Breaking News : 15वीं मंज़िल से मौत की खामोश छलांग!, खेलते-खेलते बालकनी तक पहुंचा 4 साल का मासूम, ग्रेटर नोएडा की हाईराइज सोसायटी में मातम… एक पल की चूक ने बुझा दिया ‘अंश’ का बचपन, चीख-पुकार से गूंज उठी पूरी सोसायटी

ग्रेटर Noida, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा की चमचमाती हाईराइज सोसायटियों के बीच बुधवार को एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने हर माता-पिता को अंदर तक झकझोर दिया। ऊंची इमारतों और आधुनिक सुविधाओं के बीच सुरक्षा में हुई एक छोटी सी लापरवाही ने चार साल के मासूम बच्चे की जिंदगी छीन ली। कासना थाना क्षेत्र के सेक्टर ओमीक्रॉन-1ए स्थित लोहिया एनक्लेव सोसायटी में खेलते-खेलते एक मासूम बच्चा 15वीं मंजिल से नीचे गिर गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है।
खेलते-खेलते मौत की तरफ बढ़ गया मासूम ‘अंश’
जानकारी के मुताबिक मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रहने वाले अरुण अपनी पत्नी के साथ लोहिया एनक्लेव सोसायटी के टॉवर-D में एक फ्लैट के रेनोवेशन कार्य में लगे हुए थे। फ्लैट अभी निर्माणाधीन स्थिति में था और अंदर कई तरह का काम चल रहा था। इसी दौरान उनका चार वर्षीय बेटा ‘अंश’ फ्लैट के अंदर खेल रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, काम में व्यस्त माता-पिता कुछ देर के लिए बच्चे पर ध्यान नहीं दे पाए। खेलते-खेलते अंश बालकनी की ओर चला गया। बताया जा रहा है कि बालकनी में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। रेलिंग के आसपास खुला हिस्सा होने की वजह से बच्चा अचानक असंतुलित हो गया और सीधे 15वीं मंजिल से नीचे गिर पड़ा। नीचे गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत बच्चे को संभालने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मासूम अंश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
चीख-पुकार से गूंज उठी पूरी सोसायटी
जैसे ही हादसे की जानकारी लोगों को मिली, सोसायटी में हड़कंप मच गया। टॉवर के नीचे बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। बच्चे की मां की चीखें सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसा इतना भयावह था कि जिसने भी देखा, उसकी रूह कांप गई। स्थानीय निवासियों ने बताया कि सोसायटी में कई फ्लैट्स का रेनोवेशन चल रहा है और कई जगह सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। निर्माण कार्य के दौरान खुली बालकनियां, अस्थायी रेलिंग और बिना सुरक्षा बैरिकेड के काम होने से लगातार खतरा बना रहता है।
बिना पोस्टमार्टम कराए शव लेकर चले गए परिजन
घटना की सूचना मिलते ही कासना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी ली। हालांकि, इस दर्दनाक हादसे से टूट चुके परिजनों ने किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई कराने से इनकार कर दिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक परिवार ने न तो कोई लिखित शिकायत दी और न ही पोस्टमार्टम कराने की सहमति दी। परिजन मासूम के शव को अपने साथ अंतिम संस्कार के लिए लेकर चले गए। इस फैसले के बाद माहौल और भी भावुक हो गया।
पुलिस ने शुरू की जांच, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
कासना थाना पुलिस का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि निर्माणाधीन फ्लैट में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। इस घटना के बाद हाईराइज सोसायटियों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लगातार बढ़ती ऊंची इमारतों के बीच बालकनी सुरक्षा, निर्माण स्थल प्रबंधन और बच्चों की निगरानी जैसे मुद्दे अब बेहद संवेदनशील बन चुके हैं।
हाईराइज सोसायटी में बढ़ता खतरा, कब जागेंगे जिम्मेदार?
ग्रेटर नोएडा और नोएडा एक्सटेंशन में तेजी से हाईराइज अपार्टमेंट्स बन रहे हैं। हजारों परिवार इन ऊंची इमारतों में रह रहे हैं, लेकिन कई बार सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित दिखाई देती है। विशेषज्ञों का कहना है कि—
निर्माणाधीन फ्लैट्स में बच्चों का प्रवेश नियंत्रित होना चाहिए
बालकनी और खिड़कियों पर अस्थायी सुरक्षा जाल जरूरी है
रेनोवेशन साइट्स पर सेफ्टी बैरिकेड अनिवार्य किए जाने चाहिए
बच्चों वाले परिवारों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए
एक छोटी सी लापरवाही कभी-कभी जिंदगीभर का दर्द बन जाती है, और अंश का मामला इसी का सबसे दर्दनाक उदाहरण बन गया।
“एक पल की चूक… और हमेशा के लिए खामोशी”
इस हादसे ने पूरे शहर को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या आधुनिक इमारतों के साथ आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था भी उतनी ही मजबूत हो रही है? चार साल का अंश अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी मौत कई सवाल छोड़ गई है—क्या निर्माण स्थलों पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त नियम लागू हैं? क्या सोसायटी प्रबंधन पर्याप्त निगरानी कर रहे हैं? और सबसे बड़ा सवाल… आखिर ऐसी घटनाएं रुकेंगी कब?



