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Samajwadi MLC News : “सपा प्रत्याशी प्रमेंद्र भाटी ने बार से शुरू की सम्मान की जंग, अधिवक्ताओं के बीच छिड़ी साइकिल की रफ्तार — एमएलसी स्नातक चुनाव में दिखा जोश, विश्वास और वचनबद्धता का संगम, गौतमबुद्धनगर से मेरठ-सहारनपुर तक गूंजा नाम – अधिवक्ताओं ने कहा, यह चुनाव नहीं, सम्मान की लड़ाई है!

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। राजनीति के अखाड़े में जब ‘सम्मान’ का मुद्दा उठता है, तो अधिवक्ताओं की आवाज़ सबसे बुलंद सुनाई देती है। और इस बार स्नातक एमएलसी चुनाव में यह आवाज़ सपा प्रत्याशी प्रमेंद्र भाटी के समर्थन में गूंज उठी है। समाजवादी पार्टी ने जब मेरठ-सहारनपुर खंड से गौतमबुद्धनगर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमेंद्र भाटी को उम्मीदवार घोषित किया, तो पूरे ज़िले के अधिवक्ताओं में जोश की लहर दौड़ गई। सोमवार को उन्होंने अपनी ‘बार फैमिली’ से ही चुनावी अभियान का आगाज़ किया और “अधिवक्ताओं के सम्मान” को अपना सबसे बड़ा मुद्दा बताया।

बार एसोसिएशन में मिला स्नेह और समर्थन, अधिवक्ताओं ने कहा – ‘हम साथ हैं’

बार परिसर में प्रवेश करते ही प्रमेंद्र भाटी का स्वागत फूलमालाओं और बुके से हुआ। अधिवक्ताओं ने नारे लगाए “साइकिल चलाओ, सम्मान बचाओ!”
“अधिवक्ताओं की शान – प्रमेंद्र भाटी महान!”

यह दृश्य किसी राजनीतिक सभा से कम नहीं था। बार एसोसिएशन गौतमबुद्धनगर के सचिव अजीत नागर समेत सैकड़ों अधिवक्ताओं ने खुलकर समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल राजनीतिक नहीं बल्कि अधिवक्ताओं की प्रतिष्ठा का प्रतीक है।

भाटी ने इस मौके पर कहा “अखिलेश यादव जी ने मुझ पर नहीं, बल्कि मेरे पूरे अधिवक्ता परिवार पर विश्वास जताया है। यह चुनाव हम सबके आत्म-सम्मान की लड़ाई है, और इसमें हर अधिवक्ता की भागीदारी जरूरी है।”

साइकिल’ की रफ्तार – चैंबर से चैंबर पहुंचा संदेश

चुनावी अभियान की शुरुआत बार परिसर से चैंबर-टू-चैंबर अपील से हुई। प्रमेंद्र भाटी खुद अधिवक्ताओं के पास पहुंचे, उनका हाल जाना और उन्हें मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्नातक एमएलसी का यह चुनाव शिक्षित वर्ग की आवाज़ को विधान परिषद तक पहुंचाने का माध्यम है।

अधिवक्ताओं ने भी भाटी का साथ देते हुए कहा कि वे अपने-अपने साथियों, परिवार और सहयोगियों के वोट सुनिश्चित करेंगे ताकि अधिवक्ताओं की ताकत विधान परिषद में गूंज सके।

यह साइकिल नहीं, सम्मान का प्रतीक है” – बोले प्रमेंद्र भाटी

प्रमेंद्र भाटी ने कहा कि “साइकिल समाजवादी सोच और संघर्ष की पहचान है। इस चुनाव में साइकिल सिर्फ चुनाव चिन्ह नहीं, बल्कि अधिवक्ताओं के सम्मान और आवाज़ का प्रतीक बन चुकी है।”

उन्होंने आगे कहा कि जब अधिवक्ता और शिक्षित वर्ग एकजुट होंगे, तो समाज में न्याय, सम्मान और समानता की भावना मजबूत होगी।
उन्होंने अधिवक्ताओं से कहा “आपका एक-एक वोट उस सोच को मज़बूत करेगा जो शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष करती है।”

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सपा प्रत्याशी प्रमेंद्र भाटी ने बार से शुरू की सम्मान की जंग, अधिवक्ताओं के बीच छिड़ी साइकिल की रफ्तार — एमएलसी स्नातक चुनाव में दिखा जोश

