Breaking News : “जेवर एयरपोर्ट से पहले सियासत गरम”, किसानों के हक, सरकार की नीतियों और ‘विकास’ पर कांग्रेस का बड़ा हमला, “कथनी बनाम करनी” सरकार पर जनविरोधी नीतियों का आरोप, “जेवर एयरपोर्ट पर भी सवाल” विकास या विस्थापन?, “मेट्रो के सपने, हकीकत अधूरी” ग्रेटर नोएडा वेस्ट का मुद्दा
कांग्रेस नेता दुष्यंत नागर ने केंद्र सरकार की विदेश नीति को भी विफल बताया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की कूटनीतिक स्थिति कमजोर हुई है और पड़ोसी देशों के साथ संतुलन बनाए रखने में सरकार सफल नहीं रही है।

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित गौतमबुद्ध नगर दौरे से ठीक पहले जिले की सियासत गरमा गई है। जिला कांग्रेस कमेटी गौतमबुद्ध नगर के अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब में एक तीखी प्रेस वार्ता कर केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें किसानों, स्थानीय निवासियों और युवाओं से जुड़े कई अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
“कथनी बनाम करनी”: सरकार पर जनविरोधी नीतियों का आरोप
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए दीपक भाटी चोटीवाला ने केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि दोनों सरकारें जनहित के बजाय “जनविरोधी नीतियों” पर काम कर रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों और स्थानीय निवासियों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका कहना था कि सरकारें विकास के बड़े-बड़े दावे तो करती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात बिल्कुल अलग हैं।
“किसानों की अनदेखी”: मुलाकात तक का समय नहीं!
दीपक भाटी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गौतमबुद्ध नगर का कई बार दौरा करते हैं, लेकिन अब तक उन्होंने कभी भी किसानों से सीधे संवाद करने या उनकी समस्याओं को सुनने की पहल नहीं की।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आंदोलन कर रहे किसानों और कार्यकर्ताओं को लखनऊ बुलाकर दबाव बनाने की कोशिश की जाती है, जबकि किसानों के शोषण में शामिल अधिकारियों को संरक्षण दिया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, मुख्यमंत्री के दौरे से पहले विपक्षी नेताओं को नजरबंद करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
“जेवर एयरपोर्ट पर भी सवाल”: विकास या विस्थापन?
प्रेस वार्ता में जेवर एयरपोर्ट परियोजना को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए। कांग्रेस का कहना है कि इस परियोजना का असली श्रेय स्थानीय किसानों को जाता है, लेकिन उन्हें ही उजाड़कर विकास का दावा किया जा रहा है।
दीपक भाटी ने कहा कि एयरपोर्ट से प्रभावित किसानों के साथ दमनात्मक रवैया अपनाया जा रहा है और उनके अधिकारों का हनन हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मुलाकात कर किसानों के साथ न्याय की मांग करेगा।
“अधिग्रहण से रोजगार तक”: समस्याओं की लंबी सूची
प्रेस वार्ता के दौरान जिले की कई जमीनी समस्याओं को विस्तार से सामने रखा गया। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
भूमि अधिग्रहण के बदले मिलने वाले 10% भूखंड के मामले वर्षों से लंबित
किसान आबादी निस्तारण के मुद्दे 2017 से अटके
औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता नहीं
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरणों में मनमानी और भ्रष्टाचार के आरोप
गांवों में सीवर, सड़क और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी
इन मुद्दों को उठाते हुए कांग्रेस ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए।
“मेट्रो के सपने, हकीकत अधूरी”: ग्रेटर नोएडा वेस्ट का मुद्दा
ग्रेटर नोएडा वेस्ट को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा। पार्टी नेताओं ने कहा कि मेट्रो परियोजना के नाम पर लोगों को सपने दिखाए गए, लेकिन आज तक जमीनी स्तर पर कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।
इसके अलावा लाखों लोगों को फ्लैट और मालिकाना हक नहीं मिलने, सार्वजनिक परिवहन की कमी और महंगी शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया।
“महंगाई और गिरती अर्थव्यवस्था”: केंद्र सरकार पर निशाना
दीपक भाटी ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि देश की आर्थिक स्थिति चिंताजनक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि रुपया लगातार कमजोर हो रहा है, महंगाई चरम पर है और आम आदमी का जीवन संकट में है। इसके बावजूद प्रधानमंत्री ज्वलंत मुद्दों के बजाय चुनावी कार्यक्रमों में व्यस्त हैं।
“विदेश नीति पर भी सवाल”: दुष्यंत नागर का बयान
प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता दुष्यंत नागर ने केंद्र सरकार की विदेश नीति को भी विफल बताया।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की कूटनीतिक स्थिति कमजोर हुई है और पड़ोसी देशों के साथ संतुलन बनाए रखने में सरकार सफल नहीं रही है।
“आंदोलन की चेतावनी”: सड़क पर उतरने की तैयारी
कांग्रेस ने साफ तौर पर चेतावनी दी कि यदि किसानों, युवाओं और आम जनता की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो पार्टी व्यापक जन आंदोलन शुरू करेगी।
यह बयान आने वाले दिनों में जिले की राजनीति में और गर्मी लाने का संकेत दे रहा है, खासकर तब जब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का दौरा प्रस्तावित है।
“कई नेता रहे मौजूद”
इस प्रेस वार्ता में दुष्यंत नागर, मुकेश शर्मा, नीरज लोहिया, महाराज सिंह नागर, श्रुति कुमारी, अरुण गुर्जर, गौतम सिंह, आर.के. प्रथम, देवेश चौधरी, पुनीत मावी, सुबोध भट्ट, रमेश वाल्मीकि, सचिन जीनवाल, अमित कुमार सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
“दौरे से पहले सियासी घमासान”
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के दौरे से पहले यह प्रेस वार्ता जिले की सियासत में नई बहस छेड़ गई है। एक ओर सरकार विकास के बड़े दावे कर रही है, वहीं विपक्ष इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल उठा रहा है।
आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इन मुद्दों पर कोई ठोस समाधान निकलता है या सियासी बयानबाजी और तेज होती है।



