और समाज सेवियों का सम्मान

समारोह में मंच की ओर से उपस्थित वीर फ़ौजी भाइयों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उन्हें शॉल ओढ़ाकर और स्मृति-चिह्न भेंट किए गए।

इसके साथ ही –

अहिल्याबाई होलकर समिति

परशुराम सेवा समिति

और विभिन्न समाजों के बुजुर्गों को भी मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया।

यह सम्मान समारोह इस बात का प्रतीक था कि समाज अपने शहीदों और सैनिकों के योगदान को कभी नहीं भूलता।


1600 मीटर दौड़ प्रतियोगिता – युवाओं में जोश

शहीद भाई युधिष्ठिर जी की स्मृति में उनके छोटे भाई सागर की ओर से एक विशेष 1600 मीटर दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया। प्रतियोगिता में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

परिणाम इस प्रकार रहे:

प्रथम स्थान – सचिन बैंसला (पुरस्कार ₹1100 + टी-शर्ट + ट्रॉफी)

द्वितीय स्थान – भाई बोल्ट (पुरस्कार ₹500 + टी-शर्ट + ट्रॉफी)

तृतीय स्थान – पंकज (पुरस्कार ₹100 + टी-शर्ट + ट्रॉफी)

अन्य 7 प्रतिभागियों को भी प्रोत्साहन स्वरूप टी-शर्ट और ट्रॉफी प्रदान की गई।
प्रतियोगिता के विजेताओं को मुख्य अतिथि भाई गौरव भारद्वाज ने मंच पर सम्मानित किया।


विशेष अतिथि और शहीद परिवार की उपस्थिति

कार्यक्रम की गरिमा उस समय और बढ़ गई जब शहीद परिवार स्वयं मंच पर मौजूद रहा।

शहीद युधिष्ठिर जी के पिता ऋषिदेव उर्फ विशन दादा कार्यक्रम के मुख्य केंद्र में रहे।

मंच पर ग्राम के कई गणमान्य अतिथि और वरिष्ठ नागरिक भी उपस्थित थे।

विशेष रूप से उपस्थित रहे:
लालचंद, ओमप्रकाश शर्मा, सरपंच पंडित जगदीश, सरपंच पंडित हरिदत्त, बी वी एन स्कूल के चैयरमैन मोहन शर्मा, ताराचंद, सुंदर मास्टर जी, मोहित मनोहर (राष्ट्रीय कवि), संजय प्रजापति, योगी, सतीश एकांत (राष्ट्रीय कवि), घनश्याम, राजेश, सागर, हरि शंकर, जितेश, श्याम सुंदर, कौशल, अशोक, रोहतास, चंदाराम, मोनू, खेमचंद, शिव कुमार, मदन लाल, रवि, मटरु, दीपक, गिरधर, जोगिंदर, मनीष, प्रहलाद, चंद्र प्रकाश, सतीश, विनीत, हरगोविंद जी आदि।

उनकी उपस्थिति ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।


समारोह का उद्देश्य

आयोजकों का कहना था कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य है –

नागरिकों में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत करना,

युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों से परिचित कराना,

और समाज में एकता व अखंडता का संदेश प्रसारित करना।

गाँववासियों ने यह भी संकल्प लिया कि हर साल इस तरह का आयोजन और अधिक भव्य रूप से किया जाएगा।


ग्रामीणों की भावनाएँ

ग्रामीणों ने गर्व से कहा –

“हमारे गाँव के वीर सपूत ने देश की मिट्टी के लिए बलिदान दिया है। उनकी याद में किया गया यह आयोजन हमें हर दिन यह याद दिलाता है कि स्वतंत्रता हमें यूँ ही नहीं मिली।”

बच्चों ने भी उत्साह से कहा –

“हम शहीदों की कहानियों को पढ़ेंगे और उन्हें अपनी जिंदगी का आदर्श बनाएंगे।”


सोशल मीडिया और राष्ट्रीय गूंज

यह आयोजन केवल गाँव तक सीमित नहीं रहा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इसकी तस्वीरें और वीडियो वायरल होते ही लोग ग्राम खाम्बी के देशभक्ति भाव की सराहना करने लगे।

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निष्कर्ष

ग्राम खाम्बी में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह राष्ट्रभक्ति की एक सशक्त अभिव्यक्ति थी। तिरंगा यात्रा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, शहीद सम्मान और खेल प्रतियोगिताओं ने पूरे गाँव को एक सूत्र में बाँध दिया।

यह संदेश साफ था –
👉 “शहीदों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा और आने वाली पीढ़ियों तक उनकी गाथा पहुँचाई जाएगी।”



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