अधिवक्ताओं में दिखा उत्साह, पूरे परिसर में बना जन-सैलाब जैसा माहौल

पूरा कोर्ट परिसर सपा के झंडों और नारों से गूंज उठा। युवा अधिवक्ताओं से लेकर वरिष्ठ अधिवक्ताओं तक, सभी ने प्रमेंद्र भाटी का स्वागत किया।
फूल-मालाओं से लदे भाटी के साथ जो उत्साह देखा गया, उसने साफ कर दिया कि यह चुनाव केवल एक उम्मीदवार की लड़ाई नहीं बल्कि अधिवक्ता बिरादरी की एकजुटता की मिसाल बनने जा रहा है।

बार परिसर में मौजूद कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने कहा कि भाटी हमेशा अधिवक्ता समाज की आवाज़ बने हैं, और विधान परिषद में पहुंचकर वह इस आवाज़ को और बुलंद करेंगे।

अधिवक्ता परिवार से मिला स्नेह और सहयोग का वादा

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिवक्ताओं में प्रमुख रूप से अजीत नागर, ब्रहम सिंह नागर, प्रेमराज पथिक, राजेंद्र नागर, रामशरण नागर, बलवीर सुमन, संजय सिंह, ओमप्रकाश मधुर, मुकेश कर्दम, वैभव मित्तल, अमित यादव, ह्रदेश रावल, राजकुमार नागर, अजय यादव, विनीत यादव, रेशराम चौधरी, राकेश गौतम, विषाल नागर समेत अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे।

सभी ने एक सुर में कहा “यह लड़ाई अब सिर्फ मेरठ-सहारनपुर की नहीं, पूरे पश्चिम उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं के सम्मान की है।”

अधिवक्ता और शिक्षित वर्ग की एकजुटता – राजनीति में नई दिशा

राजनीति के इस दौर में जहां जाति और धर्म की दीवारें चुनाव को प्रभावित करती हैं, वहीं स्नातक एमएलसी चुनाव एक अलग मिसाल पेश करता है। इस चुनाव में शिक्षित वर्ग और अधिवक्ता बिरादरी की भूमिका अहम मानी जाती है।

भाटी के समर्थन में कई शिक्षकों, प्रोफेसरों और समाजसेवियों ने भी सोशल मीडिया पर संदेश साझा किए। उन्होंने लिखा “यह चुनाव सम्मान, शिक्षा और न्याय की सोच को मजबूत करने का अवसर है।”

गौतमबुद्धनगर से सहारनपुर तक” – एक नई एकता की शुरुआत

भाटी के नामांकन के बाद से गौतमबुद्धनगर से लेकर सहारनपुर तक अधिवक्ताओं में सक्रियता और उत्साह का माहौल है। कई बार एसोसिएशनों ने मीटिंग्स बुलाकर चुनावी रणनीति तय करना शुरू कर दिया है।
भाटी ने भी ऐलान किया कि आने वाले दिनों में वे मेरठ, मुज़फ्फरनगर, सहारनपुर और शामली जिलों में अधिवक्ताओं से संवाद करेंगे।

सम्मान की इस जंग में अधिवक्ताओं का एकजुट होना, समाजवादी पार्टी के लिए बड़ी ताकत साबित हो सकता है

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रमेंद्र भाटी की सादगी, संगठन क्षमता और अधिवक्ताओं के बीच मजबूत पकड़ इस चुनाव में साइकिल की रफ्तार बढ़ा सकती है।
भाटी की छवि एक जनसेवी और संगठनशील अधिवक्ता नेता की रही है, जो अब राजनीतिक पटल पर अपनी भूमिका निभाने को तैयार हैं।

अंत में… “यह लड़ाई कुर्सी की नहीं, कर्तव्य की है” – भाटी का संदेश

प्रमेंद्र भाटी ने कहा “मैं इस चुनाव को अपने सम्मान से ज्यादा अधिवक्ताओं के विश्वास की कसौटी मानता हूं। यह कुर्सी की नहीं, कर्तव्य की लड़ाई है। और इस लड़ाई में हर अधिवक्ता, हर शिक्षित नागरिक मेरे साथ है।”

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Raftar Today
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