शिक्षाग्रेटर नोएडा

Ryan International School : रयान स्कूल ग्रेटर नोएडा ने लिया पर्यावरण रक्षा का संकल्प, "एक पेड़ माँ के नाम" पर रोपे 500 पौधे, गूंजा हरियाली का मंत्र!, प्रकृति को समर्पित नीम से लेकर गुलाब तक हर पौधे में बसी भावनाएं


ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
जहां पर्यावरणीय संकट पूरी दुनिया में चिंता का विषय बना हुआ है, वहीं रयान इंटरनेशनल स्कूल, ग्रेटर नोएडा ने एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। विद्यालय ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को न केवल आत्मसात किया, बल्कि उसे जन-जन तक पहुंचाने का कार्य भी किया। छात्रों, शिक्षकों और प्रधानाचार्य की सहभागिता से यह अभियान एक पर्यावरणीय उत्सव बन गया।


जब बच्चे बने धरती माता के सच्चे सेवक, रोपे 500 से अधिक पौधे

रयान इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों ने ग्रेटर नोएडा के विभिन्न सोसाइटीज़ और इलाकों में लगभग 500 पौधे लगाए, जोकि न केवल संख्यात्मक रूप से महत्त्वपूर्ण था, बल्कि इसका भावनात्मक पक्ष भी उतना ही सशक्त था।
एमएसएक्स अल्फा सोसाइटी, सेक्टर डेल्टा-1, एल्डेको ग्रीन मीडोज, सीनियर सिटीजन सोसाइटी, साकीपुर गाँव और सेक्टर-पाई जैसे इलाकों में छात्रों ने पौधरोपण करके यह साबित कर दिया कि युवा पीढ़ी ही हरित भारत की असली धरोहर है


प्रकृति को समर्पित: नीम से लेकर गुलाब तक हर पौधे में बसी भावनाएं

छात्रों ने जिन पौधों को चुना, वे भी सोच-समझकर तय किए गए। इनमें शामिल थे:

  • नीम, गुलमोहर, कटहल, जामुन और अमरूद जैसे फलदार और औषधीय गुणों से भरपूर पेड़
  • गुड़हल, गुलाब और चमेली जैसे सौंदर्य बढ़ाने वाले फूलों के पौधे
  • आंवला और चीकू, जिनका न केवल पोषण में योगदान है, बल्कि पर्यावरण में भी अहम भूमिका होती है।

इन पौधों का चयन न केवल स्थानीय जलवायु और पारिस्थितिकी को ध्यान में रखकर किया गया, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया गया कि वे लंबे समय तक टिकाऊ रहें और पर्यावरणीय लाभ प्रदान करें।


जब शिक्षा बन गई हरियाली की पाठशाला

रयान स्कूल ने यह दिखा दिया कि शिक्षा केवल कक्षा तक सीमित नहीं है। “सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स” (SDGs) को केंद्र में रखते हुए छात्रों को वास्तविक दुनिया के पर्यावरणीय कार्यों में भाग लेने का अवसर दिया गया।
इस अवसर पर स्कूल की प्रधानाचार्य श्रीमती सुधा सिंह ने भी एक सोसाइटी में पौधारोपण कर इस मुहिम को अपना समर्थन दिया।


प्रधानाचार्य सुधा सिंह का संदेश: हर बच्चा बने पर्यावरण प्रहरी

श्रीमती सुधा सिंह ने इस कार्यक्रम के दौरान “एक पेड़ माँ के नाम” थीम को गहराई से सराहा और कहा:

“हमें इस बात की जिम्मेदारी लेनी होगी कि हम अपनी धरती माता को उतना ही सम्मान दें, जितना हम अपनी माँ को देते हैं। हर पौधा केवल ऑक्सीजन नहीं देता, वह संवेदनाओं का प्रतीक है, जीवन का स्तंभ है।”

उन्होंने रयान ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. ए.एफ. पिंटो के हरित दृष्टिकोण की भी सराहना की और कहा कि “आज के छात्रों में पर्यावरणीय चेतना जगाना रयान स्कूल की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।”


एक कदम वृक्षारोपण का, हज़ार कदम स्थायी भविष्य की ओर

आज जब वायु प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और तापमान वृद्धि जैसी समस्याएं मानव अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न लगा रही हैं, ऐसे में एक पौधा लगाना भी प्रतिरोध का प्रतीक बन चुका है
रयान स्कूल का यह प्रयास यह संदेश देता है कि स्कूल और छात्र यदि साथ आ जाएं, तो कोई भी पर्यावरणीय लक्ष्य असंभव नहीं है


बच्चों ने बोए हरियाली के बीज, भावी पीढ़ी को मिलेगा फल

इस पहल के माध्यम से बच्चों ने केवल पौधे नहीं लगाए, उन्होंने पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सामाजिक सहभागिता का भाव भी सीखा। कई बच्चों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि—

  • “मुझे अच्छा लगा जब मैंने मिट्टी में पौधा रोपा, लगा जैसे मैंने जीवन का एक बीज बो दिया।”
  • “मैं हर दिन उस पौधे को देखने जाऊँगा, जैसे वह मेरा छोटा भाई हो।”
  • “अब जब मैं सड़क पर पेड़ कटते देखता हूँ, तो दुख होता है।”

इन मासूम भावनाओं में वह ताकत है जो हरियाली की असली क्रांति लाने में सक्षम है।


वृक्षारोपण के बहाने सामाजिक समरसता भी

छात्रों ने जिस प्रकार से विभिन्न सोसाइटीज़ में जाकर लोगों से बातचीत की, उन्हें पर्यावरण के लिए जागरूक किया, वह एक सामाजिक समरसता का भी प्रतीक बना।
सीनियर सिटीजन सोसाइटी के बुजुर्गों ने बच्चों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा:

“हमने बहुत समय बाद किसी नई पीढ़ी को इतनी गंभीरता से पर्यावरण के लिए काम करते देखा है। ये बच्चे हमारे लिए आशा की किरण हैं।”


निष्कर्ष: वृक्षारोपण एक दिन का कार्यक्रम नहीं, जीवन का संकल्प है

रयान इंटरनेशनल स्कूल, ग्रेटर नोएडा ने यह दिखा दिया कि यदि शिक्षण संस्थान अपने छात्रों को जागरूक बना दें, तो हर अभियान जन आंदोलन में बदल सकता है
“एक पेड़ माँ के नाम” केवल एक अभियान नहीं, यह एक भावनात्मक आंदोलन है, जिसमें प्रकृति, परंपरा और पर्यावरणीय जिम्मेदारी एक साथ मिलती हैं।


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